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कभी चमगादड़ों का घर बन गया था 200 साल पुराना ये किला, फिर बना लग्जरी होटल

कभी चमगादड़ों का घर बन गया था 200 साल पुराना ये किला, फिर बना लग्जरी होटल

Anant Aeron | Last Modified - Nov 24, 2017, 10:58 AM IST

पचेवर(राजस्थान).इतिहास में चौबुर्जा किले के नाम से प्रसिद्ध पचेवर का गढ़ वर्तमान में देशी-परदेशी पर्यटकों के आकर्षण का केन्द्र बनता जा रहा हैं। हर साल हजारों की संख्या में देशी-विदेशी टूरिस्ट यहां पहुंचते हैं। हर वर्ष पर्यटकों के बड़ी संख्या में यहां आने से इस प्राचीन धरोहर को विश्व में प्रसिद्धि मिल रही हैं। पचेवर गढ़ के नाम से संचालित इस हेरिटेज होटल का सफल संचालन राजकुमारी मधुलिका सिंह द्वारा किया जा रहा हैं। रोचक है पचेवर का इतिहास...

- मधुलिका सिंह ने बताया कि किसी जमाने में कस्बे में खंगारोत राजपूतों का शासन था। ठाकुर अनूप सिंह खंगारोत एक कुशल योद्धा थे। उन्होंने बहुत से युद्ध लड़े जिनमें मराठों से रणथम्भौर के किले पर कब्जा कर पुन: जयपुर शासक को संभला दिया था। उनके साहस और महाराजा सवाई माधोसिंह के प्रति वफादारी के एवज में 1758 ईस्वी में पचेवर की मिल्कियत उनको सौंप दी थी।

आकर्षक है पचेवर का गढ़

- किसी जमाने में चमगादड़ों का बसेरा बन गया था। जब सरकार ने आजादी के बाद गढ़ को कस्टोडियन में ले लिया था। नन्देश्वरीदेवी ने अपने पति नाहरसिंह की मृत्यु के पश्चात अदालत में लम्बी कानूनी लड़ाई लड़ी। आखिरकार 35 वर्ष लम्बी कानूनी पेचीदगीयों के पश्चात फैसला आया। नंदेश्वरी देवी ने सरकार से दोबारा गढ़ को हासिल किया। गढ़ के वैभव को चार चांद लगाते प्राचीर भव्य द्वार, बाल्कनियों अपार्टमेंट बेहतरीन और प्राचीन भीत्ति चित्र के साथ सजी हुई है। होटल में देशी विदेशी पाहुनों के लिए सभी तरह की सुविधाएं उपलब्ध कराई गई है। इस वैभवशाली गढ़ में ठहरकर पर्यटक मंत्रमुग्ध हो राजसी ठाठ-बाठ का आनंद लेते है।


ये भी खास

- पर्यटन के लिए खास है पचेवर-जयपुर अजमेर से लगभग 80 किलोमीटर की दूरी पर स्थित पचेवर कस्बा ग्रामीण पर्यटन के लिए देश और दुनिया में एक अलग पहचान बनाए हुए है।
- यात्रा के दौरान यहां पर घटियाली गांव में बनाई जा रही विश्व प्रसिद्ध ब्लू पॉटरी को बनते हुए देखे के लिए मिलती है। जो देश और दुनिया में बेची जाती है। यात्रा के दौरान विलेज वॉक कर पर्यटक ग्रामीण जीवन से रूबरू होते हुए यहां के लुहार, कुम्हार परिवारों द्वारा बनाई जा रही हस्तशिल्पियों का भी आनन्द लेते है।

जीप सफारी का भी लेते हैं आनंद

एडवेंचर लवर्स के कस्बे के आसपास के इलाके में जीप सफारी जिसमें खेत खलिहान और गनवर गांव स्थित पहाड़ी तक जाया जा सकता है। इसके साथ ही यहां फोटोग्राफी , बैलगाड़ी का आनंद और पंपासागर तालाब जहां दूर दूर से पक्षियों के साथ साथ बड़ी संख्या में आने वाले साइबेरियन क्रेन भी देखे जा सकते है।

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