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हायर एजुकेशन काउंसिल का ड्राफ्ट तैयार, निजी यूनिवर्सिटी के डायरेक्टर तक की नियुक्ति में सरकार का दखल

6 महीने पहले
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सीएम अशोक गहलोत के निर्देश पर होर रही समीक्षा।
  • परीक्षा कराने से लेकर शैक्षणिक कैलेंडर जारी कराने व छात्रों की जानकारी सरकारी पोर्टल पर देनी हाेगी
  • विवि में राज्य और केंद्र की मान्यता देने वाले संस्थानों की मंजूरी के बाद ही पाठ्यक्रम का संचालन होगा

जयपुर (हर्ष खटाना). प्रदेश के करीब 50 निजी विश्वविद्यालयों में फैकल्टी सहित डायरेक्टर तक के पदाें की नियुक्ति में अब राज्य सरकार का दखल होगा। परीक्षा कराने से लेकर शैक्षणिक कैलेंडर जारी कराने व छात्रों की जानकारी सरकारी पोर्टल पर देनी हाेगी। गुणवत्ता शिक्षा के लिए सभी काे नेक का सत्यापन कराना हाेगा। विवि में राज्य अाैर केंद्र की मान्यता देने वाले संस्थानों की मंजूरी के बाद ही पाठ्यक्रम का संचालन होगा। पोर्टल पर छात्रों का आधार कार्ड देना हाेगा। फैकल्टी की योग्यता व उनके भुगतान की डिटेल भी देंगे।

उच्च शिक्षा विभाग कर रहा समीक्षा
हायर एजुकेशन काउंसिल में उच्च, तकनीकी शिक्षा, पीडब्ल्यूडी, वित्त, अायाेजना के एसीएस, काॅलेज एजुकेशन के निदेशक, संस्कृत शिक्षा अाैर तकनीकी शिक्षा की निदेशक बताैर सदस्य काम करेंेगे। इसके अलावा तीन सरकारी विश्वविद्यालयाें के प्रमुख, दाे स्वायत्त काॅलेजाें के प्राचार्य, भारत सरकार से मनोनीत व्यक्ति सदस्य रहेगा। इसके अलावा प्रोफेसर या एसोसिएट प्राेफेसर लेवल का व्यक्ति सदस्य सचिव हाेगा। सीएम अशाेक गहलोत के निर्देश के बाद उच्च शिक्षा विभाग के अधिकारी इससे जुड़े प्रावधानों व असर की समीक्षा कर रहे हैं। इस ड्राफ्ट में प्राइवेट शिक्षण संस्थानों के अलावा सरकारी विश्वविद्यालयों की वर्किंग पर निगरानी से लेकर सुधार के सुझाव देना एजेंडे में शामिल है। काउंसिल के पास ये पावर रहेगा कि किसी भी समय शिक्षण संस्थान पर सीधे ताैर पर एक्शन ले सकेगी। राज्य सरकार की अाेर से काउंसिंग का गठन इसलिए किया जा रहा है कि निजी विश्वविद्यालयों पर अंकुश लगाया जा सके। कई बार फर्जी डिग्री का भी मामला प्रकाश में अा चुका है। इसके अलावा अन्य कई तरह की शिकायतें अा चुकी है। 

वसुंधरा सरकार के समय भी तैयार हुआ था ड्राफ्ट  
पिछली सरकार ने वर्ष 2014 में इस पर काम शुरु कराया था। वर्ष 2016 में वसुंधरा सरकार के समय इसका ड्राफ्ट भी तैयार कर लिया था लेकिन राजस्थान स्टेट काउंसिल के गठन काे पूर्व वसुंधरा सरकार मंजूरी नहीं दिला सकी थी।

उच्च शिक्षा मंत्री सहित 30 लाेग होंगे और मंत्री अध्यक्ष
राज्य सरकार द्वारा तैयार हायर एजुकेशन काउंसिल के ड्राफ्ट में इन प्रावधानों काे शामिल किया गया है, जाे जल्द लागू होंगे। काउंसिल में उच्च शिक्षा मंत्री की अध्यक्षता में 29 लाेग होंगे। उपाध्यक्ष पद पर 4 वर्ष के लिए नियुक्ति होगी। इसके लिए प्रोफेसर पद पर 10 वर्ष का अनुभव जरूरी होगा।

मंत्री का तर्क- क्वालिटी बेहतर होगी
उच्च शिक्षा मंत्री  भंवर सिंह भाटी ने कहा कि प्राइवेट व सरकारी दाेनों शिक्षण संस्थानों में क्वालिटी काे बेहतर बनाने के लिए हायर एजुकेशन काउंसिल का गठन किया जा रहा है। जल्द उच्च शिक्षा में बड़ा सुधार देखने काे मिलेगा। 
 

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