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बिजली / चुनावी साल के छह महीनों में 5.95 फीसदी बढ़ा लॉस



Electricity companies investing crores to lessen defecit
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Electricity companies investing crores to lessen defecit

रेवन्यू वसूली में पिछड़ा जोधपुर डिस्कॉम
 

Dainik Bhaskar

Nov 10, 2018, 06:13 PM IST

जयपुर। प्रदेश की बिजली वितरण कंपनियां घाटा, लॉस व बिजली चोरी करने के लिए सिस्टम सुधार पर करोड़ों रुपए खर्च कर रही हैं। इसके बावजूद मार्च से अब तक बिजली की छीजत में 5.95 फीसदी का इजाफा हुआ है। जबकि पिछले साल व इस साल के अगस्त तक के आंकड़ों के अनुसार जोधपुर डिस्कॉम में 0.50 फीसदी तक एटीएंडसी लॉस बढ़ा है।
 

जोधपुर डिस्कॉम में रेवेन्यू वसूली कम हुई

  1. हालांकि जयपुर व अजमेर डिस्कॉम में पिछले साल की तुलना में एटीएंडसी लॉ कम हुआ है। जोधपुर डिस्कॉम में पिछले साल अगस्त से इस साल के बजाए रेवन्यू वसूली भी कम हो पाई है। प्रदेश की जयपुर, जोधपुर व अजमेर डिस्कॉम में बिजली की छीजत (एटीएंडसी लॉस) 24.98 फीसदी है। जबकि मार्च अंत में यह19.03 फीसदी ही था।

  2. इसमें से 16 फीसदी तो केवल बिजली चोरी ही मानी जाती है। ऐसे में छीजत कम होने के बजाए बढ़ना प्रबंधन स्तर की मॉनिटरिंग पर सवाल उठ रहे है। जोधपुर डिस्कॉम के प्रबंध निदेशक एसएस यादव का कहना है कि छीजत में ज्यादा बढ़ोत्तरी नहीं हुई है। दूसरे डिस्कॉम में भी हुई है। हम इसमें काम कर रहे है।

  3. यह है बिजली कंपनियों की एटीएंडसी लॉस 

    डिस्कॉम अगस्त 17 अगस्त 18
    जोधपुर डिस्कॉम 23.06 फीसदी 23.56 फीसदी
    अजमेर डिस्कॉम 25.37 फीसदी 24.12 फीसदी
    जयपुर डिस्कॉम 28.34 फीसदी 26.71 फीसदी

     

     

  4. शहर में सिस्टम सुधार पर करोड़ों खर्च, नतीजा उलटा 

    बिजली कंपनियों में बिजली की छीजत कम करने, बिजली चोरी रोकने व रेवन्यू वसूली पर हर साल करोड़ों रुपए खर्च किए जा रहे है। इसके लिए आरएमयू व ट्रांसफार्मर लगाने के साथ ही बिजली लाइनों को अंडरग्राउंड किया गया है। वहीं प्राथमिकता से मीटर भी बदले जा रहे है।

  5. इसके बावजूद एटीएंडडी लॉसेज का बढ़ना सुपरविजन का लापरवाही साबित कर रहा है। हालांकि सिस्टम सुधार के नाम पर आई स्कीम व प्रोजेक्ट से ठेकेदार फर्मों को जमकर फायदा हुआ है।

  6. 19.90 फीसदी बिजली चोरी सालाना 4000 करोड़ का सीधा नुकसान

    प्रदेश में 19.90 फीसदी बिजली छीजत (टीएंडसी) है। इसमें सिस्टम लॉस के साथ ही बिजली चोरी का भी बड़ा आंकड़ा है। नियमानुसार 10 फीसदी तक तकनीकी छीजत मानी जाता है। ऐसे में करीब 13.50 फीसदी बिजली चोरी में चली जाती है। डिस्कॉम औसतन 4.27 रुपए प्रति यूनिट के हिसाब से खरीदते है। ऐसे में करीब 4000 करोड़ रुपए की बिजली चोरी हो जाती है। वहीं बेचने की रेट 7 रुपए

    प्रति यूनिट है।

     

    स्टोरी : श्याम राज शर्मा

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