--Advertisement--

इस कवियित्री की कविताएं पढ़कर पुरुषों की बदला नजरिया

इस कवियित्री की कविताएं पढ़कर पुरुषों की बदला नजरिया

Dainik Bhaskar

Jan 25, 2018, 11:00 AM IST
रूपी कौर। रूपी कौर।


जयपुर। द हर्टिंग और द लविंग, द ब्रेकिंग, और द हीलिंग को समेटे कविता संग्रह मिल्क एंड हनी की लेखिका रूपी कौर जयपुर लिटरेचर फेस्टिवल में आज कविता प्रेमियों से रू ब रू होंगी। रूपी अपनी किताब मिल्क एंड हनी पर चर्चा करेंगी। रूपी कौर न्यूयॉर्क टाइम्स की कविता की श्रेणी में बेस्ट सेलर राइटर के तौर पर शुमार भारतीय मूल की कनाडाई लेखिका हैं। जानिए मिल्क एंड हनी के बारे में ...

- मिल्क एंड हनी हिंसा, दुर्व्यवहार, प्यार और नारीवाद का पुलिंदा है। मिल्क एंड हनी की 10 लाख से ज्यादा प्रतियां बिक चुकी हैं। इतना ही नहीं यह पुस्तक न्यूयॉर्क टाइम्स की बेस्टसेलर लिस्ट में भी शुमार हो चुकी है।
- रूपी कौर पंजाब में एक सिख परिवार में जन्मीं। चार साल की उम्र में ही वे अपने पेरेंट्स के साथ भारत से कनाडा चली गईं। नन्हीं रूपी को उसकी मां ने रेखाएं खींचने और उनमें रंग भरने के लिए प्रेरित किया। हाई स्कूल तक आते-आते रूपी कविताएं लिखतीं और अपने दोस्तों के साथ शेयर करतीं।

रीडर जल्दी कनेक्ट हो जाता है
- चित्रों के साथ रूपी की लेखनी अनुभूति का रूपांतरण है जिससे रीडर जल्दी कनेक्ट हो जाता है।
मिल्क एंड हनी प्रोज व हाथ से बनाए चित्रों का संग्रह है। इसमें चार चैप्टर्स हैं। हर चैप्टर में अलग थीम है। हर सेक्शन का टाइटल है द हर्टिंग और द लविंग, द ब्रेकिंग, और द हीलिंग। मिल्क और हनी को डिजाइन भी रूपी ने ही किया है। रूपी ने 2014 में इसे अमेजन पर पब्लिश किया था। इसकी सफलता को देखते हुए एंडूयू मैकमील पब्लिशिंग ने 20154 में इसका पुन: प्रकाशन किया।
अमेजन पर कनेडियन लिट्रेचर में मिल्क एंड हनी पोएट्री में बेस्ट सेलर की लिस्ट में थी।

एक पुरुष ने कहा, आपकी किताब पढ़कर अच्छा इनसान बन गया
- रूपी से एक इंटरव्यू में सवाल पूछा गया, आपकी किताब मिल्क एंड हनी फैमिनिनिटी पर है, क्या आपको इस पर पुरुषों से भी रेस्पॉन्स मिला। इस पर रूपी ने कहा, मेरी किताब केवल महिलाओं पर ही आधारित नहीं है। हां इसको पढ़ने वाली अधिकांश महिलाएं ही हैं। ऐसा इसलिए है क्‍योंकि मैं एक महिला हूं और एक महिला के तजुर्बे पर ही लिखती और अपने विचार रखती हूं। हां इसके कई पुरुष रीडर भी हैं। कई पुरुषों से भी मुझे रेस्पॉन्स मिलते हैं जैसे एक पुरुष ने मुझसे कहा, अपनी किताब पढ़कर मैं एक अच्छा इनसान बन सका। मैं अब अपनी बहन व अन्य महिलाओं के बारे में यह जान सकता हूं कि वे जीवन के बारे में क्या सोचती हैँ, उनका नजरिया क्या है।

मेरा फेमिनिस्म इंटर सेक्शनल
- रूपी ने हाल ही एक अन्य इंटरव्यू में कहा, मेरा फेमिनिस्म इंटरसेक्शनल है। विभिन्न पृष्ठभूमि से आने वाली महिलाओं को पहचान मिलना बेहद जरूरी है। कारण यह कि जैसे मैं एक लेखिका हूं। मैं अपनी किताब प्रकाशित करना चाहती थी, लेकिन कोई भी प्रकाशक एक इमिग्रेंट और अश्वेत महिला की किताब प्रकाशित नहीं करना चाहता था। मेरे खुद के प्रयासों से किताब प्रकाशित हुई और इसके लिए जो संघर्ष मैंने किया उससे लगता है कि हर तबके और पृष्ठभूमि की महिला को पहचान मिलनी चाहिए।

X
रूपी कौर।रूपी कौर।
Bhaskar Whatsapp

Recommended

Click to listen..