अलवर / कोरोना से बचाव के लिए जेल में कैदी बना रहे मास्क, दिन में चार से पांच बार हाथ धोने की दी सलाह

कैदियों द्वारा बनाए जा रहे मास्क। कैदियों द्वारा बनाए जा रहे मास्क।
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कैदियों द्वारा बनाए जा रहे मास्क।कैदियों द्वारा बनाए जा रहे मास्क।

  • यह मास्क जेल के स्टाफ, बंदी व उनसे मिलने आने वाले उनके परिजनों के लिए बनाए जा रहे
  • हाथ नहीं मिलाने, दूर रहकर ही बात करने सहित एहतियात के तौर पर कई कदम उठाए गए

दैनिक भास्कर

Mar 25, 2020, 07:30 PM IST

अलवर. राजस्थान में कोरोना के बुधवार तक 37 मामले सामने आ चुके हैं। जगह-जगह कोरोना से लड़ने के तैयारी चल रही है। चिकित्साकर्मी, सरकारी कर्मचारी सभी जुटे हैं। देशभर अलर्ट पर है। इस बीच जेल प्रशासन भी बंदियों को लेकर पूरी सुरक्षा बरत रहा है। अलवर के केंद्रीय कारागृह में 15 मशीनों पर 20 बंदियों द्वारा सूती कपड़े से मास्क बनाया जा रहे है। यह मास्क जेल के स्टाफ, बंदी व उनसे मिलने आने वाले उनके परिजनों के लिए बनाए जा रहे हैं। 

जेल अधीक्षक राजेंद्र कुमार ने बताया कि जेल में बंद कैदी कहीं बाहर नहीं जा सकते। ऐसे में उन्हें संक्रमण से बचाना जरूरी है। इसके लिए जेल परिसर की धुलाई कराई गई है। साथ ही सभी बंदियों को दिन में चार-पांच बार हाथ धोने की सलाह दी गई है। इसके अलावा हाथ नहीं मिलाने, गले नहीं लगने व दूर रहकर ही बात करने सहित एहतियात के तौर पर कई कदम उठाए गए हैं। यह सभी बातें जेल वाणी के लिए लगे लाउड स्पीकरो के माध्यम से दिन में चार पांच बार दोहराई जा रही है। ताकि बंदी सुरक्षित रहें। 

कैदियों द्वारा बनाए गए मास्क

कोरोना वायरस के संक्रमण से बचाव के लिए जेल में बंदियों द्वारा सूती कपड़े का मापदंड के अनुसार 2 लेयर का मास्क बनाया जा रहा है। मास्क बनाने से पहले कपड़े को धोया जाता है। वह मास्क बनने के बाद सैनिटाइजर किया जाता है। इसके बाद ही उसका प्रयोग किया जाता है।

चौमूं में विधायक ने दर्जियों से मास्क सिलवाए

चौमू विधायक रामलाल शर्मा ने लॉकडाउन के समय ने करीब 4000 लीटर सैनेटाइजर और बाजार से मास्क का कपड़ा मंगवाया। जिसके जरिए दर्जियों से मास्क सिलवाए जा रहे हैं। ये मास्क पार्षदों के जरिए बांटे जा रहे है।

विधायक द्वारा दर्जियों को दिया गया मास्क कापड़ा।

कंटेंट- मनीष बावलिया, पंकज बागड़ा

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