फरमान / मांझे से मासूम की मौत के मामले में कोर्ट ने सरकार को ~5.30 लाख मुआवजा देने को कहा



Court asks government to give compensation
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Court asks government to give compensation

  • मुआवजे की 20 फीसदी राशि पुलिस कमिश्नर व बस्सी एसएचओ से वसूलने को कहा
  • 6 दिसंबर 2015 को चाईनीज मांझे पर प्रतिबंध के बाद भी प्रशासन नहीं लगाया पाया बिक्री पर रोक

Dainik Bhaskar

May 15, 2019, 11:35 PM IST

जयपुर. जिले की एडीजे कोर्ट-4 ने चाईनीज मांझे से गला कटने से छह साल के मासूम विजेन्द्र की मौत पर राज्य सरकार को निर्देश दिया है कि वह प्रार्थियों को मुआवजा राशि 5.30 लाख रुपए दे। साथ ही इस राशि पर परिवाद दायर करने की तारीख 28 मई 2016 से वसूली तक 9 प्रतिशत ब्याज भी दी जाए। 


कोर्ट ने कहा कि इस मामले में तत्कालीन जिला कलेेक्टर, बस्सी एसडीओ, पुलिस कमिश्नर और बस्सी थानाधिकारी भी दोषी हैं। अदालत ने कहा है कि पुलिस प्रशासन प्रतिबंधित मांझे की बिक्री रोकने में असफल रहा । ऐसे में राज्य सरकार कुल मुआवजा राशि की पन्द्रह फीसदी राशि तत्कालीन पुलिस कमिश्नर और पांच फीसदी राशि बस्सी थानाधिकारी से वसूलने की अधिकारी है।

 

अदालत ने यह आदेश लोकेश कुमार मौर्य  व अन्य के परिवाद पर दिया। अधिवक्ता संजीव सक्सेना ने बताया कि परिवादी का छह साल का बेटा विजेन्द्र अपने नाना-नानी के पास जयपुर आया था। दामोदरपुरा, बस्सी स्थित अपने घर वापस जाने के लिए 3 जनवरी 2016 को विजेन्द्र अपने नाना-नानी के साथ बस्सी बस स्टैंड पर खडा था। इतने में घर के नजदीक रहने वाला व्यक्ति अपनी मोटर साईकिल से वहां से गुजरा। 


उन्होंने विजेन्द्र को मोटर साईकिल के आगे बैठा दिया। थोडी दूर जाने पर विजेन्द्र का गला चायनीज मांझे से कट गया और इससे उसकी मौत हो गई। इसे कोर्ट में चुनौती देते हुए कहा कि 6 दिसंबर 2015 को चाईनीज मांझे पर प्रतिबंध लगा दिया गया था। लेकिन पाबंदी के बाद भी पुलिस प्रशासन ने नियमों की पालना नहीं की और चाईनीज मांझे की बिक्री व उपयोग को रोक नहीं पाई। इस कारण ही चाईनीज मांझे से उसके बेटे की मौत हुई।

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