राजस्थान / शिशु चिकित्सालय में आग से झुलसी 21 दिन की बच्ची की इलाज के दौरान मौत, 6 लोग निलंबित

आग से झुलसने के बाद बच्ची को जयपुर रैफर किया गया था। आग से झुलसने के बाद बच्ची को जयपुर रैफर किया गया था।
अस्पताल में सुबह करीब 5 बजे शॉर्ट सर्किट से आग लगी। अस्पताल में सुबह करीब 5 बजे शॉर्ट सर्किट से आग लगी।
शॉर्ट सर्किट के बाद लगी आग में मशीन पूरी तरह से जल गई। शॉर्ट सर्किट के बाद लगी आग में मशीन पूरी तरह से जल गई।
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आग से झुलसने के बाद बच्ची को जयपुर रैफर किया गया था।आग से झुलसने के बाद बच्ची को जयपुर रैफर किया गया था।
अस्पताल में सुबह करीब 5 बजे शॉर्ट सर्किट से आग लगी।अस्पताल में सुबह करीब 5 बजे शॉर्ट सर्किट से आग लगी।
शॉर्ट सर्किट के बाद लगी आग में मशीन पूरी तरह से जल गई।शॉर्ट सर्किट के बाद लगी आग में मशीन पूरी तरह से जल गई।

  • राजकीय गीतानंद शिशु चिकित्सालय में मंगलवार सुबह करीब 5 बजे एफबीएनसी वार्ड में शॉर्ट सर्किट से लगी आग
  • आग के दौरान वार्ड में भर्ती बच्चों को बाहर निकालने में अस्पताल की तीन महिला कर्मचारी भी झुलस गई

दैनिक भास्कर

Jan 01, 2020, 07:23 PM IST

अलवर/जयपुर. राजस्थान के अलवर में मंगलवार सुबह शिशु चिकित्सालय के एफबीएनसी वार्ड (फैसिलिटी बेस्ड न्यूबोर्न केयर) में शॉर्ट सर्किट से लगी आगा में झुलसी बच्ची की बुधवार सुबह इलाज के दौरान मौत हो गई। आग के कारण बच्ची 70 फीसदी झुलस गई थी। जांच रिपोर्ट में लापरवाही सामने आने पर चिकित्सा मंत्री द्वारा 6 अधिकारियों और स्टाफ को निलंबित कर दिया गया है।

जानकारी अनुसार, आग लगने से मशीन के कुछ हिस्से भी बच्ची के शरीर पर चिपक गए थे। जिसे इलाज के लिए जयपुर के जेकेलोन अस्पताल में भर्ती करवाया गया। बता दें कि घटना के वक्त वार्ड में 15 बच्चे भर्ती थे। बच्चों को बचाने में अस्पताल की 3 महिला कर्मचारी भी झुलस गईं थीं।

क्या है मामला

राजकीय गीतानंद शिशु चिकित्सालय में सुबह करीब 5 बजे एफबीएनसी वार्ड में रखी एक मशीन में शॉर्ट सर्किट हो गया था। इससे वार्ड में आग फैल गई। जो बच्ची आग में झुलसने से मौत हुई है वह करीब 21 दिन पहले पैदा हुई थी। सांस में दिक्कत होने के कारण पिछले 7 दिनों से अस्पताल में भर्ती थी। एफबीएनसी वार्ड में मशीनों के अंदर बच्चों को रखा जाता है। अस्पताल के लोगों ने बताया कि जिस मशीन में आग लगी वो पूरी तरह जल गई थी। बाकी 14 बच्चों को दूसरे वार्ड में शिफ्ट कर दिया गया था।

झुलसी बच्ची के परिजनों ने बताया कि सोमवार रात करीब 10.30 बजे वे बच्ची के साथ ही थे। तब तक वो सुरक्षित थी। मंगलवार सुबह करीब 6 बजे अस्पताल से फोन आया कि आप जल्दी आ जाओ। बच्ची की तबियत खराब है। 

समिति ने रिपोर्ट भेजी

बच्ची के झुलसने की घटना की जांच के लिये स्वास्थ्य विभाग ने तीन सदस्यीय जांच समिति गठित की थी। इस समिति में संयुक्त निदेशक सुरेश भंडारी, मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी ओपी मीणा और चिकित्सा अधिकारी सुनील चौहान शामिल थे। यह दल दोपहर में अस्पताल पहुंच गया और घटनास्थल का निरीक्षण किया।

डॉक्टर एसके भंडारी ने बताया कि कमेटी ने घटना स्थल का निरिक्षण कर डॉक्टर और कर्मचारियों के बयान दर्ज कर लिए हैं। रिपोर्ट में स्टाफ की लापरवाही सामने आई है। कार्रवाई के लिए रिपोर्ट निदेशक को भेज दी है। वे आगामी निर्णय लेंगे।  

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