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आरएएस 2016 प्रकरण: कोर्ट के आदेश पर परीक्षा में बैठे अभ्यर्थियों के नंबर नहीं बता रही आरपीएससी

आरएएस 2016 प्रकरण: कोर्ट के आदेश पर परीक्षा में बैठे अभ्यर्थियों के नंबर नहीं बता रही आरपीएससी

Danik Bhaskar | Mar 03, 2018, 03:59 PM IST

अजमेर। राजस्थान लोक सेवा आयोग द्वारा ली गई आरएएस 2016 में कोर्ट के आदेश पर परीक्षा में बैठे अभ्यर्थियों के नंबर नहीं बताने का मामला सामने आया है। कोर्ट के आदेश पर इस परीक्षा में प्रविष्ट हुए दो अभ्यर्थियों को आयोग ने नंबर बताने के स्थान पर आरटीआई में एक ही सवाल के दो अलग-अलग जवाब दिए हैं। इससे लगता है कि आयोग टालमटोल का रवैया अपना रहा है। इससे अभ्यर्थियों में नाराजगी है। जानिए और इस बारे में ...

- वरिष्ठ अध्यापक ग्रेड सेकंड प्रतियोगी परीक्षा 2016 के गणित और उर्दू के परिणाम रिवाइज कर आयोग प्रदेशभर में किरकिरी करा चुका है। अब आरएएस 2016 से जुड़ा यह मामला सामने आया है।

- आरएएस 2016 से जुड़े दो अभ्यर्थियों ने आयोग में अलग-अलग आरटीआई लगा कर सवाल किया था कि आरएएस 2016 में कोर्ट के आदेश से बैठे व्यक्तियों के नंबर बताए जाएं। इस पर आयोग ने दोनों अभ्यर्थियों को जवाब दिए, लेकिन इस सवाल के जवाब दोनों को ही अलग-अलग दिए। अभ्यर्थियों का दावा है कि आयोग ने दोनों ही अभ्यर्थियों को जवाब गलत दिए हैं।

यह दिए जवाब
- एक अभ्यर्थी को जवाब दिया गया कि उसका परिणाम सील्ड कवर में है। गोपाल माहेश्वरी और अन्य अभ्यर्थियों का कहना है कि यह जवाब इसलिए गलत है क्योंकि अगर रिजल्ट सील्ड कवर होता तो अंतिम रूप से चयनित कैसे होते? क्योंकि जो कोर्ट आदेश से परीक्षा में बैठे थे उनमें से भी दो कैंडिडेट अंतिम रूप से आरएएस में चुने गए हैं। दूसरे अभ्यर्थी को जवाब दिया गया कि आयोग की वेबसाइट पर परिणाम उपलब्ध है। इसके बारे में अभ्यर्थियों का कहना है कि
यह जवाब इसलिए गलत है, क्योंकि आयोग की वेबसाइट पर ऐसा कोई रिजल्ट नहीं है। वैसे भी अगर वेबसाइट पर रिजल्ट ही होता तो अभ्यर्थियों को नंबर पता लगाने के लिए आरटीआई लगाने की जरूरत ही क्यों पड़ती। अभ्यर्थियों का आरोप है कि आयोग की मंशा, नीयत खराब है। आयोग अभ्यर्थियों को साथ फरेब कर रही है। गलत सूचनाएं देकर गुमराह करना चाहती है। आखिर नंबर ना दिखाकर आयोग क्या छिपाना चाहता है।

- अभ्यर्थियों का यह भी आरोप है कि इस तरह से जवाब न दे कर आयोग सीधे तौर पर संस्था की स्वायत्तता का नाजायज दुरुपयोग कर रहा है।