--Advertisement--

फोटो... मदरसों के टायलेट तक पहुंचेगा स्वच्छता अभियान, पायलट प्रोजेक्ट में 10 मदरसे चुने जाएंगे - मदरसा बोर्ड चेयरमैन की दिल्ली में मौलाना आजाद एजुकेशन फाउंडेशन के पदाधिकारियों से मुलाकात - ट्रिपल टी योजना में टायलेट के साथ टीचर ट्रेनिंग व टिफिन पर चर्चा - 500 मदरसाें के पैराटीचर्स को दिल्ली में मिलेगी गुणवत्तापूर्ण शिक्षा देने और मॉडर्न एजुकेशन की ट्रेनिंग

फोटो... मदरसों के टायलेट तक पहुंचेगा स्वच्छता अभियान, पायलट प्रोजेक्ट में 10 मदरसे चुने जाएंगे - मदरसा बोर्ड चेयरमैन की दिल्ली में मौलाना आजाद एजुकेशन फाउंडेशन के पदाधिकारियों से मुलाकात - ट्रिपल टी योजना में टायलेट के साथ टीचर ट्रेनिंग व टिफिन पर चर्चा - 500 मदरसाें के पैराटीचर्स को दिल्ली में मिलेगी गुणवत्तापूर्ण शिक्षा देने और मॉडर्न एजुकेशन की ट्रेनिंग

Danik Bhaskar | Mar 03, 2018, 12:46 PM IST
मौलाना आजाद फाउंडेशन के पदाधि मौलाना आजाद फाउंडेशन के पदाधि

जयपुर। केंद्र सरकार और मौलाना आजाद एजुकेशन फाउंडेशन की मदरसों के लिए संचालित ट्रिपल टी (टायलेट, टीचिंग व टिफिन) योजना से अब राजस्थान भी जुड़ेगा। प्रधानमंत्री के स्वच्छता कार्यक्रम के तहत यहां के 10 मदरसों को पायलट प्रोजेक्ट के तहत स्वच्छता अभियान से जोड़ा जाएगा और उनमें आधुनिक टायलेट बनाए जाएंगे। उसके बाद अन्य मदरसों में भी ऐसे ही टायलेट बनाए जाएंगे जबकि मदरसों में गुणवत्तापूर्ण और आधुनिक शिक्षा देने के लिए प्रदेश के 500 मदरसों में प्रत्येक से एक-एक पैराटीचर का चयन कर उनकी दिल्ली में ट्रेनिंग दिलाई जाएगी। उत्तरप्रदेश, मध्य प्रदेश और झारखंड इस योजना से पहले से ही जुड़े हुए हैं। जनिए और इस बारे में ....

- राजस्थान मदरसा बोर्ड चेयरमेन मेहरुन्निसा टांक के दो दिन पहले दिल्ली दौरे में इन बातों पर सहमति बनी। उन्होंने इस दौरान मौलाना आजाद एजुकेशन फाउंडेशन के सचिव रहमान खान से मुलाकात की और प्रदेश के मदरसों की स्थिति पर चर्चा की। इस वार्ता के दौरान फाउंडेशन में प्रदेश का नेतृत्व कर रहे फाउंडेशन के सदस्य अलवर के सालिम हुसैन, मध्य प्रदेश मदरसा बोर्ड चेयरमैन सैयद एमादुद्दीन व अन्य वरिष्ठ अधिकारी मौजूद थे।

जामिया मिल्लिया के साथ एमओयू
- बोर्ड चेयरमैन टांक ने बताया कि मदरसों के पैराटीचर्स को ट्रेनिंग देने के लिए फाउंडेशन ने दिल्ली के जामिया मिल्ली से एमओयू किया है। इसमें प्रदेश के 500 मदरसों का चयन किया जाएगा, प्रत्येक से एक-एक पैराटीचर्स को ट्रेनिंग के लिए दिल्ली भेजा जाएगा। एमओयू के तहत उनके रहने, खाने की व्यवस्था सरकारी स्तर पर की जाएगी।

फोटो : तनवीर खान।