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पिता लगाते हैं सब्जी का ठेला, बेटा 18 की उम्र में जीत चुका कई गोल्ड मेडल

पिता लगाते हैं सब्जी का ठेला, बेटा 18 की उम्र में जीत चुका कई गोल्ड मेडल

Danik Bhaskar | Nov 22, 2017, 04:42 PM IST
5 साल पहले शुरू की थी ट्रेनिंग। 5 साल पहले शुरू की थी ट्रेनिंग।

जयपुर. शहर के रहने अश्वनी मीणा ने गुडगांव में स्केटिंग में गोल्ड जीत कर पिंकसिटी का नाम एक बार फिर रौशन किया है। उन्होंने कई राज्यों से आए लड़कों को हराकर फाइनल में जगह बनाई। जिसके बाद फाइनल में गोल्ड मेडल जीता। जिसका कारण वे अपनी मेहनत और कोच संजय बुंदेला की ट्रेनिंग को बताते हैं। जानें अश्वनी की पूरी कहानी...

- गरीब परिवार में जन्म अश्वनी मीणा फिलहाल 18 साल के हैं, और पिछले 5 साल से रोलर स्केटिंग की ट्रेनिंग ले रहे हैं।
- अश्वनी ने DainikBhaskar.com से बातचीत में बताया कि फिल्म धूम 2 में रितिक रोशन को स्केटिंग करता देख उन्हें ये शौक चढ़ा। जिसके बाद उन्होंने स्केटिंग करने की ठानी।
- बता दें कि अश्वनी के पिता जयपुर के लाल कोठी इलाके में सब्जी का ठेला लगाते हैं। वहीं मां हाउस वाइफ हैं। इसके साथ उनकी दो बहने भी हैं।
- घर की स्थिति देखते हुए अश्वनी ने खुद ही स्केटिंग की प्रेक्टिस शुरू की, लेकिन उन्हें किसी प्रोफेशनल की मदद की जरूरत थी। जिसके लिए वे संजय बुंदेला की एकेडमी पहुंचे।

कोचिंग के लिए नहीं थी फीस


- अश्वनी ने बताया कि संजय बुंदेला ने उन्हें स्केटिंग करते देखा तो एकेडमी ज्वाइन करने के लिए कहा। लेकिन अश्वनी के पास इतने पैसे नहीं थे कि वे एकेडमी की फीस जमा करा सकें। इसके बाद अश्वनी ने अपने दम पर एक लोकल इवेंट में पदक हासिल किया। जिसके बाद उन्होंने संजय बुंदेला की एकेडमी ज्वॉइन की। अश्वनी की लगन को देखते हुए संजय ने फीस भी चार्ज नहीं की।

अब चीन जाने की तैयारी


- अब अश्वनी देश में होने वाले कई इवेंट में सिल्वर-गोल्ड मेडल हासिल कर चुके हैं। जो फिलहाल अगले साल चीन में होने वाली इंटरनेशनल स्केटिंग प्रतियोगिता की तैयारी कर रहे हैं।
- संजय बुंदेला बताते हैं कि जहां बड़े-बड़े परिवारों के बच्चे नशे के आदी हो रहे हैं। ऐसे में अश्वनी देश के लिए मेडल लाने की तैयारी कर रहा है।
- वे जितनी हो सके फाइनेंशियल तौर पर अश्वनी की मदद करते हैं। लेकिन ऐसे उभरते टैलेंट को मदद भी मिलनी चाहिए।

आगे की स्लाइड्स में देखिए अश्वनी की फोटोज।