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इस किले पर रहा 36 राजाओं का राज, 350 फीट ऊंचा है 800 साल पुराना ये महल

इस किले पर रहा 36 राजाओं का राज, 350 फीट ऊंचा है 800 साल पुराना ये महल

Dainik Bhaskar

Jan 22, 2018, 01:26 PM IST
ये किला बुर्ज पहाडियों से मिली ये किला बुर्ज पहाडियों से मिली

कोटा (राजस्थान). झालावाड़ में गागरोन नाम का किला है जो चारों ओर से पानी से घिरा हुआ है। ऐसा कहा जाता है कि ये भारत का अकेला ऐसा किला है जिसकी नींव नहीं है। यहां जब एक मुगल शासक का आक्रमण हुआ तब यहां के राजा वीरगति को प्राप्त हुए। इसके बाद यहां की महिलाओं ने दुश्मन से अपनी अस्मत की रक्षा के लिए मौत को गले लगा लिया था। इसलिए विश्व धरोहर की सूची में शामिल...

- विश्व धरोहर की सूची में शामिल गागरोन दुर्ग के निर्माण को 800 साल से अधिक हो गए हैं।
- चारों ओर से पानी से घिरा देश का दूसरा जल दुर्ग गागरोन कई खासियत लिए हुए है। इस दुर्ग के नींव नहीं है। यह नुकीले पत्थरों पर टिका हुआ है। - इसकी खासियतों को देखते हुए 21 जून, 2013 को यूनेस्को ने इसे विश्व धरोहर की सूची में शामिल किया। पहली बार गागरोन दुर्ग की ऐसी दो खासियतों को बताया जा रहा है जो अब तक काफी कम लोगों को पता है।
- ये किला करीब 350 फीट लंबा है।... और यह गिरी और जल दुर्ग दोनों ही श्रेणी में आता है

अलाउद्दीन से लेकर अकबर तक कर चुके किला फतह

- गागरोन दुर्ग शौर्य का प्रतीक रहा है। इस दुर्ग ने 6 से अधिक युद्ध देखे हैं। इतिहासविद फिरोज खान ने बताया कि 1300 ई. में अलाउद्दीन ने चढ़ाई की। पीपाजी के समय 1360 से 1383 में फिरोज तुगलक ने चढ़ाई की। 3 फरवरी 1444 को सुल्तान महमूद खिलजी प्रथम ने किला फतह किया।
- 1532 में दुर्ग बहादुर शाह ने जीता। 1542 में शेरशाह सूरी का अधिकार रहा। 1561 में अकबर की सेना ने कब्जा किया। शाहजहां ने कोटा के राव मुकंद सिंह को यह किला सौंपा।
12वीं शताब्दी में निर्माण, 5 बार विस्तार, 36 राजाओं का राज
- गागरोन दुर्ग का निर्माण 12वीं शताब्दी में राजा बीजलदेव ने करवाया था। इसके बाद 18वीं शताब्दी तक पांच बार इसका विस्तार हुआ।
- बीजलदेव दौड़, अचलदास खींची, जैतसिंह खींची, गजनी खान, मेहमूद खिलजी प्रथम, झाला जालिम सिंह, महाराव मुकंद सिंह ने इसका विस्तार करवाया। 36 राजाओं ने यहां पर राज्य किया।

(चर्चा में क्यों : फिल्म पद्मावत विवाद के बीच dainikbhaskar.com बता रहा है राजस्थान की ऐसी जगहों के बारे में जहां जौहर किया गया। इस कड़ी में आज बता रहे हैं कोटा के गागरोन किले के बारे में, जो बलिदान के लिए फेमस है।)

यहां 2 बार हुए जौहर


- गागरोन किले का निर्माण कार्य डोड राजा बीजलदेव ने 12वीं सदी में करवाया था और 300 साल तक यहां खीची राजा रहे।
- यहां 14 युद्ध और 2 जोैहर (जिसमें महिलाओं ने अपने को मौत के गले लगा लिया) हुए हैं।
1423 ई. में मांडू के सुल्तान होशंगशाह ने 30 हजार घुड़सवार, 84 हाथी, अनगिनत पैदल सेना, अनेक अमीर राव और राजाओं के साथ इस गढ़ को घेर लिया।
- अपने से कई गुना बड़ी सेना और उन्नत अस्त्रों के सामने जब अचलदास को लगा कि उनकी हार निश्चित है तो उन्होंने कायरतापूर्ण आत्मसमर्पण की जगह वीरता से लड़ते हुए वीरगति को प्राप्त हुए। इसके बाद दुश्मन से अपनी असमत की रक्षा के लिए हजारों महिलाओं ने मौत को गले लगा लिया था।

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ये किला बुर्ज पहाडियों से मिलीये किला बुर्ज पहाडियों से मिली
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