पुलवामा हमले के चलते जन्मदिन नहीं मनाएंगी वसुंधरा राजे, पीएम मोदी ने ट्वीट कर दी बधाई

3 वर्ष पहले
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  • शहीद सैनिकों के परिवार व वीरांगनाआें के घर जाकर उनका सम्मान करेंगी

जयपुर. जहां पूरी दुनिया आज का दिन महिला दिवस के रूप में मना रही है तो वहीं राजस्थान के लिए ये दिन और भी खास है। 8 मार्च को राजस्थान की पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे का जन्म दिन है। हालांकि पुलवामा हमले की घटना के बाद देश में उपजे हालात को देखते हुए जन्मदिन नहीं मनाएंगी। शहीद सैनिकों के परिवार व वीरांगनाओं के घर जाकर उनका सम्मान करेंगी।  वहीं, पार्टी कार्यकर्ता और नेता इस मौके पर जरुरतमंदों की मदद करेंगे। इस दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी समेत भाजपा के कई बड़े नेताओं ने ट्वीट कर वसुंधरा राजे को बधाई दी।

 

पीएम मोदी का ट्वीट

 

Birthday greetings to @VasundharaBJP Ji. Vasundhara Ji’s good work in Rajasthan ensured substantial progress in the state. Praying for her long and healthy life.

— Narendra Modi (@narendramodi) March 8, 2019

 

राजनाथ सिंह का ट्वीट

 

Warm wishes to Smt. @VasundharaBJP on her birthday. Her contribution in taking Rajasthan forward has been praiseworthy. May she be blessed with good health and long life.

— Rajnath Singh (@rajnathsingh) March 8, 2019

 

 

वसुंधरा राजे के बारे में कुछ खास बातें

 

  • राजस्थान की पहली महिला मुख्यमंत्री रह चुकीं वसुंधरा राजे सिंधिया का जन्म 8 मार्च 1953 को मुंबई में हुआ था। वसुंधरा ग्वालियर के शासक जीवाजी राव सिंधिया और विजया राजे सिंधिया की तीसरी संतान हैं। ये तीन बहनें (ऊषा राजे, वसुंधरा और यशोधरा) थीं जबकि इनके इकलौते भाई का नाम माधवराव सिंधिया था। 
  • साल 1985 में हुए राजस्थान विधानसभा चुनाव के दौरान वसुंधरा राजे धौलपुर सीट से मैदान में उतरीं और जीत दर्ज कीं। इनकी बेहतर नेतृत्व क्षमता के कारण साल 1987 में इन्हें राजस्थान भाजपा का उपाध्यक्ष नियुक्त कर दिया गया। 
  • साल 1989 में हुए 9वें लोकसभा चुनाव के दौरान भाजपा ने इन्हें राजस्थान के झालावाड़ से टिकट दिया। पार्टी की उम्मीद पर खरा उतरते हुए इन्होंने चुनाव में जीत दर्ज की। इसके बाद 1991 में हुए 10वें लोकसभा चुनाव और 1996 में हुए 11वें लोकसभा चुनाव में भी इन्होंने झालावाड़ से जीत दर्ज की। 
  • साल 1999 में 13वीं लोकसभा में झालावाड़ से ये फिर से संसद सदस्य चुनी गईं। इस चुनाव के बाद भाजपा समर्थित राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन की सरकार बनी। अटल बिहारी फिर प्रधानमंत्री बने। 
  • वसुंधरा राजे को अक्टूबर, 1999 में फिर केंद्रीय मंत्रीमंडल में राज्यमंत्री के तौर पर स्माल इंडस्ट्रीज, कार्मिक एंड ट्रेनिंग, पेंशन व पेंशनर्स कल्याण, न्यूक्लियर एनर्जी विभाग एवं स्पेस विभाग का स्वतंत्र प्रभार सौंपा गया। इस दौरान वसुंधरा राजे ने स्मॉल और माइक्रो इंडस्ट्रीज के विकास के लिए काम किया। इन्होंने ऋण गारंटी योजना और क्रेडिट रेटिंग योजना शुरू कराने में अहम भूमिका निभाई। इसी बीच राजस्थान भाजपा नेता भैरों सिंह शेखावत को उपराष्ट्रपति बना दिया गया। तब पार्टी का ध्यान वसुंधरा पर गया। इनके पुराने बैकग्राउंड को देखते हुए केंद्रीय पार्टी ने उनको राज्य इकाई का अध्यक्ष बना दिया।
  • साल 2003 में राजस्थान में विधानसभा होने वाला था। चुनावों को देखते हुए इन्होंने जोरदार प्रचार अभियान चलाया और प्रदेश भर में परिवर्तन यात्रा निकाली। इसका नतीजा यह हुआ कि विधानसभा चुनाव में पार्टी ने बहुमत हासिल किया। वसुंधरा भी झालरापाटन से जीत दर्ज करने में सफल रहीं। भाजपा को 120 सीटों पर जीत मिली। जो पिछले चुनाव में पार्टी द्वारा जीती गई सीटों की संख्या से 87 अधिक थी। पार्टी की जीत के बाद वसुंधरा को प्रदेश का मुख्यमंत्री बनाया गया। 1 दिसंबर 2003 को इन्होंने मुख्यमंत्री पद की शपथ ली और राज्य की पहली महिला मुख्यमंत्री बनीं।