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ट्रेन में बीमार हुए तो 100 रुपए देकर अगले स्टेशन पर करवा सकेंगे इलाज लेकिन इस सुविधा के साथ देना होगा एक और चार्ज

रेलवे ने ट्रेन में इलाज के लिए तत्काल प्रभाव से नया आदेश किया लागू

Dainik Bhaskar

Nov 11, 2018, 11:21 AM IST
emergency treatment will be available to passengers during journey on train by paying a fees of rs100 to tte

नई दिल्ली। चलती ट्रेन और स्टेशन पर अब इमरजेंसी मेडिकल सेवा के बदले फीस चुकानी होगी। रेलवे द्वारा जारी नोटिफिकेशन के तहत अब डॉक्टर के लिए 100 रुपए कंसलटेशन फीस तय की गई है। दवाओं का खर्च अलग हाेगा। अभी तक इस तरह की सेवा के लिए 20 रुपए लिए जाते थे। अगर कोई यात्री बीमार होता था, तो टीटीई इसकी सूचना कंट्रोल रूम को देता था। इसके बाद अगले स्टेशन पर डाॅक्टर उसका इलाज करता था। लेकिन अब टीटीई बाकायदा कंसलटेशन फीस 100 रुपए की रसीद भी आपको देगा। रेलवे ने तत्काल प्रभाव से यह सेवा लागू कर दी है। पिछले कुछ समय से इस सुविधा का दुरुपयोग हो रहा था। लोग मामूली समस्या होने पर भी डॉक्टर बुला लेते थे। इसे रोकने के लिए अब रेलवे ने फीस लेने का फैसला किया है। लोग छोटी-मोटी बीमारी मेें भी रेलवे के कंट्रोल रूम में मैसेज करवाते हुए डॉक्टर को बुलाने लगे थे, जिससे रेलवे का समय और पैसा खराब हो रहा था। लेकिन नए नोटिफिकेशन के बाद रेलवे को रेवेन्यू लॉस नहीं होगा। हां, अगर रेलवे दुर्घटना हुई तो रेलवे की ओर से डॉक्टरी मदद मुहैया कराई जाएगी। इस स्थिति में यात्रियों से कोई शुल्क नहीं लिया जाएगा और पूरा इलाज कराया जाएगा।

इस सुविधा के चलते इमरजेंसी के हालात में रास्ते में या फिर स्टेशन पर ट्रेन को रोका भी जा सकता है। कई बार डॉक्टरों को दूर गांव के स्टेशन पर भी जाना होता है, इसलिए ट्रेन को रोका भी जा सकता है। यह इमरजेंसी सेवा हर तरह के बड़े-छोटे स्टेशन पर उपलब्ध कराई जाएगी। रेलवे ने इसकी जानकारी रेलवे अस्पताल सहित कामर्शियल स्टाॅफ को दे दी है ताकि बीमार यात्री को कोई परेशानी न हो।


पैसेंजर, मेल और एक्सप्रेस सभी ट्रेनों में मिलेगी यह सुविधा

यात्रियों को यह सुविधा पैसेंजर, मेल और एक्सप्रेस हर तरह की ट्रेनों में मिल सकेंगी। ट्रेन में सफर करने वाला व्यक्ति तबीयत खराब होने पर रेलवे हेल्पलाइन 138, टीटीई और गार्ड को सूचित कर सकेगा। टीटीई तुरंत कंट्रोल रूम में मैसेज देकर अगले स्टेशन पर डाॅक्टर की डिमांड करेगा। ट्रेन के अगले स्टेशन पर पहुंचते ही स्टेशन पर मौजूद कामर्शियल अधिकारी की मौजूदगी में रेलवे डाॅक्टर द्वारा यात्री की जांच की जाएगी। इसके लिए स्टाॅफ इलाज के बाद यात्री से 100 रुपए लेकर ईएफटी यानी एक्सेस फेयर टिकट बनाएगा और पर्ची यात्री को देगा। स्टेशन पर रेलवे डाक्टर की व्यवस्था नहीं है तो यात्री की रजामंदी के बाद उसे स्टेशन पर उतारकर नजदीकी सरकारी अस्पताल भेजा जाएगा।

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