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राज्य में पहली बार गिरफ्तार तोगड़िया को 9 दिन अजमेर जेल में गुजारनी पड़ी थी

राज्य में पहली बार गिरफ्तार तोगड़िया को 9 दिन अजमेर जेल में गुजारनी पड़ी थी

Dainik Bhaskar

Jan 17, 2018, 02:40 PM IST
प्रवीण तोगड़िया प्रवीण तोगड़िया

जयपुर. विहिप नेता डा. प्रवीण तोगड़िया ने प्रदेश एवं गुजरात पुलिस से ज्यादा सेंट्रल आईबी पर ज्यादा हमला बोला। एनकाउंटर किए जाने तक का आरोप जड़ दिया। तोगड़िया को जिस प्रकरण में पुलिस गिरफ्तार करने गई थी उनके खिलाफ यह मामला वर्ष 2002 को गंगापुर सिटी में दर्ज किया गया था। इसके ठीक एक साल बाद राज्य की तत्कालीन मुख्यमंत्री अशोक गहलोत सरकार में 13 अप्रैल, 2003 को विश्व हिन्दू परिषद के डा. प्रवीण तोगड़िया को अजमेर में त्रिशुल दीक्षा कराने के आरोप में गिरफ्तार किया था। इस दौरान तोगड़िया को नौ दिन अजमेर जेल में गुजारनी पड़ी थी। जानें पूरा मामला...


- उनके खिलाफ शस्त्र अधिनियम, तोड़ने एवं धार्मिक उन्माद फैलाने का मामला दर्ज किया था।

- हुआ यूं था कि तोगड़िया के शस्त्र दीक्षा कार्यक्रम से एक सप्ताह पहले ही प्रदेश सरकार ने ऐसे कार्यक्रमों पर रोक लगा दी थी। बावजूद 13 अप्रैल को तोगड़िया अजमेर पहुंचे। मार्टिंडल ब्रिज पर बाकायदा त्रिशुल लहराये।

- वहां से उनका काफिला सीधा सुभाष उद्यान पहुंचा। वहां पर तय कार्यक्रम के अनुसार तोगड़िया ने मौजूद लोगों को दीक्षा करवाई। रात करीब दस बजे उनका काफिला जयपुर की तरफ रवाना हुआ।

- अजमेर से करीब 15 किमी दूर काफिले के पीछे चल रहे तत्कालीन पुलिस अधीक्षक सौरभ श्रीवास्तव ने गेगल थाने के ठीक सामने काफिले को वायरलैस के जरिए रुकवाया और तोगड़िया को अपनी कार में बैठाकर थाने ले गए।

- पुलिस ने उनकी गिरफ्तारी का एलान किया। इस दौरान करीब नौ दिन तोगडि़या न्यायिक हिरासत में रहे और सशर्त जमानत पर 22 अप्रेल को उनकी जेल से रिहाई हुई थी।

मोदी ने लिखा था गहलोत को पत्र

- तोगड़िया जब अजमेर में गिरफ्तार किए गए थे उस समय नरेंद्र मोदी गुजरात के मुख्यमंत्री थे। मोदी ने प्रदेश के तत्कालीन मुख्यमंत्री अशोक गहलोत को एक पत्र लिखा था, जिसमें तोगड़िया की सुरक्षा बढ़ाने के लिए कहा गया था। इस दौरान जेल में बंद तोगड़िया से मिलने उनके परिजन भी पहुंचे थे।

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