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Anant Aeron | Last Modified - Dec 12, 2017, 07:03 PM IST

जयपुर. राजस्थान अपनी संस्कृति के लिए जाना जाता है। यहां कई ऐसी कहानियां है जो लोगों को प्रेरित करती हैं, लेकिन एक कहानी ऐसी है जिसके बाद सालों से चली आ रही एक कुरीत खत्म कर दी गई। यही नहीं इसके खिलाफ कानून तक बना दिया गया। DainikBhaskar.com अपनी सीरीज- जानें राजस्थान को के तहत आज बात कर रहा है रानी रूपकंवर की सती होने की कहानी। जिसके बारे में कहा जाता है रूपकंवर को पति के साथ चिता पर जिंदा जला दिया गया था । क्या है पूरा मामला

- सीकर के गांव देवराला में स्वतंत्रता के कई साल बाद 1987 में सती प्रथा के अनुसार रानी रूप कंवर को अपने पति मल सिंह शेखावत के साथ सती हो गई थीं। 17 वर्षीय रूप एक पढ़ी-लिखी लड़की थी। जिसकी शादी उससे ज़्यादा उम्र के मल सिंह शेखावत से हुई। मल सिंह की मौत बीमारी के चलते हुई और अगले दिन जब मल सिंह का अंतिम संस्कार हो रहा था तब उसी चिता पर रूप भी थी। कहा जाता हैं रूप पति से इतना प्यार करती थी कि अपनी इच्छा से साथ सती हो गईं।

सच्चाई कुछ और ही थी

- लेकिन सच्चाई कुछ और थी। मामला उजागर होने के बाद पूरे देश में जमकर हंगामा हुआ था। जांच में पता चला था कि बहुत पहले खत्म हुई सती प्रथा के अनुसार उसके परिवार ने रूप को बेहोश कर पति की चिता पर बैठा दिया था।

- हालांकि कुछ ही समय में परिवार के लोगों को पुलिस ने हिरासत में भी ले लिया था। 4 सितम्बर को हुए इस हादसे के बाद यहां रूप की याद में मेमोरियल बनाया गया।
- जहां गांव के लोग आते और पूजा करते। लेकिन 1988 में इस मेमोरियल को गवर्नमेंट द्वारा सील कर दिया गया। उसी साल सती प्रिवेंशन एक्ट 1988 भी लागू किया गया।
- आजादी के बाद भारत में कुल सती होने के 29 मामले सामने आए हैं। इनमें रूप कंवर आखिरी हैं।

क्या थी सती प्रथा

- इस प्रथा के चलते लंबे समय तक बड़ी संख्या में पति की मौत के बाद पत्नियों ने भी पति की चिता के साथ जल अपनी जान दे दी।
- इस कुरीति को बंद कराने के लिए राजा राममोहन राय ने पहल की। राममोहन राय ने इस अमानवीय प्रथा को बंद कराने के लिए आंदोलन चलाए।
- यह आंदोलन न्यूज पेपर और खी माध्यमों से देशभर में चलाया गया। प्रारंभ में राममोहन राय को प्रथा के समर्थकों का क्रोध भी झेलना पड़ा लेकिन अंतत: यह कुप्रथा बंद करा दी गई।

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Web Title: pti ki laash ke saath chitaa par let gayi thi ye raani, jaanen kyaa thi schchaaee
(News in Hindi from Dainik Bhaskar)

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