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9 साल बाद भी नहीं चेता एसएमएस अस्पताल प्रशासन, आवेदन में अभी भी जांच शुल्क 3 हजार रुपए

9 साल बाद भी नहीं चेता एसएमएस अस्पताल प्रशासन, आवेदन में अभी भी जांच शुल्क 3 हजार रुपए

Danik Bhaskar | Jan 09, 2018, 10:53 AM IST

जयपुर. प्रदेश में वर्ष 2009 से स्वाइन फ्लू फैल रहा है, लेकिन एसएमएस अस्पताल में जांच के लिए इस्तेमाल किए जाने वाले पुराने आवेदन में अभी भी जांच शुल्क 3 हजार रुपए है। साथ ही विभिन्न कैटेगरी लिखी हुई है। इसे अभी तक नहीं बदला गया है। जिसके कारण बाहर से आने वाले मरीजों के साथ लिखी फीस लेकर जांच होने की संभावना है। जबकि नियमानुसार एसएमएस अस्पताल के डॉक्टर के लिखने पर स्वाइन फ्लू की जांच नि:शुल्क की जाती है। और बाहर के डॉक्टर के लिखने पर जांच का शुल्क 500 रुपए है। एसएमएस अस्पताल के अधीक्षक डॉ.डी.एस.मीणा का कहना है कि ऐसा नहीं है। मैं दिखवाता हूं। हो सकता है नया फॉर्म प्रिंट नहीं हुआ होगा।


- नए साल में स्वाइन फ्लू का मिशिगन वायरस मौत बनकर उभर रहा है। पॉजिटिव तथा मौत के लगातार आ रहे मामलों से चिकित्सा विभाग के बीमारी को रोकने के दावे फेल साबित हो रहे है। 8 मौत होने के बाद भी चिकित्सा विभाग चैन की नींद सो रहा है। यानि रोजाना एक मौत हो रही है। जनवरी माह में अब तक का पॉजिटिव का आंकड़ा 220 के पार हो गया है।

चार साल का रिकार्ड तोड़ा : प्रदेश में मौत बनकर सामने आ रहे स्वाइन फ्लू ने पिछले साल दिसंबर माह में चार सालों का रिकार्ड तोड़ दिया है। ठंड में एक बार स्वाइन फ्लू फिर से सक्रिय हो गया है। दिसंबर माह में 416 पॉजिटिव में से 34 लोगों को अकाल मौत का ग्रास बना दिया। यानि रोजाना एक मौत हुई है। हाल ही में राजधानी के ओटीएस व एसएमएस अस्पताल में सामने आई लापरवाहियों ने सभी की चिंता बढ़ा दी है। ऐसे में देखना होगा कि बदले स्वरूप से लोगों को बचाने में चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग कितना सफल हो पाता है।

किस साल कितने पॉजिटिव


वर्ष : पॉजिटिव : डेथ
2014 :9 : 4
2015 : 60 : 9
2016 : कोई नहीं : कोई नहीं
2017 : 416 : 34
(सिर्फ दिसंबर माह के आंकड़े )

एसएमएस अस्पताल में इंतजाम: एसएमएस अस्पताल में सुबह 9 से दोपहर 3 बजे तक ओपीडी, जांच व दवा की सुविधा कॉटेज वार्ड के पास स्थित कमरे में है। इसके बाद में इमरजेन्सी में उपलब्ध रहेगी। जांच में पॉजिटिव आने वाले मरीजों को फोन नंबर सूचना देना तथा ऑब्जरवेशन वार्ड में बैड खाली नहीं होने पर आइसोलेशन हॉस्पिटल में भर्ती किया जाएगा। गंभीर मरीजों के इलाज के लिए सेठिया, इमरजेन्सी व न्यू आईसीयू में बैड आरक्षित है।