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कंडोम के एड को लेकर केंद्र सरकार को नोटिस

कंडोम के एड को लेकर केंद्र सरकार को नोटिस

Danik Bhaskar | Dec 20, 2017, 01:29 PM IST


जयपुर। टीवी चैनल्स पर कंडोम के एड रात 10 के बाद और सुबह छह बजे से पहले ही दिखाए जाने के केंद्र सरकार के आदेश पर राजस्थान हाईकोर्ट ने बुधवार को नोटिस जारी किए हैं। एक जनहित याचिका पर नोटिस केंद्र सरकार और सूचना व प्रसारण मंत्रालय को जारी कर उनसे इस पर जवाब मांगा गया है। जानिए और इस बारे में ...

- ग्लोबल अलायंस फॉर ह्यूमन राइट्स ने कंडोम के विज्ञापनों को लेकर जारी एडवायजरी को हाईकोर्ट में चुनौती दी थी। संस्था ने मिनिस्टरी ऑफ़ ब्रॉडकास्ट और मिनिस्टरी ऑफ़ हैल्थ को इस मामले में चुनौती दी थी।

- अधिवक्ता प्रतीक कासलीवाल ने इस मामले में पैरवी की। ग्लोबल अलायंस फॉर ह्यूमन राइट्स ने कहा कि भारत जैसे देश में जहां जनसंख्या ज्यादा है वहां ऐसे विज्ञापनों पर रोक ठीक नहीं। एक तरफ तो सरकार एड्स जैसे रोगों से बचने के लिए कंडोम के इस्तेमाल की बात कहते हैं वहीं दूसरी और इनके विज्ञापनों पर इस तरह से रोक लगाते हैं। यह ठीक नहीं है। ऐसे विज्ञापनों से समाज व बच्चों पर विपरीत असर नहीं पड़ेगा, बल्कि इससे वे शिक्षित ही होंगे। ऐसी स्थिति में कंडोम के विज्ञापनों का ज्यादा से ज्यादा प्रचार-प्रसार जरूरी है।

- मामले की सुनवाई के बाद चीफ जस्टिस प्रदीप नाद्रजोग की बेंच ने नोटिस जारी किए।

यह मानना था हैल्थ ग्रुप्स का

- हैल्थ ग्रुप्स का मानना था कि सैक्सुअल व रिप्रोडक्टिव हैल्थ पर सालों से लाई जा रही जागरूकता पर पानी फिर जाएगा। पॉपुलेशन फाउंडेशन ऑफ इंडिया ने सरकार को सुझाव दिया था कि फिल्म इंडस्ट्री की तरह विज्ञापनों की कंटेंट के आधार पर ग्रेडिंग हो और और उसी के अनुसार उनके प्रसारण का समय तय हो न कि सभी विज्ञापनों को हटा दिया जाए।

क्या थी एडवायजरी
- इंफरमेशन एंड ब्रॉड-कॉस्ट मिनिस्ट्री ने गत 11 दिसंबर को सभी टीवी चैनल्स को नोटिस जारी कर कंडोम के विज्ञापन रात 10 बज से सुबह छह बजे तक ही दिखाने का निर्देश दिया था।