--Advertisement--

जयपुर के स्वप्निल और अमन बाइक से पहुंचे लद्दाख के खारदूंगला, 4 हजार km का सफर किया

कहते है जिंदगी में जज्बा और हौंसले का साथ हो तो आप किसी भी उंचाई तक पहुंच सकते है।

Dainik Bhaskar

Jun 12, 2018, 03:42 PM IST
Swapnil and aman to riders from jaipur reached at khardung la

जयपुर. कहते है जिंदगी में जज्बा और हौंसले का साथ हो तो आप किसी भी उंचाई तक पहुंच सकते है। फिर वो कोई सा भी सपना या पैशन हो । शहर के दो दोस्तों ने अपने पैशन को कुछ ऐसे ही रंग दिए जिसमें वहां राजस्थान की तपती गर्मी से बर्फीली पहाडिय़ों के बीच तक का सफर हंस्ते मुस्कुराते पुरा कर लिया। जयपुर के स्वप्निल राज और अमनदीप ने बाइक के लेह लद्दाख तक का सफर पुरा किया। जहां इन दोनों दोस्तों ने हार्ले और थंडर बाइक के साथ इस सफर को पूरा किया वहीं उनके अन्य दोस्तों ने इसी-जू कार राइड के साथ उनका साथ दिया।

- गौरतलब है कि स्वप्निल 2017 में इस सफर को अकेले भी पूरा कर चुके है। 2017 में उन्होंने लेह लदाख तक का सफर नॉन स्टाप राइड के साथ पूरा किया था। जिसमें वो कश्मीर की वादियों तक बाइक से पहुंचे थे।

- स्वप्निल और अमनदीप यूं तो प्रॉपर्टी के बिजनेस से जुडे है लेकिन फोटोग्राफी के शाैक ने इन्हें देश -विदेश तक एक ट्रैवल की तौर पर पहुंचाया।

- राज ने कहा जब 2017 में मैंने अपने दोस्तों से बाइक राइड करते हुए लेह जाने का प्रस्ताव रखा काफी लोगों ने सहमति जताई । लेकिन लास्ट मोमेंट पर दोस्तों ने इस सफर पर निकलने से मना कर दिया। उस वक्त मेरे लिए एक चुनौती थी ,घरवालों के लिए एक चिंता भी थी। पर मैं अकेला ही सफर पर निकल पड़ा।

- 2018 में फिर उसी सोच के साथ आगे बढा,दोस्तों ने इस हौंसले को देख मेरे साथ कंधे-से कंधा मिला कर साथ हो चले।

7 दोस्त,दो बाइक, और एक कार के साथ सफरनामा

- स्वप्निल राज ने बताया कि राइड की शुरूआत 2 जून को जयपुर से की गई थी। जिसमें उनके साथ 6 अन्य दोस्त भी शामिल थे। राज के साथ हार्ले बाइक की कमान अमनदीप सिंह ने संभाली वहीं मनीष शर्मा,पुनीत,नरेश,संदीप और सिद उनके साथ -साथ कार से पहुंचे। राइड से पहले हमने कई तरह की तैयारियां की । जिसमें फूड ,पानी,फस्टएड ,कैनोपी जैसी चीजों को साथ रखा।

रूट

- जयपुर वैशाली नगर से राइड की शुरूआत की गई। हमने पहला स्टापेज गुरदासपूर में लिया। उसके बाद हम श्री नगर में दूसरा स्टॉपेज रखा, फिर कारगिल लेह लद्दाख तक गए। कुल 4000 किलो मीटर तक का सफर दोस्तों ने जहां कार से तय किया ,मैने और अमन ने इसे बाइक से पूरा किया।

सबसे उंचाई मोटर पास- खारदूंगला और गया विलेज तक का सफर

- स्वप्निल ने बताया कि रास्ते में कई तरह की चुनौतियों का सामना कर हमने सबसे सबसे ऊंचा मोटर विकल पास जो कि समुद्र तल से 18380 फीट की उंचाई पर है ,उसे पार किया।

- ये लेह से करीब तीन घंटे की दूरी पर है। वापसी में दूसरा मोटर विकल पास टांग लांगला जो कि समुद्र तल से 17400 फीट की उंचाई पर है वहां भी बाइक से पहुंचे। फिर हमने सरचू पांच जो कि 14 हजार 70 फीट की उंचाई पर है वहां पहुंचे। वहां हमने गया विलेज का जायजा भी लिया।

- 1990 फीट की उंचाई पर हमने टैंट लगाकर रात गुजारी।वापसी में 12 लाचा पास को भी हमने पार किया।जो कि 16042 फीट उंचाई पर है। वहां भारी बर्फबारी और बारिश का सामना भी करना पड़ा।

- तेज बर्फबारी से गुजरते हुए हम सब रोहतांग पहुंचे और वहां से कल्लू तक गए। एक रात चंडीगढ़ में रूक कर हमने दूसरे दिन नॉन स्टाप राइड शुरू किया और वापस जयपुर तक की राइड पूरी की।

Swapnil and aman to riders from jaipur reached at khardung la
Swapnil and aman to riders from jaipur reached at khardung la
Swapnil and aman to riders from jaipur reached at khardung la
Swapnil and aman to riders from jaipur reached at khardung la
Swapnil and aman to riders from jaipur reached at khardung la
X
Swapnil and aman to riders from jaipur reached at khardung la
Swapnil and aman to riders from jaipur reached at khardung la
Swapnil and aman to riders from jaipur reached at khardung la
Swapnil and aman to riders from jaipur reached at khardung la
Swapnil and aman to riders from jaipur reached at khardung la
Swapnil and aman to riders from jaipur reached at khardung la
Bhaskar Whatsapp

Recommended

Click to listen..