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बीएसएफ में तैनात राजस्थान के तीन जवानों का हुआ अंतिम संस्कार, 15 दिन और 3 साल के बेटों ने दी मुखाग्नि

Dainik Bhaskar

Jun 14, 2018, 11:29 AM IST

बीएसएफ में तैनात राजस्थान के तीन जवानों का हुआ अंतिम संस्कार, 15 दिन और 3 साल के बेटों ने दी मुखाग्नि

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जयपुर.जम्मू में बुधवार पाकिस्तान की ओर से हुई गोलाबारी में बीएसएफ में तैनात राजस्थान के तीन जवान शहीद हो गए थे। गुरुवार सुबह इनका अंतिम संस्कार किया गया। शहीद जवानों में जितेंद्र सिंह जयपुर, एएसआई रामनिवास सीकर और कांस्टेबल हंसराज गुर्जर अलवर के रहने वाले थे। जितेंद्र को उनके 3 साल के बेटे ने और हंसराज को उनके 15 दिन के बेटे ने मुखाग्नि दी।

- जितेंद्र सिंह का अंतिम संस्कार उनके पैतृक गांव सलेमपुर में किया गया। यहां उनके तीन साल के बेटे ने उन्हें मुखाग्नि दी। शहीद के अंतिम दर्शन के लिए बड़ी संख्या में लोग यहां पहुंचे। इस दौरान लोगों में पाकिस्तान को लेकर गुस्सा भी दिखा।
- जितेंद्र सिंह का परिवार जयपुर में मानसरोवर स्थित रजत पथ पर रह रहा है। जितेंद्र सिंह जम्मू के सांबा सेक्टर में तैनात थे। उनकी पत्नी व बेटा जम्मू में ही साथ रह रहे थे।
- जितेंद्र सिंह के माता-पिता उनसे मिलने जम्मू गए थे। वहां जितेंद्र ने अपने माता-पिता को वैष्णो देवी के दर्शन करवाए। इसके बाद मंगलवार शाम को जितेंद्र ने उन्हें जयपुर के लिए ट्रेन में बैठाकर रवाना किया। दो दिन की छुट्टी के बाद जितेंद्र सिंह मंगलवार को फिर से ड्यूटी पर चले गए थे।

रामनिवास अपने गांव के पहले शहीद

- सीकर के रामनिवास का अंतिम संस्कार भी उनके पैतृक गांव में किया गया। 45 वर्षीय रामनिवास सीकर जिले के बानावाली ढाणी तन डाबला निवासी थे। उनकी बीएसएफ में 26 साल की सेवा हो गई थी। वे डाबला के पहले शहीद हैं।
- उनके बेटे सुनील यादव पंजाब के भठिंडा में एनडीआरएफ में तैनात हैं। परिवार में बुजुर्ग मां के अलावा पत्नी भगवती देवी, पुत्र सुनील व बेटी सुमन हैं। रामनिवास पांच भाइयों में तीसरे नंबर के थे। रामनिवास अप्रैल में ही गांव आकर गए थे। उन्होंने रात को ही घर पर पत्नी से बात की थी, तब वहां के हालात सामान्य बताए थे।

- शहीद के परिवार के लोगों ने बताया कि रामनिवास दो साल पहले सेवानिवृत्त होना चाहते थे। तब घरेलू कार्य अधिक था, लेकिन बाद में परिवार से चर्चा कर मन बदल दिया।

हंसराज को 15 दिन के बच्चे ने दी मुखाग्नि

- अलवर के बानसूर के मुगलपुर निवासी 28 वर्षीय हंसराज को उनके 15 दिन के बेटे ने मुखाग्नि दी। हंसराज पहली बार उसे देखने 15 जून को घर आने वाले थे। इसी दिन कुआं पूजन कार्यक्रम था। साधारण किसान परिवार में जन्मे हंसराज तीन भाइयों में सबसे छोटे थे। दो भाई खेती करते हैं।
- हंसराज वर्ष 2011 में बीएसएफ में कांस्टेबल के पद पर भर्ती हुए थे और रामगढ़ सेक्टर में तैनात थे।

- हंसराज दिसंबर में छुट्टी आए थे और जनवरी 2018 में वापस ड्यूटी पर लौट गए। इसके बाद मई में उसकी पत्नी ने एक बेटे को जन्म दिया। परिवार वालों ने बताया तो पहली बार देखने आऊंगा तो साथ ही कुआं पूजना करा लेंगे। परिवार में इसे लेकर खुशी थी, क्योंकि करीब एक साल पहले भी पत्नी ने बेटे को जन्म दिया, लेकिन डेढ़ माह बाद ही वह चल बसा था।

सीएम ने जताई संवेदना

- सीएम वसुंधरा राजे ने जम्मू-कश्मीर के सांबा सेक्टर में अंतरराष्ट्रीय सीमा पर हुई गोलीबारी में सीमा सुरक्षा बल के चार जवानों के शहीद होने पर संवेदना व्यक्त की है। सीएम ने संवेदना संदेश में कहा कि जयपुर के असिस्टेंट कमांडेंट जितेंद्र सिंह, सीकर जिले के एएसआई रामनिवास, अलवर के कांस्टेबल हंसराज गुर्जर व यूपी के एसआई रजनीश कुमार ने देश की सीमा की रक्षा करते हुए प्राण त्याग कर देश और प्रदेश का सिर गर्व से ऊंचा किया है। सीएम राजे ने ईश्वर से शहीदों की आत्मा की शांति तथा शोक संतप्त परिजनों को यह आघात सहन करने की शक्ति प्रदान करने के लिए प्रार्थना की है।

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