पाएं अपने शहर की ताज़ा ख़बरें और फ्री ई-पेपर

Install App
  • Hindi News
  • Local
  • Rajasthan
  • Jaipur
  • Earlier, The High Court Had Laughed At The Death Of Birds In Sambhar, Now The Secretary Went To The Spot At The Behest Of CM

पहले सांभर में पक्षियों की मौत पर हाईकोर्ट ने लगाई थी लताड़, अब सीएम के कहने पर मौके पर गए सचिव

7 महीने पहले
  • कॉपी लिंक
फाइल फोटो।
  • फील्ड में दौरे करने से बच रही प्रदेश की ब्यूरोक्रेसी, फटकार के बाद खुल रही नींद
Advertisement
Advertisement

जयपुर मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के बार-बार फील्ड दौरे करने की हिदायत के बावजूद ब्यूरोक्रेसी की कार्यशैली में बदलाव नहीं आ रहा। विभागीय सचिव से लेकर प्रभारी जिलों के सचिव तक जयपुर से बाहर नहीं निकलना चाह रहे।  पहले सांभर में हजारों पक्षियों की  मौत के कई दिनों बाद तक मौके पर की प्रमुख सचिव श्रेया गुहा से लेकर मुख्य वन्यजीव प्रतिपालक अरिंदम तोमर मौके पर नहीं पहुंचे। हाईकोर्ट के लताड़ के बाद सुध ली गई। अब कोटा के जेके लोन अस्पताल में 77 मौतों के बाद सीएम अशोक गहलोत के निर्देश के चिकित्सा शिक्षा विभाग के सचिव वैभव गालरिया 27 और 28 दिसंबर को मौके पर गए। इससे पहले वहां जाने की सुध नहीं ली गई, जबकि जांच रिपोर्ट में कई खामियां पाई गई है।  विदेश दौरे के कारण अभी तक मौके पर स्वास्थ्य मंत्री रघु शर्मा भी नहीं गए, जबकि भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष सतीश पूनियां सबसे पहले मौके का दौरा कर चुके। सबसे पहले 25 दिसंबर को कोटा में बच्चों की मौत की खबरें सामने आई। एक दिन में 10 बच्चों की मौत का मामला प्रकाश में आया। उसके बाद से ही मीडिया में खबरें आनी शुरू हो गई। 26 दिसंबर को चिकित्सा शिक्षा विभाग की ओर से सुध नहीं ली गई। मामला गरमाया और सियासी पारा चढ़ा तो खुद सीएम अशोक गहलोत को आगे आना पड़ा।  गहलोत के निर्देश पर चिकित्सा शिक्षा विभाग के सचिव वैभव गालरिया ने दो दिन मौके का दौरा किया। विवाद इतना बढ़ा की भाजपा की ओर से पूर्व चिकित्सा मंत्रियों की कमेटियां गठित करनी पड़ी। ऐसी ही लापरवाही सांभर में हजारों पक्षियों की मौत के बाद ब्यूरोक्रेसी की ओर से दिखाई गई थी। 10 नवंबर को सबसे पहले मामला सामने आया। 13 नवंबर को जब हाईकोर्ट ने लताड़ लगाई तो 14 नवंबर को अफसर व मंत्री मौके पर पहुंचे। उसके बाद सुध ली गई, जिसके बाद एक के बाद एक दर्दनाक सच सामने आया।

अखिल अरोड़ा, प्रीतम यशवंत से मांगा था स्पष्टीकरण
पांच दिसंबर को सीएम अशोक गहलोत ने वीडियो कांफ्रेंस के जरिए कलेक्टरों से सीधे संवाद किया था। इस दौरान सीएम तक यह शिकायत पहुंची थी कि बांसवाड़ा के प्रभारी सचिव अखिल अरोड़ा और पाली के प्रभारी सचिव प्रीतम बी यशवंत दौरे नहीं कर रहे। इस पर सीएम ने मुख्यसचिव डीबी गुप्ता से इन दोनों ही आईएएस अफसरों का स्पष्टीकरण लेने के लिए आदेश दिया था। इसके बावजूद अफसर चेत नहीं रहे।

Advertisement
0

आज का राशिफल

मेष
मेष|Aries

पॉजिटिव - आज आप कई प्रकार की गतिविधियों में व्यस्त रहेंगे। साथ ही सामाजिक दायरा भी बढ़ेगा। कहीं से मन मुताबिक पेमेंट आ जाने से मन में राहत रहेगी। धार्मिक संस्थाओं में सेवा संबंधी कार्यों में महत्वपूर्ण...

और पढ़ें

Advertisement