शर्म तुमको मगर नहीं आती / हर घर में डेंगू, मरीजाें से पटे अस्पताल, विभाग ने 17 दिन से अांकड़े नहीं बताए

एसएमएस के डेंगू वार्ड में भर्ती मरीज। एसएमएस के डेंगू वार्ड में भर्ती मरीज।
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एसएमएस के डेंगू वार्ड में भर्ती मरीज।एसएमएस के डेंगू वार्ड में भर्ती मरीज।

  • डेंगू रोक नहीं पाई, अब आंकड़े छिपाने में जुटी सरकार
  • विभाग के अनुसार प्रदेशभर में डेंगू से काेई मौत नहीं,
  • एसएमएस में ही अक्टूबर में छह लोगों की जान गई
  • मरीज के घर एंटी लार्वा दवा का छिड़काव तक नहीं

दैनिक भास्कर

Nov 01, 2019, 01:06 AM IST

जयपुर. साल बदला, लेकिन प्रदेश में स्वास्थ्य व्यस्था बद से बदतर हाल में पहुंच गई है। जयपुर-कोटा-जोधपुर समेत प्रदेशभर में डेंगू ने आतंक फैला रखा है, लेकिन चिकित्सा मंत्री और अधिकारियों ने तो जैसे आंखों पर पट्‌टी बांध दी है। हर घर में डेंगू के मरीज हैं। अस्पताल मरीजों से पटे हुए हैं, लेकिन नकारा सरकार यह मानने तक को तैयार नहीं है।

 

चिकित्सा विभाग के हिसाब से अब तक प्रदेश में डेंगू से एक भी मौत नहीं हुई है जबकि केवल अक्टूबर में ही जयपुर के एसएमएस अस्पताल में 6 लोग दम तोड़ चुके हैं। यही नहीं अब विभाग अांकड़े छिपाने में जुट गया है। 14 अक्टूबर से इस जानलेवा बीमारी के आंकड़े जारी करना विभाग ने बंद कर दिया है। यानि पिछले 17 दिन में प्रदेश में डेंगू के कितने नए मरीज आए, कितनों की मौत हुई.. इसका विभाग के पास कोई आंकड़ा नहीं है।

 

चिकित्सा विभाग के पास प्रतिदिन के आंकड़े तो नहीं हैं, लेकिन अधिकारियों का कहना है कि इस साल डेंगू के कुल 3435 मरीज सामने आए। विभाग के पोर्टल पर 14 अक्टूबर तक के प्रदेश के डेंगू मरीज 2455 बताए गए हैं। जयपुर में सालभर में 1841 मरीज बताए गए, जबकि 14 अक्टूबर तक ही यहां 1084 मरीज थे। असल आंकड़ों की बात करें तो पिछले 18 दिन में ही जयपुर में 2500 मरीज सामने आ चुके हैं, जबकि अकेले एसएमएस में 6 मरीजों ने दम तोड़ा।
 

नियम 1 : जहां डेंगू का मरीज मिले, उसके आसपास के 50 घरों की स्क्रीनिंग जरूरी
चिकित्सा मंत्री रघु शर्मा डेंगू रोकथाम के लिए पिछले डेढ़ माह में चार बैठकें कर चुके हैं। हर बैठक में कहा- जिस घर में मरीज मिले, उसके व आसपास के कम से कम 50 घरों में पायरेथ्रम का फोकल स्प्रे करें। पीडितों के त्वरित उपचार कराने, स्प्रे हुआ या नहीं... इसकी जांच। किसी बस्ती में  ज्यादा मरीज मिलने पर रैपिड रेस्पॉन्स टीम तैनात करें। पानी के ठहराव वाली जगहों पर एमएलओ डलवाने वटंकियों में टेमिफोस गिराने के सख्त आदेश दिए, लेकिन पालना किसी मरीज के घर या बस्ती में नहीं हो रही। 
हुआ किया : अासपास के घर तो छाेड़िए, उन घरों में भी िछड़काव नहीं हुआ जहां मरीज पाया गया। कर्मचारी आराम फरमा रहे हैं।

 

नियम 2: मरीजों का डेटा रोज अपडेट करना जरूरी
हुआ किया :
 14 अक्टूबर के बाद से विभाग की वेबसाइट पर कोई डेटा अपडेट नहीं।


नियम 3: डेंगू के स्पेशल वार्ड बनाएं
हुआ किया :
जयपुर में ही एसएमएस, गणगाैरी, जयपुरिया अस्पताल में मरीजों के लिए जगह तक नहीं है। फर्श पर लिटाकर इलाज किया जा रहा है। जांच सैंपल दो दिन बाद मिल रहे हैं।

 

इस साल 2435 मरीज मिले
 

वर्ष  केस  मौतें
2017 8242 14
2018 9911 14
2019 2435 00

(मुख्यालय की रिपोर्ट)

 

डेंगू से एमएमएस में 6 लोगों की मौत हुई है। हमने यह आंकड़ा निदेशालय को भिजवा दिया था। वहां से आंकड़ा क्यों जारी नहीं हुआ, इसकी जानकारी नहीं है।

डाॅ. डीएस मीना, अधीक्षक, एसएमएस अस्पताल

 

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