विवाद / आचार संहिता में डेयरी अफसरों के तबादले, सीएस ने तलब किया

Dainik Bhaskar

Oct 14, 2018, 05:26 AM IST



Controversies over transfer of dairy officers in the code of conduct
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Controversies over transfer of dairy officers in the code of conduct

  • एमडी का तर्क-नए अफसर नहीं लगाए सिर्फ अतिरिक्त कार्यभार सौंपे हैं, हकीकत नए पदस्थापन किए हैं

जयपुर.  आचार संहिता में तबादलों पर रोक के बाद भी जयपुर डेयरी में अधिकारियों के तबादलों को लेकर विवाद खड़ा हो गया है। तीन दिन पहले एमडी ने गुपचुप छह अफसरों के तबादले कर दिए थे। इस पर शनिवार को एमडी डॉ एसएल जनागल को सीएस डीबी गुप्ता ने तलब कर लिया।

 

मुख्य सचिव ने एमडी को दोबारा सोमवार को एसीएस पशुपालन एवं कृषि के साथ तलब किया है। सीएस को डेयरी एमडी ने बताया कि जो तबादला सूची जारी की गई है। उसमें किसी अधिकारियों को नए पद पर नहीं लगाया है, बल्कि पुराने पद के साथ अतिरिक्त कार्यभार की जिम्मेदारी सौंपी गई है, जबकि आदेश में अतुल शुक्ला को प्रबंधक मार्केटिंग से हटाकर नए प्लांट में लगाया गया है। अनिल कुमार शर्मा को यातायात अनुभाग से हटा कर  प्रबंधक मार्केटिंग में और एमएसए नकवी को उप प्रबंधक पीएंडआई से प्रबंधक यातायात अनुभाग में लगाया गया है। 
 

निर्वाचन अधिकारी का आदेश दरकिनार : 6 अक्टूबर को आचार संहिता लगने के बाद मुख्य निर्वाचन अधिकारी आनंद कुमार ने 7 अक्टूबर को मुख्य सचिव को पत्र लिख कर विभागों में हो रहे तबादलों पर रोक लगाने के निर्देश दिए थे। आदेश में लिखा है कि विभागों, राजकीय उपक्रमों एवं संस्थाओं के अधिकारियों एवं कर्मचारियों के स्थानांतरण एवं पदस्थापन पर चुनाव समाप्ति होने तक रोक रहेगी। साथ ही आचार संहिता से पहले जिन अधिकारियों एवं कर्मचारियों के तबादले हो चुके हैं, उन्होंने ज्वाइन नहीं किया तो वे अब ज्वाइन नहीं कर सकेंगे। 
 

इनके किए तबादले : डेयरी एमडी डॉ एसएल जनागल ने तीन दिन पहले गुपचुप तरीके से निकाले गए तबादला आदेश के तहत अतुल शुक्ला को प्रबंधक मार्केटिंग से  नए प्लांट, यातायात अनुभाग का काम देख रहे अनिल कुमार शर्मा को मार्केटिंग प्रबंधक, पीएंडआई अनुभाग का काम देख रहे एमएसए नकवी को प्रबंधक यातायात अनुभाग में लगाया गया है। ये सभी स्वतंत्र काम देखेंगे। किसी के पास अतिरिक्त कार्यभार नहीं हैं। 
 

यह हो सकती है एमडी पर कार्रवाई : राेक के बाद भी तबादला करने पर डेयरी एमडी को चार्जशीट दी जा सकती है। साथ ही मुख्य निर्वाचन अधिकारी सीएस को पत्र लिख कर एमडी को एपीओ और निलंबित करने के आदेश जारी कर सकते हैं। इससे पहले भी आचार संहिता का उल्लंघन करने पर सरकार कई बीएललो को निलंबित कर चुकी है।  


तबादलों का यह तो मकसद नहीं : सूत्रों के अनुसार कुछ खास लोगों को समितियों, दूध और ट्रांसपोर्ट के जरिए फायदा पहुंचाने के लिए एमडी ने अधिकारियों को बदला है। आदेश में उन अधिकारियों को मलाईदार पोस्ट दी है, जो एमडी के नजदीक हैं। ताकि आचार संहिता में उन्हें फायदा पहुंचाया जा सके।

 

रोक के बाद तबादले करने पर मैंने जयपुर एमडी को बुलाया था। उन्हें वापस से सोमवार को एसीएस पशुपालन एवं कृषि के साथ बुलाया है। वैसे एमडी ने बताया कि तबादला नहीं किया है। पुराने काम के साथ अधिकारियों को अतिरिक्त कार्यभार दिया गया है। सोमवार को सुनवाई के बाद ही आगे की कार्रवाई की जाएगी। -डीबी गुप्ता, मुख्य सचिव

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