हादसा / होटल के पास से गुजर रही हाइटेंशन लाइन में धमाका, होटल मालिक के बेटे सहित तीन लोग झुलसे



Explosion in the Hightension line passing near the hotel in VKI jaipur three person burned
Explosion in the Hightension line passing near the hotel in VKI jaipur three person burned
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Explosion in the Hightension line passing near the hotel in VKI jaipur three person burned
Explosion in the Hightension line passing near the hotel in VKI jaipur three person burned

  • विश्वकर्मा रीको एरिया में होटल की छत पर हुआ हादसा
  • पहले सीताराम नगर कच्ची बस्ती में भी हो चुका है हादसा

Dainik Bhaskar

Oct 11, 2019, 07:49 PM IST

श्यामराज शर्मा/जयपुर. शहर के विश्वकर्मा रीको एरिया की एक होटल की छत पर साफ-सफाई कर रहे तीन लोगों को हाइटेंशन लाइन से बिजली करंट लग गया। करंट लगने के बाद तीनों को गंभीर हालत में अस्पताल में भर्ती करवाया है। जहां पर घायलों का इलाज चल रहा है। होटल मालिक के बेटे मुकेश शर्मा (26) की तबीयत ज्यादा खराब होने पर एसएमएस अस्पताल रेफर किया है।

 

यहां पर राजस्थान बिजली प्रसारण कंपनी ने रीको की ओर से नीलाम की गई जमीन पर ही हाइटेंशन लाइन खींच दी। इसको लेकर कोर्ट में भी विवाद चल रहा है। करंट लगने के हादसे के बाद यहां पर बड़ी संख्या में लोग एकत्रित हो गए। लोगों ने यहां से हाइटेंशन लाइन को विरोध किया और यहां से लाइन हटाने की मांग की।

 

गौरतलब है कि सीताराम नगर कच्ची बस्ती इलाके में भी बीते सप्ताह हाइटेंशन लाइन के करंट से एक जने की मौत हो चुकी है। इसको लेकर भी शुक्रवार को लोगों ने प्रदर्शन किया है। बिजली प्रसारण कंपनी के अधीक्षण अभियंता एनके गुप्ता का कहना है कि एचटी लाइन के दायरे में कुछ चीज आने के कारण तीन लोगों के करंट लगने की सूचना है। यह लाइन सड़क से गुजर रही है। करीब 10 मिनट तक बिजली बंद रही। हादसे के कारणों को दिखवाया जा रहा है।

अफसरों ने उद्योगपतियों के दबाव में बदल दिया था लाइन का रूट :

एक्सप्रेस हाइवे से समानांतर जा रही 132 केवी हाइटेंशन लाइन को टेपिंग कर विश्वकर्मा रोड नं. 14 (अंदर) स्थिति 220 केवी ग्रिड सब-स्टेशन तक लाइन खींची हुई है। इस लाइन को पहले बढ़ारणा पुलिया के पास से टेपिंग कर जीएसएस तक लाना था। कई उद्योगपतियों की फैक्ट्रियों से बाहर से यह लाइन जानी थी।

 

उद्योगपतियों व ब्यूरोक्रेसी के दबाव के बाद इस लाइन का रूट बदल दिया और रोड नं. 14 पर रीको के नीलाम हुई होटल व कॉमर्शियल प्लाॅट के ऊपर से खींच दी। इसका मुआवजा भी नहीं दिया। होटल मालिक  का कहना है कि रीको की नीलामी से 1989 में यह भूखंड खरीदा था।

 

इसके बाद प्रसारण कंपनी  ने जबरन भूखंड के ऊपर से हाइटेंशन लाइन खींच दी। इसको लेकर 2016 से मामला कोर्ट में भी चल रहा है। आरवीपीएन व अन्य बिजली कंपनियां इंडियन इलेक्ट्रिसिटी एक्ट- 1936 व टेलीग्राफ एक्ट- 1985 के हाइटेंशन व लो-टेंशन लाइन खींचती है। इन नियमों में बिजली कंपनी सर्वे कर अपना 27 मीटर चौड़ाई में अपना राइट ऑफ वे घोषित कर देती है।  

ये हो सकता है समाधान:
-बिजली कंपनियों को 132, 220, 400 केवी या बड़ी बिजली लाइन खींचने से पहले अवाप्ति प्रक्रिया करनी चाहिए। इसका संबंधित भू स्वामी या काश्तकार को मुआवजा भी दिया जाए और राजस्व रिकॉर्ड व नक्शे में एचटी लाइन दर्ज हो।
- शहर में गुजर रही 132 केवी एचटी लाइन को ट्रेंच (नाली) बनाकर अंडरग्राउंड किया जा सकता है। देश के महानगरों में ऐसा किया जा रहा है। हालांकि इसमें खर्च 5 से 10 गुना तक ज्यादा है। बिजली लाइन के नीचे आने वाली जमीन पर पेड़-पौधे लगाकर हरित पट्टी बनाई जा सकती है।

 

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