Hindi News »Rajasthan News »Jaipur News »News» Pachewar Fort Which Turn Into Luzury Hotel

चमगादड़ों का घर बन गया था 200 साल पुराना ये किला, ऐसे बना लग्जरी होटल

DainikBhaskar.com | Last Modified - Nov 26, 2017, 11:25 AM IST

चौबुर्जा किले के नाम से प्रसिद्ध पचेवर का गढ़ वर्तमान में देशी-परदेशी पर्यटकों के आकर्षण का केन्द्र बनता जा रहा हैं।
  • चमगादड़ों का घर बन गया था 200 साल पुराना ये किला, ऐसे बना लग्जरी होटल
    +7और स्लाइड देखें
    पचेवर का किला।

    पचेवर(राजस्थान).इतिहास में चौबुर्जा किले के नाम से प्रसिद्ध पचेवर का गढ़ वर्तमान में देशी-परदेशी पर्यटकों के आकर्षण का केन्द्र बनता जा रहा हैं। हर साल हजारों की संख्या में देशी-विदेशी टूरिस्ट यहां पहुंचते हैं। हर वर्ष पर्यटकों के बड़ी संख्या में यहां आने से इस प्राचीन धरोहर को विश्व में प्रसिद्धि मिल रही हैं। पचेवर गढ़ के नाम से संचालित इस हेरिटेज होटल का सफल संचालन राजकुमारी मधुलिका सिंह द्वारा किया जा रहा हैं। रोचक है पचेवर का इतिहास...

    - मधुलिका सिंह ने बताया कि किसी जमाने में कस्बे में खंगारोत राजपूतों का शासन था। ठाकुर अनूप सिंह खंगारोत एक कुशल योद्धा थे। उन्होंने बहुत से युद्ध लड़े जिनमें मराठों से रणथम्भौर के किले पर कब्जा कर पुन: जयपुर शासक को संभला दिया था। उनके साहस और महाराजा सवाई माधोसिंह के प्रति वफादारी के एवज में 1758 ईस्वी में पचेवर की मिल्कियत उनको सौंप दी थी।

    आकर्षक है पचेवर का गढ़

    - किसी जमाने में चमगादड़ों का बसेरा बन गया था। जब सरकार ने आजादी के बाद गढ़ को कस्टोडियन में ले लिया था। नन्देश्वरीदेवी ने अपने पति नाहरसिंह की मृत्यु के पश्चात अदालत में लम्बी कानूनी लड़ाई लड़ी। आखिरकार 35 वर्ष लम्बी कानूनी पेचीदगीयों के पश्चात फैसला आया। नंदेश्वरी देवी ने सरकार से दोबारा गढ़ को हासिल किया। गढ़ के वैभव को चार चांद लगाते प्राचीर भव्य द्वार, बाल्कनियों अपार्टमेंट बेहतरीन और प्राचीन भीत्ति चित्र के साथ सजी हुई है। होटल में देशी विदेशी पाहुनों के लिए सभी तरह की सुविधाएं उपलब्ध कराई गई है। इस वैभवशाली गढ़ में ठहरकर पर्यटक मंत्रमुग्ध हो राजसी ठाठ-बाठ का आनंद लेते है।


    ये भी खास

    - पर्यटन के लिए खास है पचेवर-जयपुर अजमेर से लगभग 80 किलोमीटर की दूरी पर स्थित पचेवर कस्बा ग्रामीण पर्यटन के लिए देश और दुनिया में एक अलग पहचान बनाए हुए है।
    - यात्रा के दौरान यहां पर घटियाली गांव में बनाई जा रही विश्व प्रसिद्ध ब्लू पॉटरी को बनते हुए देखे के लिए मिलती है। जो देश और दुनिया में बेची जाती है। यात्रा के दौरान विलेज वॉक कर पर्यटक ग्रामीण जीवन से रूबरू होते हुए यहां के लुहार, कुम्हार परिवारों द्वारा बनाई जा रही हस्तशिल्पियों का भी आनन्द लेते है।

    जीप सफारी का भी लेते हैं आनंद

    एडवेंचर लवर्स के कस्बे के आसपास के इलाके में जीप सफारी जिसमें खेत खलिहान और गनवर गांव स्थित पहाड़ी तक जाया जा सकता है। इसके साथ ही यहां फोटोग्राफी , बैलगाड़ी का आनंद और पंपासागर तालाब जहां दूर दूर से पक्षियों के साथ साथ बड़ी संख्या में आने वाले साइबेरियन क्रेन भी देखे जा सकते है।

  • चमगादड़ों का घर बन गया था 200 साल पुराना ये किला, ऐसे बना लग्जरी होटल
    +7और स्लाइड देखें
    होटल का इंटीरियर भी आकर्षक है।
  • चमगादड़ों का घर बन गया था 200 साल पुराना ये किला, ऐसे बना लग्जरी होटल
    +7और स्लाइड देखें
    35 साल की कानूनी लड़ाई लड़न के बाद हासिल किया किला।
  • चमगादड़ों का घर बन गया था 200 साल पुराना ये किला, ऐसे बना लग्जरी होटल
    +7और स्लाइड देखें
    महाराजा सवाई माधोसिंह के प्रति वफादारी के एवज में 1758 ईस्वी में पचेवर की मिल्कियत ठाकुर अनूप सिंह को सौंप दी थी।
  • चमगादड़ों का घर बन गया था 200 साल पुराना ये किला, ऐसे बना लग्जरी होटल
    +7और स्लाइड देखें
    होटल में अलग-अलग तरह के कई कमरे है।
  • चमगादड़ों का घर बन गया था 200 साल पुराना ये किला, ऐसे बना लग्जरी होटल
    +7और स्लाइड देखें
    अनोखे रंगों से सजा है होटल।
  • चमगादड़ों का घर बन गया था 200 साल पुराना ये किला, ऐसे बना लग्जरी होटल
    +7और स्लाइड देखें
    किसी जमाने में कस्बे में खंगारोत राजपूतों का शासन था।
  • चमगादड़ों का घर बन गया था 200 साल पुराना ये किला, ऐसे बना लग्जरी होटल
    +7और स्लाइड देखें
    ठाकुर अनूप सिंह खंगारोत एक कुशल योद्धा थे।
आगे की स्लाइड्स देखने के लिए क्लिक करें
दैनिक भास्कर पर Hindi News पढ़िए और रखिये अपने आप को अप-टू-डेट | अब पाइए Jaipur News in Hindi सबसे पहले दैनिक भास्कर पर | Hindi Samachar अपने मोबाइल पर पढ़ने के लिए डाउनलोड करें Hindi News App, या फिर 2G नेटवर्क के लिए हमारा Dainik Bhaskar Lite App.
Web Title: Pachewar Fort Which Turn Into Luzury Hotel
(News in Hindi from Dainik Bhaskar)

Stories You May be Interested in

      रिजल्ट शेयर करें:

      More From News

        Trending

        Live Hindi News

        0
        ×