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तांत्रिक चेतन से जुड़ी किले पर लटकी लाश की कहानी, पद्मावती से जुड़ा है किस्सा

तांत्रिक चेतन से जुड़ी किले पर लटकी लाश की कहानी, पद्मावती से जुड़ा है किस्सा

Danik Bhaskar | Nov 24, 2017, 02:29 PM IST
नाहरगढ़ किले की दीवार पर लटकी नाहरगढ़ किले की दीवार पर लटकी

जयपुर. यहां नाहरगढ़ फोर्ट पर एक व्यक्ति का शव लटका मिलने के बाद कई सवाल खड़े हो गए हैं। बताया जा रहा है कि शव के पास पत्थरों पर पद्मावती को लेकर कई बातें लिखी मिली है। इसके साथ एक पत्थर पर चेतन तांत्रिक भी लिखा मिला है। वहीं मृत व्यक्ति का नाम भी चेतन सैनी है। बता दें की पद्मावती की कहानी में भी चेतन नाम के एक व्यक्ति का जिक्र है। जानें क्या है चेतन तांत्रिक की कहानी....


- अतुल्य जैन धर्म एवं गढ़ चित्तौड़गढ़ के लेखक डॉ ए.एल.जैन ने DainikBhaskar.com को बताया कि रावल रतन सिंह के दरबार में राघव चेतन नाम का एक तांत्रिक था। जिसे पोएट्री का भी शौक था।
- एक दिन रावल रतन सिंह ने उसे कुछ ऐसा करते देख लिया, जो राज दरबार की शान के खिलाफ था। जिसके बाद उसे राज्य से बाहर निकाल दिया गया।
- जिसके बाद तांत्रिक चेतन अल्लाउद्दीन खिलजी के पास पहुंचा। उसने खिलजी के सामने पद्मावती की सुंदरता तारीफ की। जिसके बाद खिलजी ने पद्मावती को पाने के लिए चित्तौड़ पर आक्रमण किया।
- ए.एल.जैन ने बताया कि किताबों में राघव चेतन के एक बेटे का जिक्र भी किया गया है। जो भी पोएट्री का शौक रखता था।

जायसी ने क्या लिखा


सूफी कवि मलिक मोहम्मद जायसी ने मूल घटना के सवा दो सौ साल बाद काव्य रूप में ‘पदमावत’ लिखी थी। कई लोग मानते हैं कि इसमें हकीकत के साथ कल्पना भी शामिल है। जायसी ने लिखा कि पद्मावती सुंदर थी। खिलजी ने उनके बारे में सुना तो देखना चाहा। खिलजी की सेना ने चित्तौड़ को घेर लिया। रतन सिंह के पास संदेश भिजवाया- पद्मावती से मिलवाओ तो बिना हमला किए चितौड़ छोड़ दूंगा। रतन सिंह ने पद्मावती को बताया। रानी राजी नहीं थीं। अंत में जौहर कर लिया।

क्या है चेतन नाम के पीछे की कहानी


- दरअसल नाहरगढ़ किले में जिस व्यक्ति की लाश प्राचीर से लटकी मिली है उसका नाम चेतन सैनी है। उसके पास ही एक पत्थर पर चेतन तांत्रिक भी लिखा मिला है। जिसके साथ कुछ पत्थरों पर ये भी लिखा है कि पद्मावती का विरोध करने वालों हम सिर्फ पुतले नहीं लटकाते हैं।

फिल्म पद्मावती को लेकर क्या आपत्ति है?


- राजस्थान में करणी सेना, बीजेपी लीडर्स और हिंदूवादी संगठनों ने इतिहास से छेड़छाड़ का आरोप लगाया है। राजपूत करणी सेना का मानना है कि ​इस फिल्म में पद्मिनी और खिलजी के बीच इंटिमेट सीन फिल्माए जाने से उनकी भावनाओं को ठेस पहुंची है। लिहाजा, फिल्म को रिलीज से पहले पार्टी के राजपूत प्रतिनिधियों को दिखाया जाना चाहिए।