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जयपुुर. एसएमएस अस्पताल के आइसोलेशन में भर्ती इटालियन महिला को आरयूएचएस में शिफ्ट कर दिया गया है। उनकी रिपोर्ट निगेटिव आने के बाद देखरेख में एसएमएस अस्पताल रखा गया था लेेकिन अब उनमें कोरोना के लक्षण लगभग पूरी तरह खत्म देखे गए और बुधवार देर रात उन्हें आरयूएचएस भेज दिया गया। वहीं उनके पति की एक और रिपोर्ट पॉजिटिव आई है और उन्हेें एसएमएस आइसोलेशन में ही रखा गया है। हालांकि उनकी तबीयत में काफी सुधार है लेकिन डॉक्टर्स का कहना है कि उनकी देखरेख जरूरी है ताकि किसी भी स्थिति में काेरोना वायरस प्रभावी नहीं हो सके। वहीं दुबई से लौटे बुजुर्ग महिला और उनके बेटे की रिपोेर्ट निगेटिव आ गई है।
थाईलैंड सरकार ने बंद किया वीजा ऑन अराइवल
कोराना वायरस का बड़ा असर एयर कनेक्टिविटी पर भी दिख रहा है। भारत सरकार ने कल एक आदेश जारी करते हुए 13 मार्च से सभी विदेशियों के भारत में वीजा जारी करने पर रोक लगा दी है। टूरिस्ट वीजा नहीं मिलने से अब विदेशी यात्री भारतीय शहरों में भ्रमण के लिए नहीं आ सकेंगे। केवल डिप्लोमेटिक, मेडिकल इमरजेंसी या एम्प्लॉयमेंट आदि के वीजा ही मिलेंगे। वीजा पर रोक के बाद इंटरनेशनल फ्लाइट्स पर नकारात्मक असर होने की आशंका है।
कुआलालंपुर की फ्लाइट बंद
कुआलालंपुर की एयर एशिया की फ्लाइट 7 मार्च से बंद हो चुकी है। यह फ्लाइट जयपुर से सप्ताह में 3 दिन कुआलालंपुर के लिए संचालित हो रही थी। कोराना की वजह से यात्री भार में एक साथ गिरावट आ गई थी। यह फ्लाइट जयपुर से संचालित होने वाला सबसे बडा विमान था। इसमें एक साथ 335 यात्री कर सकते थे यात्रा एयरपोर्ट पर फिलहाल बैंकॉक के लिए 2 इंटरनेशनल फ्लाइट चल रही है। एयर एशिया और थाई स्माइल की फ्लाइट बैंकॉक जाती है। 11 मार्च से थाईलैंड सरकार ने वीजा ऑन अराइवल बंद कर दिया।
स्वास्थ्य विभाग ने कोरोना को लेकर जानकारी के लिए हेल्पलाइन नंबर 0141 2225624 जारी किया
डर प्रदेश का पहला कोरोना वायरस केस पॉजिटिव आने के बाद जहां आमजन घबराए हुए है वहीं डब्ल्यूएचओ की ओर से इसे महामारी घोषित करने से स्थिति और भी खतरनाक हो गई है। इसका इलाज कैसे और उस पर होने वाले खर्च को लेकर सरकार भी संशय की स्थिति में थी, जिसे अब लगभग स्पष्ट कर दिया गया है।
राहत अब कोरोना का इलाज हेल्थ इंश्योरेंस पॉलिसी के तहत हो सकेगा। इसके अलावा आयुष्मान योजना में भी इसका इलाज संभव है। सरकार के इस आश्वासन के बाद आमजन को थोड़ी राहत मिली है। हालांकि अभी एसएमएस अस्पताल के अलावा अन्य किसी भी अस्पताल मे कोई भी मरीज भर्ती नहीं है।
अलर्ट कोरोना को लेकर केन्द्र और राज्य सरकारेें अलर्ट मोड पर हैं। दोनों सरकारों के प्रयासों के बाद भारतीय बीमा विनियामक और विकास प्राधिकरण ने आदेश जारी कर दिए हैं। साथ ही आयुष्मान भारत समेत अधिकांश इंश्योरेंस स्कीम में कोरोना का इलाज कवर होने का दावा किया गया है। यानि कि अब प्रदेश के 1.10 करोड़ परिवार निजी अस्पतालों में कोरोना का कैशलेस इलाज करा सकते हैं।
पहले ऐसा नहीं था
बीमा कंपनियों का कहना है 2012-13 से पहले बनाई पॉलिसी में महामारी पर क्लेम नहीं था। लेकिन 2012 के बाद आए प्रोडक्ट यानी पॉलिसी में काफी कम ऐसे है। लेकिन अब यह शर्त हटा दी गई है।
बायोमीट्रिक पहले क्यों नहीं रोेकी गई
कोरोना को लेकर जहां प्रदेश भर में बायोमीट्रिक बंद के आदेश है, वहीं बिजली विभाग नेे गुरुवार को यह सिस्टम बंद किया है। पिछले सात दिन से बायोमीट्रिक हाजिरी ही की जा रही थी। कर्मचारियोें ने कहा कि उन्होंने इस बात को उठाया भी था लेकिन आदेश ही 12 मार्च को निकाले गए हैं। सवाल यह कि जब पूरे प्रदेश के लिए आदेश जारी हुए थेे तो विद्युत विभाग ने समय पर कदम क्यों नहीं उठाए।
यहां कोरोना संदिग्ध नाराज
राजस्थान स्वास्थ्य विज्ञान विश्वविद्यालय के आइसोलेशन वार्ड में भर्ती कोरोना संदिग्ध मरीजों को सुविधाएं नहीं मिल रही, और इस पर उन्होंने आपत्ति जताई है। उनका कहना है कि ना तो उन्हें बेहतर खाना दिया जा रहा है और ना ही अन्य सुविधाएं दी जा रही हैं। यहां तक कि उन्होंने हीटर मांगा और उन्हें हीटर भी नहीं दिया गया। वहीं अस्पताल प्रशासन ने कहा कि संदिग्ध नॉनवेेज मांग रहे हैैं, इसलिए नहीं दिया गया।
पैलेस ऑन व्हील्स के टूर रद्द
कोरोना का टूरिज्म पर बड़ा साइड इफेक्ट गहराता जा रहा है। अब शाही रेल का सफर भी थमने जा रहा है। एक्सटर्नल अफेयर मिनिस्ट्री की एडवाइजरी को आधार माना जा रहा है। पैलेस ऑन व्हील्स के सीजन के बचे 7 टूर रद्द होने को हंै। इनमें 140 टूरिस्ट की बुकिंग है। इसमें 60 प्रतिशत अमेरिकन यात्री हैं। बहरहाल आरटीडीसी इस संबंध में स्पष्ट नहीं कह पा रहा। माना जा रहा है कि मेहमानों के पांव पहले ही ठिठके हैं और अब जबकि वीजा जारी नहीं होंगे।
आइसोलेशन वार्ड बनाने के निर्देश
कोरोना फैलने से रोकने के लिए सरकार ने निजी अस्पतालों के लिए एडवायजरी जारी की है। जिसके इसके तहत 100 बेड से अधिक के निजी अस्पतालों में अाइसोलेशन वार्ड के साथ अलग अोपीडी के निर्देश दिए हैं। साथ ही प्रमुख जगहों पर कोरोना के लक्षण, बचाव एवं उपचार की जागरूकता के लिए पोस्टर, बैनर लगाएं। एसीएस रोहित सिंह ने निजी अस्पतालों, इंडियन मेडिकल एसोसिएशन, मेडिकल प्रेक्टिशनर सोसायटी, प्राइवेट हॉस्पिटल एंड नर्सिंग होम सोसायटी के पदाधिकारियों से कोरोना बीमारी को फैलने से रोकने के लिए विभिन्न बिन्दुओं पर चर्चा की। जयपुर में 100 बेड से अधिक 15 से 20 अस्पताल है।
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