--Advertisement--

तीन दोस्त नाले में नहाने उतरे, देखते ही देखते दो डूब गए

तीन दोस्त नाले में नहाने उतरे, देखते ही देखते दो डूब गए

Danik Bhaskar | Jan 15, 2018, 12:40 PM IST
देर रात तक दोनों की तलाश जारी र देर रात तक दोनों की तलाश जारी र

बाली (पाली)। नाले में डूबे दो युवकों के शव सोमवार को नाले से निकाल लिए गए। तीन दोस्त मकर संक्रांति पर रविवार को नाले में नहाने उतरे थे। गहराई में जाने पर दो डूब गए। यह देख तीसरा वहां से भाग खड़ा हुआ और पास के एक गांव में अपने रिश्तेदार के यहां छिप गया। वह वहां तीन घंटे तक छिपा रहा। फिर अपने घर पहुंचकर उसने हादसे के बारे में बताया। जानकारी मिलने पर प्रशासन हरकत में आया तब तक काफी देर हो चुकी थी। जानिए क्या है मामला ...


- अशोक हीरागर (27) निवासी खीमेल ढाणी, कैलाश हीरागर (33) व मांगीलाल (33) पिकनिक मनाने खीमेल के समीप नाले पर गए थे। तीनों ने नाले में नहाने का मन बनाया। पहले अशोक नाले में उतरा फिर कैलाश। अचानक दोनों नाले के गहराई क्षेत्र में जाने के बाद छटपटाने लगे। इस पर मांगीलाल नाले में जाने का प्रयास करने लगा, मगर दोनों युवकों के डूबने के बाद वह किनारे से ही बाहर आ गया। गहराई में जाने से दो डूबने लगे। हाथ-पैर मारने पर दोनों और गहराई में चले गए। यह देख मांगीलाल बुरी तरह घबरा गया और वहां से भाग कर अपने रिश्तेदार के यहां छिप गया। रात को घर पहुंचकर उसने सारी बात बताई।

इसलिए देर से लगा पता
- दोनों दोस्तो के डूबने के बाद मांगीलाल भागकर फतापुरा गांव में अपने रिश्तेदार के यहां छिप गया। वहां वह करीब 3 घंटे से अधिक समय तक छिपा रहा। रात गहराने के बाद वह अपने गांव पहुंचा तथा परिजनों को जानकारी दी। रात को जानकारी प्रशासन के पास पहुंची। इसके बाद सरपंच महिराजसिंह तथा ग्रामीणों के सहयोग से उक्त स्थान पर दो जेसीबी मंगवाई गई। तहसीलदार विवेक व्यास भी मौके पर पहुंच गए। इसके बाद प्रशासन अलर्ट हुआ। नाले में बजरी के अवैध खनन के गहरा होने के कारण बाली से तैराकों को बुलाकर रेस्क्यू कराया गया। दो जेसीबी लगाकर पानी भी खाली कराया, मगर रात में तेज ठंड होने के कारण तैराकों ने भी हाथ खड़े कर दिए। तैराक एक युवक तक तो पहुंचे गए, लेकिन वह दलदल में फंसा था और अंधेरे में उसे निकालना आसान नहीं था।


पहले जेसीबी से पानी निकलवाया फिर बाली से तैराक बुलाए
- पहले दोनों युवकों काे बाहर निकालने के लिए दो जेसीबी मंगवाकर नाले से पानी खाली कराया गया। खड्डा काफी गहरा होने के कारण पानी नहीं टूट रहा था। इसके बाद बाली से प्रमुख तैराक साबीर खान तथा उनके सहयोगियों को बुलाया गया। रात में वे नाले में उतरे। करीब एक घंटे तक पूरे पानी को खंगालते रहे। रात में सर्दी से पानी ठंडा होने के बाद तैराकों ने भी मना कर दिया।

आगे की स्लाइड्स में देखिए और फोटोज

फोटो : प्रकाश पालीवाल