राजस्थान / डॉक्टर्स ने बनाई 1 किमी लंबी मानव शृंखला, बोले- हमारी सुरक्षा को लेकर कानून बनाए सरकार



मेडिकल कॉलेज के बाहर मानव शृंखला बनाते डाक्टर। मेडिकल कॉलेज के बाहर मानव शृंखला बनाते डाक्टर।
सेव डॉक्टर, सेव पेशेंट की पट्‌टी लिए हुए डज्ञक्टर। सेव डॉक्टर, सेव पेशेंट की पट्‌टी लिए हुए डज्ञक्टर।
500 डाकटरों ने अपनी एकता का प्रदर्शन किया। 500 डाकटरों ने अपनी एकता का प्रदर्शन किया।
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मेडिकल कॉलेज के बाहर मानव शृंखला बनाते डाक्टर।मेडिकल कॉलेज के बाहर मानव शृंखला बनाते डाक्टर।
सेव डॉक्टर, सेव पेशेंट की पट्‌टी लिए हुए डज्ञक्टर।सेव डॉक्टर, सेव पेशेंट की पट्‌टी लिए हुए डज्ञक्टर।
500 डाकटरों ने अपनी एकता का प्रदर्शन किया।500 डाकटरों ने अपनी एकता का प्रदर्शन किया।

  • बंगाल में डॉक्टर्स पर हुई हिंसा के विरोध में तीसरे दिन भी जारी रहा विरोध
  • सभी संघों के 500 डाक्टर आए एक साथ, दिखाई ताकत

Dainik Bhaskar

Jun 16, 2019, 12:39 PM IST

जयपुर। बंगाल में डॉक्टर्स पर हुई हिंसा पर विरोध थमने का नाम नहीं ले रहा है। बंगाल मामले में दोषियों की गिरफ्तारी व डाक्टरों की सुरक्षा की मांग को लेकर रविवार को तीसरे दिन भी डाक्टरों ने अपना विरोध जारी रखा। निजी व सरकारी संघों के डाक्टरों ने जयपुर में एक किलोमीटर लंबी मानव शृंखला बनाकर अपनी एकता का प्रदर्शन किया।

 

मेडिकल कॉलेज टीचर्स एसोसिएशन ऑफ राजस्थान (एमसीटीएआर) के सचिव डा़ पवन सिंघल ने बताया कि रविवार को एमसीटीएआर, आरएमसीटीए, आईएमए, जेएमए, एआरआईएसडीए, जार्ड, एमपीएस, पीएचएनएचएस व यूजी संघों के 500 सदस्यों ने एसएमएस मेडिकल कॉलेज के सामने एक किलोमीटर लंबी मानव शृंखला बनाई। उन्होंने कहा कि मानव शृंखला बनाकर हम यह संदेश देना चाहते हैं कि डाक्टर केवल अपना काम कर सकते हैं, लेकिन सभी रोगियों को बचा नहीं सकते। उन्होंने कहा कि पश्चिम बंगाल वाले मामले में दोषियों को अरेस्ट किया जाए। साथ ही उन्होंने यह भी मांग की कि आए दिन डाक्टरों के साथ होने वाले दुर्व्यवहार और मारपीट की घटनाओं को रोकने के लिए प्रभावी नीति बनाई जाए और इसे कानूनी जामा पहनाते हुए सेंट्रल प्रोटेक्शन एक्ट भी बनाया जाए।

 

शनिवार को दो घंटे काम रोका था 

जयपुर और कोटा मेडिकल कॉलेज के रेजिडेंट्स ने शनिवार को सुबह आठ से 10 बजे तक दो घंटे कार्य बहिष्कार किया था। इससे मरीजों को काफी परेशानी हुई। रेजिडेंट्स के दो घंटे कार्य बहिष्कार से ओपीडी में काम बंद रहा। इससे मरीजों की कतारें लग गईं। कई मरीज तो डाक्टर को दिखाए बिना ही चले गए। रेसिडेंट डॉक्टर्स हॉस्टल के बाहर रेजिडेंट्स एकत्र हो गए और नारेबाजी करने लगे। रेजिडेंट्स ने डाक्टर्स यूनिटी जिंदाबाद, वी वॉल्ट जस्टिस के नारे लगाए।

मेडिकल टीचर्स एसोसिएशन के प्रेसीडेंट डॉ. धनंजय अग्रवाल ने शनिवार को कहा कि पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी अलोकतांत्रिक कार्य कर रही हैं। बंगाल सरकार डॉक्टर्स को धमका रही है, उन्हें मानसिक रूप से प्रताड़ित किया जा रहा है। यदि शीघ्र ही केन्द्र सरकार ने मामले का हल नहीं निकाला तो देशभर के डॉक्टर्स हड़ताल पर जाने को मजबूर होंगे।

 

तो शुक्रवार को हेलमेट पहनकर किया था काम

उल्लेखनीय है कि बंगाल में डॉक्टर्स पर हुई हिंसा के विरोध में इंडियन मेडिकल एसोसिएशन के देशव्यापी आह्वान पर शुक्रवार को प्रदेशभर में 18000 से अधिक चिकित्सकों ने काली पट्टी, रक्त रंजित पट्टी बांधकर और हेलमेट पहनकर काम किया था। एसएमएस सहित सभी संबद्ध अस्पतालों में डॉक्टर्स ने इसी तरह काम काम किया। इंडियन मेडिकल एसोसिएशन ने 17 को देशव्यापी हड़ताल का आह्वान किया है।

 

न्यूज व फोटो संदीप शर्मा

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