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डेढ़ माह तक लड़की के शव को लेकर बैठे रहे, तांत्रिक जिंदा कर रहे थे

डेढ़ माह तक लड़की के शव को लेकर बैठे रहे, तांत्रिक जिंदा कर रहे थे

Danik Bhaskar | Feb 28, 2018, 01:59 PM IST
महिला सहित पकड़े गए आरोपी। ये स महिला सहित पकड़े गए आरोपी। ये स


गंगापुर सिटी (सवाईमाधोपुर)। सवाईमाधोपुर के गंगापुरसिटी में एक लड़की का कई दिन पुराना शव एक घर से मिला है। शव से बदबू आने पर मौत होने का पता लगा। तांत्रिक उसे जिंदा करने की कोशिश में लगे थे। युवती की बहन को घर में उसके माता-पिता ने कैद कर रखा था। बदबू आई तो उसकी बहन किसी तरह वहां से निकलकर अपने भाई के पास पहुंची और इस बारे में बताया। पुलिस ने युवती के माता-पिता सहित छह लोगों को अरेस्ट कर लिया है। जानिए और इस बारे में ...


- इंदिरा मार्केट में ताराचंद और उसकी पत्नी उर्मिला का घर है। घर में रहने वाली एक लड़की सोमवार को अपने भाई के पास पहुंची। उसने अपने भाई को बताया कि उनकी बड़ी बहन अनिता (35) को उसने 14 जनवरी से नहीं देखा है। वह घर में ही है और उसके साथ कुछ गलत हुआ है। इस पर भाई-बहन मंगलवार को पुलिस के पास पहुंचे। मंगलवार देर रात पुलिस दोनों को लेकर उनके घर गई। घर का नजारा देख पुलिस के होश उड़ गए।
- कमरे में दोनों भाई-बहन की बड़ी बहन मृत पड़ी थी। उसका बदबू मार रहा शव वहां पड़ा था।
- उसके माता-पिता ने पुलिस को शव को छूने नहीं दिया और कहा कि यह अभी जिंदा हो जाएगी।
- इस पर पुलिस ने उनको हिरासत में ले लिया और शव को पोस्टमार्टम के लिए मोर्चरी में रखवाया।

दोनों के हैं तीन बेटे और दो बेटियां
- दोनों के तीन बेटे और दो बेटियां हैं। तीनों बेटों की माता-पिता से बनती नहीं है। इसलिए वे अलग रहते हैं। दो बेटे गंगापुरसिटी में तथा एक हरियाणा के वल्लभगढ़ में रहता है।
- वहीं दोनों बेटियां अनिता और मोहनी कुंवारी हैं।

कई दिन पहले ही हो गई थी मौत
- ताराचंद के बेटे श्याम सिंह राजपूत ने इस संबंध में पुलिस में रिपोर्ट दी है। रिपोर्ट में बताया है कि उसकी बहन अनिता का करीब 12 साल से गजेंद्र, गोपाल सिंह, बंटी, मंजू व नीटू द्वारा इलाज किया जा रहा है। उसका इलाज करने वालों ने बताया कि अनिता पर भूत-प्रेत का साया है। इलाज के बाद उन्होंने बताया कि अनिता ठीक हो गई है और उसके शरीर में अब देवी का प्रवेश हो गया है। इलाज करने वाले तांत्रिकों ने ही घर में मंदिर बनवाया। मंदिर में एक गद्दी पर अनिता को बैठाकर लोगों का इलाज करने लग गए।

- गत 14 जनवरी को अनिता अचानक बीमार हो गई। उसका इलाज इन तांत्रिकों ने ही किया और डाक्टरों को नहीं दिखाने दिया। तांत्रिकों ने ताराचंद और उसकी उसकी पत्नी को डरा दिया कि अगर डाक्टरों के पास ले गए तो वह मर जाएगी। अगले दिन अनिता बेहोश हो गई। तांत्रिकों ने अनिता को एक कमरे में बंद कर दिया और कभी-कभी उसके माता-पिता को ही कमरे में जाने देते थे। वे कहते अनिता जिंदा है और डेढ़ माह में लौट आएगी। पिछले तीन-चार दिन से कमरे से बदबू आने लगी तो मेरी बहन ने आकर हमें सारी बात बताई।

मोहनी को घर में कैद कर रखा था

- ताराचंद और उसकी पत्नी ने मोहनी को घर में कैद कर रखा था। वे उसे घर से बाहर नहीं जाने देते थे।

- कुछ दिन पहले कमरे से बदबू आने पर वह किसी तरह वहां से निकली और तब यह बात सामने आई।

फोटो : मदनमोहन शर्मा