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सुनील मेहरोत्रा, ओपी गलहोत्रा बनेंगे डीजी, डीजीपी की दौड़ में गलहोत्रा सबसे आगे

सुनील मेहरोत्रा, ओपी गलहोत्रा बनेंगे डीजी, डीजीपी की दौड़ में गलहोत्रा सबसे आगे

Dainik Bhaskar

Nov 29, 2017, 11:57 AM IST
एडीजी आर्म्ड बटालियन ओपी गलहो एडीजी आर्म्ड बटालियन ओपी गलहो

जयपुर। चीफ सेक्रेटरी की नियुक्ति का मामला हो या फिर नए डीजीपी सहित ब्यूरोक्रेसी के प्रमुख पदों पर नियुक्तियों से जुड़े प्रकरण, सीएम वसुंधरा राजे ने हमेशा एक सरप्राइज दिया है। आगामी दो दिन में प्रदेश पुलिस के नए मुखिया की नियुक्ति होनी है। मौजूदा डीजीपी अजीत सिंह शेखावत 30 नवंबर हो रिटायर हो जाएंगे। इसके साथ ही प्रदेश में डीजी की दो पोस्ट खाली हो जाएंगी। जानिए और इस बारे में ....

- इसकी एवज में एडीजी एवं कार्यवाहक डीजी जेल सुनील मेहरोत्रा एवं एडीजी आर्म्ड बटालियन ओपी गलहोत्रा को प्रमोट करके डीजी बनाया जाएगा। इसके लिए स्क्रीनिंग हो चुकी है। गलहोत्रा को प्रदेश प्रमुख की कमान मिल सकती है। इसलिए, 30 नवंबर को दोपहर बाद प्रमोशन के साथ डीजीपी बनाने का ऑर्डर जारी किया जा सकता है। उनसे पहले सुनील कुमार मेहरोत्रा का नाम है, लेकिन दोनों एक ही बैच के अधिकारी हैं इसलिए सरकार को कोई दिक्कत भी नहीं आएगी।

मेहरोत्रा-गलहोत्रा का होगा प्रमोशन
- प्रदेश में डीजी के दो पद स्वीकृत हैं, लेकिन एक्स कैडर में दो और डीजी बनाए जा सकते हैं। इस लिहाज से अक्टूबर में डीजी नंदकिशोर के रिटायरमेंट की वजह से डीजी का एक पद रिक्त है। दूसरा, पद 30 नवंबर को डीजीपी अजीत सिंह के रिटायरमेंट से रिक्त हो जाएगा।

- दोनों रिक्त पदों पर वर्तमान में डीजी जेल का चार्ज संभाल रहे सुनील कुमार मेहरोत्रा और एडीजी आरएसी ओपी गलहोत्रा का डीजी बनना तय है। दोनों एक ही बैच के हैं। इसलिए, गलहोत्रा को सरकार डीजीपी बनाकर उनके सीबीआई के अनुभव का फायदा उठा सकती है।

नवदीप-गर्ग पर सहमति के आसार नहीं
- प्रदेश पुलिस में सबसे सीनियर अफसर नवदीप सिंह हैं, जो वर्तमान में डीजी होमगार्ड हैं। वे डीजीपी की दौड़ में शामिल नहीं हैं। इसकी दो वजह है। पहली, सरकार ने उन्हें एसीबी में डीजी बनाया था, लेकिन विवादों के चलते थोड़े समय बाद ही उन्हें हटाना पड़ा था। दूसरा, उनकी पत्नी परम नवदीप कांग्रेस की विधायक रही हैं। दूसरे सीनियर अफसर कपिल गर्ग वर्तमान में एससीआरबी के डीजी हैं। सरकार से उनके विवाद किसी से छिपे नहीं हैं। इसलिए, नवदीप सिंह व कपिल गर्ग के डीजीपी बनने की संभावना दूर-दूर तक नहीं है।


पॉलिटिकल फायदे की नियुक्त नहीं होगी
- पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों में कार्यवाहक डीजी जेल सुनील कुमार मेहरोत्रा उत्तराखंड से हैं और ओपी गलहोत्रा हरियाणा से। सरकार को इनमें से किसी की भी नियुक्ति से कोई सियासी फायदा होने वाला है नहीं। इसलिए, दोनों में से किसी की नियुक्ति कर दी जाए, कोई विवाद नहीं है। सीनियर-जूनियर वाली बात भी नहीं रहेगी क्योंकि, दोनों एक ही बैच के हैं। सरकार का मकसद सियासी फायदे के बजाय कानून-व्यवस्था पर ज्यादा फोकस रहेगा। इसलिए, गलहोत्रा को तवज्जो मिलना तय है।

फोटो : मनोज शर्मा

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