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अनियंत्रित हुई वैन नदी में गिरी, 4 रिश्तेदारों में से 2 सगे भाइयों की मौत

अनियंत्रित हुई वैन नदी में गिरी, 4 रिश्तेदारों में से 2 सगे भाइयों की मौत

Danik Bhaskar | Dec 03, 2017, 01:17 PM IST
नदी में गिरी वैन व शव को निकालत नदी में गिरी वैन व शव को निकालत

कुशलगढ़ (बांसवाड़ा)। कुशलगढ़ के पास रविवार को एक वैन के नदी में गिर जाने से उसमें सवार दो लोगों की मौत हो गई तथा दो घायल हो गए। मरने वाले दोनों सगे भाई थे। सभी मंदिर दर्शन करने के लिए जा रहे थे। ग्रामीणों ने बड़ी मुश्किल से शव पानी से निकाले। शवों को किनारे तक लाए और वहां खड़ी जेसीबी से शवों को निकाला। जानिए और इस बारे में ....

- कुशलगढ निवासी दिलीप कुमार पुत्र समरथमल सिंगावत (60) व उसका छोटा भाई विपिन कुमार (52) अपने बहनोई अजबलाल पुत्र मन्नालाल शाह तथा भांजे सुमित के साथ वैन से जैन मंदिर में दर्शन करने के लिए जा रहे थे। वैन को सौरभ चला रहा था।

- जैन मंदिर पहुंचने के लिए रास्ते में मोर नदी पार करनी पड़ती है। नदी के पास नया रास्ता बना है। इनकी वैन इस रास्ते से निकल रही थी।

- अचानक कार में रखी एक कैन गिर गई। गाड़ी चला रहे सौरभ ने कैन को उठाया। ऐसा करने से गाड़ी अनियंत्रित हो गई और नदी में गिर गई। वैन ऊंचाई से आगे की तरफ से नदी में गिरी।

- वैन के पानी में गिरने से जोर की अावाज आई। वहां मौजूद ग्रामीण तुरंत हरकत में आ गए। वहां बड़ी संख्या में ग्रामीण एकत्र हो गए तथा पुलिस व प्रशासन के अधिकारियों को सूचना दी।
- सुमित और उसके पिता अजबलाल को लोगों ने बचा लिया परन्तु दोनों भाई दिलीप व विपिन मौत हो गई जिनके शव काफी मशक्कत के बाद लोगों ने रस्सी से बांधकर निकाले।

मुश्किल से निकाले शव

- कुछ ग्रामीण पानी में कूद गए। दो शवों को बड़ी मुश्किल से किनारे लाए तथा वहां खड़ी जेसीबी के बास्केट में शवों को रखकर सड़क तक पहुंचाया।

हर रविवार जाते थे मंदिर
- विपिन और दिलीप हर रविवार को वागुन मंदिर में दर्शन करने के लिए जाते थे। मंदिर कुशलगढ़ से दो किमी दूर है।
- विपिन की कुशलगढ़ में जुगनू पान की दुकान है तथा दिलीप का रेस्टोरेन्ट है। पांच भाइयों में सबसे बड़ा विपिन है तथा दिलीप दूसरे नंबर का है। दो भाइयो की पहले मृत्यु हो गई थी

अंतिम संस्कार किया
- शव पोस्टमार्टम के बाद परिजनों को सौप दिए गए। जिनका गमगीन माहौल मे अंतिम संस्कार कर दिया गया। कुशलगढ में यह पहला मौका था जब दो सगे भाइयों की अर्थिया एक साथ उठीं हों। परिजनों का विलाप सुनकर वहा मौजूद हर किसी की आखें नम हो गईं थीं। पांच भाइयो में दिलीप सबसे बड़ा व विपिन उससे छोटा था जबकि उनसे छोटे दो भाइयो की पहले ही मौत हो गई थी।

आगे की स्लाइड्स में देखिए और फोटोज : चंद्रशेखर पालीवाल