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33 तरह के ग्लास से बने गणेश और चंदेरी से बनी शिफॉन जैसी साड़ियों का कलेक्शन

सिटी रिपोर्टर

Danik Bhaskar | Sep 12, 2018, 02:45 AM IST
सिटी रिपोर्टर
जवाहर कला केन्द्र में मध्य प्रदेश क्राफ्ट उत्सव में छोटे-बड़े कस्बों, गांवों से आर्टिजन्स अपने ट्रेडिशनल आर्ट फॅार्म को यहां लेकर आए हैं। फेयर में वुडन आर्ट,क ्रिस्टल आर्ट, स्टोन जूलरी, लैदर बैग्स, लैदर पर बने डेकोरेटिव पीस, बच्चों के लिए वुडन में बने रंग-बिरंगे खिलौने, रग्स, बेडशीट, दरियां, सिल्क व चंदेरी के दुपट्टे, पीतल अौर ब्रास में बनी छोटी-बड़ी मूर्ति आैर लॉक्स, वुडन पेटिंग, सिल्क साड़ी व फैब्रिक को एग्जीबिट किया गया है। बुधवार को फेयर का आखिरी दिन है।

एलईडी लुक में गणेश

फेयर में ग्वालियर के आर्टिजन्स ने ग्लास और क्रिस्टल में बने गणेश, शिव, राधा-कृष्ण, पैरेट, ईयरिंग की रेंज को लेकर आए है। मल्टी कलर में एलईडी लुक के साथ गणेश के छोटे बड़े रूप को डिस्पले किया है। आर्टिजन ओम प्रकाश ने बताया कि ग्लास की 33 से भी ज्यादा वैराइटी को सलेक्ट कर एक एक पीस को कास्टिंग प्रॉसेस से तैयार किया जाता है। इनमें कुछ फ्राग ग्लास होते है जो आसानी से टूटते नहीं है। इनकी कीमत 50 रुपए से लेकर 2 हजार तक है।

चंदेरी के यार्न से बनाई शिफॉन साड़ी

चंदेरी साड़ी को बनाने के लिए जिस यार्न का प्रयोग किया जाता है उसी यार्न का प्रयोग कर शिफॉन जैसी साड़ियां बनाई गई हैं। इस तरह की शिफॉन साड़ियों को तैयार करने के लिए डिगमिंग प्रोसेस का प्रयोग किया जाता है जिसमें 62 इंच चौड़ाई के फैब्रिक को डिगमिंग प्रोसेस द्वारा 46 इंच का बनाया जाता है। डिगमिंग प्रोसेस के दौरान फैब्रिक को निर्धारित टेंपरेचर के गर्म पानी में मैं बार-बार डिप किया जाता है जिससे कपड़े का सारा गम निकल जाता है और कपड़े पर शिफॉन जैसे रिंकल्स बन जाते हैं। साढ़े छ: मीटर की इन साड़ियों की कीमत 6, 321 रुपए तक है।

खजुराहो के ब्रास में बनी दवात और कलम

फेयर में खजुराहो के आर्टिजन ब्रास और पीतल में बने आर्ट वर्क को डिस्प्ले किया है। आर्टिजन रंजन सोनी ने बताया कि पीतल और ब्लैक मैटल पर तरह-तरह के शो पीस तैयार किए जाते है। पहले के दौर में राजा महाराजा के यहां काम करने वाले मुनीम एक खास तरह की दवात अपने साथ रखा करते थे। जिसे हाथ में लेकर चला करते थे और राजा जो भी बोलते थे उस दवात में लगे पेन और इंक के सहारा से झटपट लिखा जाता था। कुछ इसी तरह केदवात, हाथी, झूले, मछली, तोप, मिनिएचर रूप में यहां डिसप्ले किये गए है।