विज्ञापन

जयपुर डिस्कॉम / प्रमोशन से पहले दी थी चार्जशीट, रिटायरमेंट के आठ महीने बाद चीफ इंजीनियर बने कुमावत

Dainik Bhaskar

Apr 17, 2019, 05:48 PM IST


डिस्कॉम में चीफ इंजीनियर बनने वाले आरएन कुमावत डिस्कॉम में चीफ इंजीनियर बनने वाले आरएन कुमावत
X
डिस्कॉम में चीफ इंजीनियर बनने वाले आरएन कुमावतडिस्कॉम में चीफ इंजीनियर बनने वाले आरएन कुमावत
  • comment

  • पूर्व प्रबंधनों ने कुछ इंजीनियरों को रिटायरमेंट व प्रमोशन से पहले दी थी चार्जशीट, अब बरी 

जयपुर. जयपुर डिस्कॉम में एडिशनल चीफ इंजीनियर आरएन कुमावत को रिटायरमेंट के आठ महीने बाद चीफ इंजीनियर पोस्ट पर प्रमोशन मिला है। कुमावत की डेढ़ साल पहले डीपीसी होने के बाद चीफ इंजीनियर प्रमोशन से पहले कुछ शिकायतों के आधार पर तीन चार्जशीट दी गई थी और जवाब देने के बावजूद चार्जशीट को पेडिंग रखा गया। कुमावत को उस समय डिस्कॉम में बोर्ड में डायरेक्टर का प्रबल दावेदार माना जा रहा था। तभी  प्रमोशन व रिटायरमेंट से पहले हुई शिकायतों की जांच में कुमावत को क्लीनचिट दे दी।

पूर्व प्रबंधन की कार्यप्रणाली पर उठे सवाल , सीवीसी भी प्रमोशन से पहले शिकायतों पर जताई थी आपत्तियां

  1. मामले में जांच पूरी होने पर मौजूदा प्रबंधन ने मामले को निष्क्षता से से देखते हुए सभी चार्जशीटों को गलत मानते हुए मेरिट पर खत्म किया है। हालांकि कुमावत रिटायरमेंट होने से इन्हे पोस्ट का फायदा नहीं मिलेगा, लेकिन परिलाभ व पेंशन अब चीफ इंजीनियर पोस्ट के ही मिलेंगे। इसके साथ ही बिजली कंपनियों के प्रबंधन में अब कुमावत को महत्वपूर्ण जिम्मेदारी देना तय माना जा रहा है।  
     

  2. डिस्कॉम के रिटायर्ड सीई कुमावत का कहना है कि चीफ इंजीनियर की 3 अगस्त 2107 को डीपीसी होने के बाद पूर्व प्रबंधन ने बदनियती से चार्जशीट दी। चार्जशीट देने के तीन दिन बाद ही जवाब दे दिया था, लेकिन निर्णय को पेडिंग रखा। मुझे अक्टूबर 2017  में ही चीफ इंजीनियर बनाया जाना था। लेकिन रोक दिया। चार्जशीटों को निपटाने के बजाय इधर-उधर घुमाते रहे।

  3. अब मौजूदा प्रबंधन ने मामले को निष्पक्ष से देखते हुए सभी चार्जशीटों को गलत मानते हुए मेरिट पर खत्म किया है। जयपुर डिस्कॉम में पिछली सरकार के अंतिम दो साल में चार्जशीट देने व ड्रॉप करने की ‘परिपाटी’ बन गई थी। डिस्कॉम में सालों तक नौकरी में रहे कुछ अधीक्षण अभियंता व चीफ इंजीनियरों को प्रमोशन व रिटायरमेंट से पहले शिकायत हुई और चार्जशीट दी गई। 

  4. ऐसे में नौकरी में रहने पोस्ट व आर्थिक परिलाभ नहीं मिल पाए। एडिशनल चीफ इंजीनियर आरएन कुमावत को एडहॉक पर लगाया था। प्रमोशन से पहले कुमावत को तीन चार्जशीट दी थी। मेडिकल लीव में रहने पर दो चार्जशीट और दे दी। कुमावत के साथ जेईएन, एईएन व एक्सईएन के सहित छह अधिकारियों को चार्जशीट दी थी, लेकिन सभी अधिकारी व कर्मचारी फील्ड में ही लगे रहे।

  5. डीपीसी होने के बाद चार्जशीट दी। जवाब देने के बाद भी कुमावत का प्रमोशन रुक गया। चार्जशीट को जांच अधिकारी के पास भी भेजा गया। चार्जशीट पर एक साल में फैसल नहीं हो सका। वे 31 जुलाई 2018 को रिटायरमेंट हो गए। सेंट्रल विजिलेंस कमिश्नर (सीवीसी) ने  भी प्रमोशन से पहले शिकायतों के आधार पर चार्जशीट देने पर आपत्ति जता चुके है।

  6. जबकि डिस्कॉम में पिछले दिनों कुछ इंजीनियरों के प्रमोशन व रिटायरमेंट से पहले शिकायतें बढ़ गई थी। आरोप है कि इंजीनियरों के आपसी विवाद व लॉबिंग के कारण विपक्षी खेमे के इंजीनियरों को चार्जशीट देकर प्रमोशन से रोका जा रहा है। जबकि कई इंजीनियरों के खिलाफ सालों से जांच प्रक्रिया चल रही है।  

  7. जयपुर डिस्कॉम ने रिटायर्ड प्रशासनिक अधिकारियों को जांच अधिकारी बना रखे है। यह बड़े मामलों की जांच करते है। डिस्कॉम में जांच अधिकारी रामबल्लभ शर्मा, केएन गुप्ता, सीपी गुप्ता, एनपी शर्मा व एसके विजय, एसएस पारीक है।

     

    फोटो व खबर: श्यामराज शर्मा

COMMENT
Astrology

Recommended

Click to listen..
विज्ञापन

किस पार्टी को मिलेंगी कितनी सीटें? अंदाज़ा लगाएँ और इनाम जीतें

  • पार्टी
  • 2019
  • 2014
336
60
147
  • Total
  • 0/543
  • 543
कॉन्टेस्ट में पार्टिसिपेट करने के लिए अपनी डिटेल्स भरें

पार्टिसिपेट करने के लिए धन्यवाद

Total count should be

543
विज्ञापन