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अब ब्लड, यूरीन की जांच करने वाली पैथोलोजी लैब के बाहर लगानी होगी रेट लिस्ट

क्लीनिकल एस्टेब्लीशमेंट एक्ट के तहत सरकारी व निजी लैब का पंजीकरण करवाना अनिवार्य

Dainik Bhaskar

Aug 12, 2018, 12:57 PM IST
pathology labs to tell the rate list of tests

जयपुर। खून, यूरीन, ब्लड शुगर, लीवर फंक्शन, लिपिड प्रोफाइल, कैल्शियम, इलेक्ट्रोलाइट, ब्लड क्लोटिंग जांच करने वाली सरकारी व निजी पैथोलोजी लैब को क्लीनिकल एस्टेब्लीशमेंट एक्ट के तहत रजिस्ट्रेशन करवाना अनिवार्य हो गया है। पहले प्रोविजनल तथा बाद में स्थायी पंजीकरण संबंधित जिले के मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (सीएमएचओ) कार्यालय में करवाना पड़ेगा।

एक्ट के अनुसार लैब के बाहर उपलब्ध जांच की न केवल रेट लिस्ट बल्कि स्टाफ की योग्यता भी लिखनी होगी। सरकार ने स्वास्थ्य मंत्रालय के निर्देश पर नियमों की पालना के लिए अतिरिक्त मुख्य सचिव, मिशन निदेशक (नेशनल हैल्थ मिशन), समस्त जिला कलेक्टर, जोन के संयुक्त निदेशक, मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (सीएमएचओ), प्रमुख चिकित्सा अधिकारी (पीएमओ) को जिम्मेदारी दी है।

स्वास्थ्य मंत्रालय को राजस्थान समेत दिल्ली व अन्य राज्यों में लैब की जांच में गड़बड़ी तथा अप्रशिक्षित के हाथों होने की शिकायत मिल रही थी। हाल ही दिल्ली में एक रैकेट का पुलिस ने खुलासा किया था। उल्लेखनीय है कि मिनिमम स्टेंडर्ड नहीं बनने से पंजीकरण का मामला अटका हुआ था।


यह होगा फायदा

विशेषज्ञ के अनुसार पैथोलोजी लैब का रजिस्ट्रेशन कराने पर मानकों पर खरा उतरने से जांच रिपोर्ट सही मिलेगी। इससे बीमारी का इलाज करना आसान हो जाएगा। नोटिस बोर्ड पर रेट लिखी होने से मनमानी तरीके से नहीं वसूल सकेंगे। इसके अलावा मरीजों की जिन्दगी से खिलवाड़ करने वालों व गैर कानूनी तरीके से चलाने वालों पर रोक लगेगी। मौजूदा स्थिति में अप्रशिक्षित के हाथों में होने से मरीजों की जान को खतरा है।

किसकी कितनी रजिस्ट्रेशन फीस

शहरी क्षेत्र सेन्टर : प्रोविजनल : स्थायी
डायग्नोस्टिक : 100: 500
इमेजिंग : 200 : 1000
ग्रामीण क्षेत्र
सेन्टर : प्रोविजनल : स्थायी
डायग्नोस्टिक : 50 : 250
ग्रामीण : 100: 300

मिनिमम स्टेंडर्ड
-लैब के बाहर नोटिस बोर्ड पर रजिस्ट्रेशन नंबर, प्रभारी का नाम, उपलब्ध जांच सुविधा व प्रकार लिखना
-बायो मेडिकल वेस्ट मैनेजमेंट की पालना
-पंजीकरण व प्रतिक्षा कक्ष, टॉयलेट की सुविधा
-पुरुष व महिला के लिए अलग-अलग कमरा, स्टाफ व डॉक्टर रुम
-नमूने और स्लाइड का संरक्षण
-एचआईवी जांच की सुविधा होने पर अलग से कक्ष होना चाहिए
--समय निर्धारण के लिए टेलिफोन व मोबाइल नंबर
---शिकायत पुस्तिका, बिजली व पानी की सुविधा
- लैब के बाहर व अंदर साइनेज लगे होने चाहिए

इनका कहना है ..
विभाग के निदेशक (जन स्वास्थ्य) डॉ.वी.के.माथुर ने पैथोलोजी लैब के पंजीकरण का सर्कुलर जारी किया है। क्लीनिकल एस्टेब्लीशमेंट (रजिस्ट्रेशन एंड रेग्यूलेशन) नियम -2013 एवं 2018 के प्रावधान के तहत लैब का अब निर्धारित फीस देकर पंजीकरण कराना पड़ेगा।
डॉ. रवि प्रकाश शर्मा, अतिरिक्त निदेशक (अस्पताल प्रशासन)



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