--Advertisement--

पति ने ही की दो पत्नियों की हत्या, रचा था कार में जलने का ड्रामा

पति ने ही की दो पत्नियों की हत्या, रचा था कार में जलने का ड्रामा

Dainik Bhaskar

Dec 20, 2017, 11:55 AM IST
दीपाराम की पहली पत्नी मालू देव दीपाराम की पहली पत्नी मालू देव


जालोर/चितलवाना। जालोर जिले के एक गांव के पास एक चलती कार में आग लगने से दो महिलाओं के जिंदा जलने वाले हादसे में नया मोड़ आ गया है। दोनों महिलाओं को उनके पति ने ही जला कर मार डाला। यह उसने पुलिस पूछताछ मं स्वीकार किया है। पुलिस ने हत्या के मामला दर्ज कर उसे अरेस्ट कर लिया है। उल्लेखनीय है कि मंगलवार को हुए हादसे के अनुसार एक चलती कार में आग लग गई थी। जानिए क्या है पूरा मामला ....

- चितलवाना थाना प्रभारी तेजूसिंह ने बताया कि आरोपी पति को अरेस्ट कर लिया गया है। पुलिस को उसने बताया कि वह रोज-रोज के गृहक्लेश से तंग था। इससे छुटकारा पाना चाहता था। इसलिए दोनों की हत्या कर दी। दोनों महिलाओं के पीहर वालों ने मडिकल बोर्ड से पोस्टमार्टम कराने के लिए अड़ने पर बुधवार को शवों का मेडिकल बोर्ड से पोस्टमार्टम कराया गया।

- चितलवानाथाना क्षेत्र के सेसावा गांव से एक किलोमीटर दूर मंगलवार दोपहर अचानक खड़ी कार में आग लग गई। कार में सवार सेसावा गांव के दीपाराम प्रजापत की पत्नी मालू (27) तथा दरिया (22) जिंदा जल गईं, जिनके शव देर रात तक कार से बाहर नहीं निकाले जा सके थे। घटना के वक्त दीपाराम भी वहीं मौजूद था।

दीपाराम ने बताई थी यह कहानी

- दीपाराम का कहना था कि रास्ते में अचानक कार बंद होने पर वह देखने के लिए नीचे उतरा। इस दौरान अचानक कार में आग लग गई। आग लगने के दौरान उसने फाटक खोल दोनों पत्नियों को बाहर निकालने का प्रयास किया, लेकिन फाटक पॉवर लॉक हो गए। कुछ देर बाद मौके पर पहुंचे ग्रामीणों ने टैंकर से पानी छिड़क कर आग बुझाई, लेकिन तब तक दोनों महिलाओं की मौत हो गई। मृतका दोनों महिलाओं के परिजन देर रात को मौके पर पहुंचे। दीपाराम ने जो कुछ बताया उस पर पुलिस को यकीन नहीं हो रहा था।

ग्रामीणों की सूचना पर पुलिस पहुंची मौके पर
- मौके पर एकत्रित हुए ग्रामीणों ने कांच तोड़कर महिलाओं को बचाने का प्रयास किया, लेकिन गाड़ी तेज लपटों से घिर गई। जिससे दोनों महिलाओं को बाहर नहीं निकाला जा सका। घटना की सूचना मिलने पर पुलिस उप अधीक्षक सांचौर फाऊलाल मीना, चितलवाना थानाधिकारी तेजूसिंह, सांचौर एसडीएम मुरारीलाल वहां पहुंचे और घटना का जायजा लिया।

दो दिन पहले ही आए थे

पालनपुर से गांव आए दीपाराम प्रजापत ने पुलिस को बताया कि बाड़मेर के अरड़ियाली गांव में सुनार के यहां जा रहा था, दोनों को साथ लेकर जेवरात बनाने। गांव से निकलने के बाद करीब दो किमी दूर ही पहले कार पत्थरों से टकराई, अपशकुन मान लौटा, घर से 500 मीटर पहले कार बंद हुई। वह चैक करने नीचे उतरा तो आग लग गई और दोनों पत्नियां जिंदा जल गईं। बचाने का प्रयास किया, लेकिन कार ऑटो लॉक हो गई।

आंखों देखी- एक महिला ने बताई यह कहानी
- दुर्घटनाग्रस्त होने के बाद कार से निकलकर एक महिला खेतों की ओर भागी थी। घटना की चश्मदीद महिला के अनुसार पति उसे जबरन वापस लाया और कार में बैठाया। महिला के अनुसार उनमें से एक ने अंदेशा जताया था कि यह हमें मारेगा। इस पर चश्मदीद महिला का कहना था कि तुम दो हो और यह एक, कैसे मारेगा। इसके जवाब में एक पत्नी का कहना था कि यह पेट्रोल छिड़ककर मार देगा।

मजदूरी करता है
- सेसावा निवासी दीपाराम प्रजापत पालनपुर में मकान निर्माण का काम करता है। उसने पहली शादी बाड़मेर जिले के गुड़ामालानी के मालपुरा निवासी मालू (27) के साथ की, जिसके 7 साल का पुत्र दिनेश है। मालू मंदबुद्धि होने के कारण दीपाराम ने दूसरी शादी बाड़मेर के सिवाणा में दौली उर्फ दरिया देवी (22) के साथ की थी जिसके एक ढाई साल का लड़का कैलाश और छह-सात माह की लड़की सरिता है, जो घटना के समय साथ में नहीं थे।
- पुलिस इस पहलू पर गहनता से जांच कर रही हैं कि दूधमुंही बच्ची को आखिर आरोपी उसकी माता ने घर क्यों छोडा़ क्योंकि दीपाराम का कहना था कि वह अपनी पत्नियों को जेवरात बनाने के लिए ले जा रहा था। जाहिर सी बात हैं कि जेवर बनाने जाने और आने में समय लगता तो छोटी बच्ची को भी उसने घर क्यों छोड़ा।

हादसे के बाद खड़े हुए ये सवाल
- दोनों महिलाएं कार में पूरी तरह जिंदा ही जल गईं। वे पीछे की सीट पर बैठी थीं। पास में ही गैस टैंक भी था। इतनी आग लगने के बावजूद वह नहीं फटा। संभावना है कि वह खाली था। उसमें गैस होती तो टैंक भी फटता और कार के परखच्चे उड़ते।

फ्यूल टैंक के अलावा खुला पेट्रोल भी था कार में
- अंदेशा है कि कार में किसी बोतल में पेट्रोल रखा हो। संभवतया छिड़का भी गया हो। तभी इतनी तेजी से कार आग की लपटों के हवाले हुई। इसके बाद फ्यूल टैंक ने आग पकड़ी।

शक इसलिए भी : एक साल से भी कम उम्र की बच्ची को घर पर ही क्यों छोड़ा?
- दोनों पत्नियां पीछे की सीट पर बैठी थीं। पति की कहानी मानें तो गहने बनवाने जा रहे थे। यानी दोनों पत्नियों को खुश होना चाहिए था। कोई सी एक तो आगे की सीट पर बैठती। हालांकि यह जरूरी नहीं लेकिन सवाल जरूर खड़ा होता है। और सबसे बड़ा सवाल यह कि एक साल से भी कम उम्र की बच्ची को कोई भी मां यूं ही घर पर नहीं छोड़ती।

फोटो : ओमप्रकाश विश्नोई

X
दीपाराम की पहली पत्नी मालू देवदीपाराम की पहली पत्नी मालू देव
Bhaskar Whatsapp

Recommended

Click to listen..