--Advertisement--

एक-दूसरे की पोल खुली तो कोर्ट में ही लड़ पड़े दोनों, महिला ने की एक हजार लोगों के साथ ठगी और किया मर्डर;

दोस्त बनाकर छुरा घोंपा..टिंडर एप पर दोस्ती के बाद अपहरण फिरौती फिर मर्डर।

Danik Bhaskar | May 16, 2018, 04:37 PM IST
जगह जहां पर किया मर्डर और ठग प्रिया सेठ जगह जहां पर किया मर्डर और ठग प्रिया सेठ

जयपुर. टिंडर एप के जरिए जान पहचान करके शहर के एक हजार से ज्यादा लोगों को अपने प्रेम जाल में फंसाने वाली प्रिया सेठ को मंगलवार को कोर्ट ने जेल भेज दिया। प्रिया के साथी दीक्षांत कामरा और लक्ष्य वालिया भी जेल भेजे गए। इससे पहले प्रिया को जब दीक्षांत की असलियत पता चली तो वह कोर्ट में ही उससे भिड़ गई।

पुलिस पूछताछ में दीक्षांत ने प्रिया की अनुपस्थिति में बजाज नगर स्थित फ्लैट पर टिंडर के जरिए दोस्त बनी दूसरी लड़कियों को बुलाने की बात कबूल की थी। इस बात का जब प्रिया को पता चला तो मंगलवार को कोर्ट से निकलने के बाद दोनों के बीच नोकझोंक हो गई।

झोटवाड़ा थाना पुलिस ने तीनों को प्रेम नगर निवासी दुष्यंत शर्मा की हत्या के आरोप में 4 मई को गिरफ्तार किया था। पुलिस ने 5 मई को कोर्ट में पेश करके 7 दिन के लिए रिमांड पर लिया था। उसके बाद 11 मई को दोबारा पेश करके 5 दिन के रिमांड पर लिया था। पुलिस ने जांच पूरी होने के बाद एक दिन पहले ही दोनों को कोर्ट में पेश कर दिया। रिमांड के दौरान पुलिस ने बैंक खातों में हुए लेन-देन की जांच करवाई थी और जिस रास्ते से लाश फेंकने गए उस रास्ते में लगे सीसीटीवी कैमरों के फुटेज देखने के लिए डीवीआर जब्त किए। तीनों आरोपियों के गृह थानों से क्रिमिनल रिकॉर्ड भी मंगवाया।

हाईप्रोफाइल घर से ताल्लुक रखती है प्रिया, मां ने कहा था- बेटा प्रोफेसर बनकर लौटना

प्रिया सेठ के मुताबिक, मैं भी हर मां-बाप की तरह अपने परिवार की लाडली हूं। पाली के फालना में इंग्लिश मीडियम से स्कूलिंग। ब्रिलिएंट स्टूडेंट का तमगा रहा है मुझ पर। 82% से दसवीं तो 78% से सीनियर सेकेंडरी पास की। 2011 में जब कॉलेज के लिए जयपुर भेजा तो मां ने मुझसे कहा था- बेटा प्रोफेसर बनकर लौटना। ख्वाब मेरी भी आंखों में तैर रहे थे। दादा सिरोही में प्रिंसिपल रहे, पिता फालना में लेक्चरर हैं, फूफा जोधपुर यूनिवर्सिटी में प्रोफेसर हैं, मां टीचर रही हैंं। एक बहन-एक भाई है।

वो साइट भी बनाई, जिसे देख हुस्न पर मरने वाले मुझसे कॉन्टैक्ट करते रहे

प्रिया ने आगे कहा, मानसरोवर में कॉलेज की पढ़ाई शुरू की। शुरुआत में रिश्तेदार के यहां रही, फिर अकेली रहने लगी। दौलत की चाहत कब सिर चढ़ बैठी पता ही नहीं चला। मैं वह सबकुछ हासिल करना चाहती थी, जो मुझे पसंद आता। इसके लिए मुझे किसी भी हद तक जाना मंजूर था। पढ़ाई में मन नहीं लगा तो कमाई के तरीके ढूंढ़ने लगी। हां, मैंने वो साइट भी बनाई, जिसे देख हुस्न पर मरने वाले मुझसे कॉन्टैक्ट करते रहे। मैं पैसा कमाने लगी। ऐश में कमी नहीं रही।

ये था पूरा मामला...

एटीएम लूट, पीटा एक्ट और एक हजार से ज्यादा लोगों को ठगने जैसी वारदातों में शामिल रही एक शातिर युवती ने अपने प्रेमी का कर्जा चुकाने के लिए एक युवक का अपहरण कर उसकी हत्या कर दी। प्रिया सेठ नामक इस महिला गैंगस्टर ने सोशल मीडिया पर जान-पहचान कर युवक को दोस्त बनाया। फिर अपहरण कर 10 लाख रुपए की फिरौती मांगी। युवक के पिता ने तीन लाख रुपए खाते में डाल दिए। उसके तुरंत बाद प्रिया ने दो अन्य साथियों के साथ मिलकर युवक की हत्या कर दी।

दुष्यंत के पिता के रामेश्वर ने बैंक खाते में तीन लाख रुपए की फिरौती राशि डाल भी दी थी लेकिन पता चलने के डर से तीनों ने दुष्यंत की हत्या कर उसके शव को दिल्ली बाईपास कूकस के पास सूटकेस में डालकर फेंक दिया था।

दोपहर 2 बजे प्रिया और उसके साथियों ने दुष्यंत का शव सूटकेश मे रखा और फेंका। दोपहर 2 बजे प्रिया और उसके साथियों ने दुष्यंत का शव सूटकेश मे रखा और फेंका।

Related Stories