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आत्मा के खौफ के कारण बदला इस किले का नाम, अब ऐसी हालत में लटकी मिली लाश

आत्मा के खौफ के कारण बदला इस किले का नाम, अब ऐसी हालत में लटकी मिली लाश

Dainik Bhaskar

Nov 24, 2017, 12:24 PM IST
नाहरगढ़ फोर्ट। किले पर लटकी मि नाहरगढ़ फोर्ट। किले पर लटकी मि

जयपुर. नाहरगढ़ किले की प्राचीर पर एक लड़के का शव मिलने के बाद इलाके में सनसनी फैल गई है। इसके बाद किले की सुरक्षा को लेकर भी सवाल उठाए जा रहे हैं। गौरतलब है कि इस किले का निर्माण जयपुर शहर की सुरक्षा के लिए हुआ था। यह किला अपनी ख़ूबसूरती के कारण देश और दुनिया के पर्यटकों के अलावा फिल्म इंडस्ट्री को भी आकर्षित कर रहा है। आत्मा ने रोका था किले का काम...


- कहा जाता है कि किले के निर्माण के दौरान अजीब घटनाएं सामने आ रहीं थी। हर दूसरे दिन मजदूरों को अपना काम बिगड़ा हुआ मिलता था। इसके बाद पता करने पर जानकारी मिली कि यह जगह राठौर राजा नाहर सिंह भोमिया की थी।
- लोगों का मानना था कि उनकी आत्मा की वजह से निर्माण में इस तरह की दिक्कतें सामने आ रही थी। जिसके बाद सवाई राजा मान सिंह ने पास के पुराना घाट पर उनके लिए एक छोटा सा महल बनवाया। नाहर सिंह की आत्मा को जगह मिलने के बाद महल के निर्माण में कभी भी गड़बड़ी नहीं आई।
- इस किले का पहले नाम सुदर्शनगढ़ था, लेकिन राठौर राजा नाहर सिंह भोमिया की आत्मा का किस्सा आने के बाद इसका नाम बदलकर नाहरगढ़ कर दिया गया।

अकबर के नौ रत्नों में एक ने बनवाया था ये महल
- अकबर के नौ रत्नों में से एक रहे महाराजा मान सिंह ने नाहरगढ़ किले का निर्माण करवाया था। महाराजा मान सिंह ने ही जयपुर की स्थापना भी की थी। सन् 1734 ईसवी में इस किले का निर्माण करवाया गया।
- अरावली की पहाडिय़ों पर बना यह किला आमेर और जयगढ़ किले के साथ मिलकर जयपुर शहर को सुरक्षा देने के हिसाब से बनवाया गया था। इस किले में आमिर खान से लेकर सुशांत सिंह राजपूत की फिल्में शूट हो चुकी हैं।

रानियों के लिए करवाया था शाही भवनों का निर्माण
- राजा मान सिंह की कई रानियां थी, यही वजह थी कि उन्होंने सभी रानियों के लिए शाही कमरे बनवाए थे।
- इसके लिए खास तौर पर आर्किटेक्ट को निर्देश दिए गए थे। इसे बनाने का श्रेय जय धर भट्टाचार्य को जाता है जिन्होंने रानियों ने के भवन का निर्माण किया था।
- रानियों के लिए मानवेन्द्र भवन में एक जैसे कई शाही कमरे बनवाए गए थे।
- जिनमें टॉयलेट से लेकर किचन तक ही व्यवस्था दी गई थी।

जानवरों का खतरा
इस किले के पीछे काफी बड़ा जंगल है। बताया जाता है कि राजा मानसिंह जंगल का इस्तेमाल शिकार के लिए करते थे। आज भी यहां कई जंगली जानवर मौजूद हैं। यही कारण है कि यहां पर्यटकों को दिन में भी महल या केसर क्यारी(किले का हिस्सा) के आस-पास नहीं घूमने देते।

आगे की स्लाइड्स में देखिए इस किले की फोटोज।


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नाहरगढ़ फोर्ट। किले पर लटकी मिनाहरगढ़ फोर्ट। किले पर लटकी मि
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