राजस्थान / डेंगू बेकाबू, अस्पताल भरे, विभाग ने माना - डेंगू से प्रदेश में हुई 8 मौतें

एसएमएस में भर्ती डेंगू के मरीज। एसएमएस में भर्ती डेंगू के मरीज।
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एसएमएस में भर्ती डेंगू के मरीज।एसएमएस में भर्ती डेंगू के मरीज।

  • एसएमएस के अधीक्षक बोले- 6 मौतों का आंकडा निदेशालय को भेजा, विभाग ने जयपुर में बताई 2 मौतें

 

दैनिक भास्कर

Nov 01, 2019, 11:22 AM IST

जयपुर। साल बदला, लेकिन प्रदेश में स्वास्थ्य व्यस्था बद से बदतर हाल में पहुंच गई है। जयपुर-कोटा-जोधपुर समेत प्रदेशभर में डेंगू ने आतंक फैला रखा है, लेकिन चिकित्सा मंत्री और अधिकारियों ने तो जैसे आंखों पर पट्‌टी बांध दी है। हर घर में डेंगू के मरीज हैं। अस्पताल मरीजों से पटे हुए हैं, लेकिन स्वास्थ्य विभाग पहले एक भी मौत मानने को तैयार नहीं हुआ, लेकिन देर रात को बताया कि जयपुर शहर में 2 मौतों सहित जयपुर जिले में 4 मौतें हुईं।

 

प्रदेशभर में कुल 8 लोगों की जान गईं। हकीकत यह है कि अकेले एसएमएस हॉस्पिटल में इसी महीने अब तक 6 लोग दम तोड़ चुके हैं। अस्पताल अधीक्षक डॉ. डीएस मीना का कहना है कि ये आंकड़े स्वास्थ्य निदेशालय को भिजवा भी दिए हैं। 14 अक्टूबर से प्रदेश में डेंगू के कितने नए मरीज आए या कितनों की जांच हुई, इसकी जानकारी देना भी विभाग ने बंद कर दिया था। भास्कर ने एसीएस रोहित कुमार सिंह से बार-बार डेंगू के आंकड़े मांगे तो उन्होंने अफसरों का तलब कर 17 दिन बाद गुरुवार देर रात आंकड़े जारी कराए। इसमें बताया गया कि प्रदेश में इस साल 4121 मरीज मिले हैं।

 

हालांकि यह आंकड़ा भी गलत है। भास्कर ने सभी जिलों में पड़ताल की तो 6219 से अधिक डेंगू मरीज मिले। हैरानी की बात तो यह है कि िजन घरों में मरीज मिले भी हैं, वहां भी अब तक स्क्रीनिंग नहीं की गई है। पिछले 18 दिन में जयपुर में 2500, कोटा में 656, अलवर में 187 व जोधपुर में 659 मरीज मिले।

 

हर बैठक में चिकित्सा मंत्री निर्देश देते रहे, भास्कर ने आंकड़ों के लिए फोन किया तो जवाब तक नहीं दिया
 

चिकित्सा मंत्री रघु शर्मा डेंगू रोकथाम के लिए पिछले डेढ़ माह में चार बैठकें कर चुके हैं। हर बैठक में कहा- जिस घर में मरीज मिले, उसके व आसपास के कम से कम 50 घरों में पायरेथ्रम का फोकल स्प्रे करें। पीडितों के त्वरित उपचार कराने के अलावा नियमित स्प्रे करें, लेकिन अधिकारियों ने ऐसा कुछ नहीं किया। वहीं गुरुवार को भास्कर डेंगू के आंकड़े मांगने के लिए मंत्री को फोन करता रहा, लेकिन मंत्री ने जवाब तक नहीं दिया।
 

इस साल 4121 मरीज मिले

 

 

वर्ष

केस मौतें
2017 8242 14
2018 9911 14
2019 4121 8

 

(निदेशालय की रिपोर्ट)

 

फर्श पर भी नहीं मिल रही जगह : जयपुर में ही एसएमएस, गणगाैरी, जयपुरिया अस्पताल में मरीजों के लिए जगह तक नहीं है। फर्श पर लिटाकर इलाज किया जा रहा है। जांच सैंपल दो दिन बाद मिल रहे हैं।

 

जिला निदेशालय का डेटा अस्पतालों का डेटा
अजमेर 137 130
अलवर 136 187
बारां 40 84
बाड़मेर 24 300
भरतपुर 62 178
चित्तौड़गढ़ 21 121
चूरू 53 53
दौसा 86 86
धौलपुर 100 125
श्रीगंगानगर 23 28
जयपुर 1692 1841
जालौर 8 10
झालावाड़ 53 213
झुंझुनूं 41 67
जोधपुर 132 659
करौली 15 15
कोटा 510 656
नागौर 15 100
पाली 36 300
राजसमंद 8 15
स. माधोपुर 108 108
सीकर 189 350
सिरोही 1 2
टोंक 166 166
उदयपुर 67 91
प्रतापगढ़ 8 8



नोट- निदेशालय ने 14 अक्टूबर के बाद सीधे गुरुवार देर रात डेटा जारी किया।

जयपुर के आंकड़ों में 225 निजी अस्पतालों का डेटा शामिल नहीं। यहां 10 हजार मरीज।
झालावाड़ के अस्पतालों में मध्यप्रदेश के मरीज भी भर्ती हैं।
 

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