नागौर से ग्राउंड रिपोर्ट / हनुमान के कंधे पर बैठी भाजपा का कांग्रेस की ज्योति मिर्धा के साथ सीधा मुकाबला तय



Ground Report from Nagaur of Rajasthan
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Ground Report from Nagaur of Rajasthan

  • नाराजगी- मकराना में नोटबंदी और जीएसटी से बंद हुई खानें, बेरोजगारी बढ़ी
  • अकेली सीट जाे भाजपा ने गठबंधन के चलते राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी (रालोपा) के लिए छोड़ी

Dainik Bhaskar

Apr 16, 2019, 05:56 AM IST

(पवन तिवाड़ी संपादक, नागौर). नागौर...इस सीट पर पूरे राज्य की नजरें हैं। इसकी दो वजह हैं- एक अकेली सीट जाे भाजपा ने गठबंधन के चलते राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी (रालोपा) के लिए छोड़ी है। 1989 के बाद राज्य में भाजपा ने गठबंधन किया है। दूसरी वजह- यहां कांग्रेस से पूर्व सांसद ज्योति मिर्धा और रालोपा के हनुमान बेनीवाल आमने-सामने हैं, दोनों धुर विरोधी हैं। यहां मिर्धा परिवार हमेशा हावी रहा है। इसीलिए भाजपा ने रालोपा से गठबंधन किया है ताकि वोट बिखरें नहीं। 

 


मकराना : ज्यादातर लाेग मार्बल व्यवसाय से जुड़े हैं। व्यापारी जीएसटी, नोटबंदी से नाराज दिखे। खानें बंद हुईं, बेरोजगारी बढ़ी.. पर मोदी की राष्ट्रभक्ति पसंद है। चौपड़ों की ढाणी के हनुमान गुर्जर कांग्रेस से नाराज हैं, क्योंकि  सचिन पायलट को सीएम नहीं बनाया। 

 

खींवसर : बेनीवाल का गढ। खजवाना, जनाणा, बू-नरावता व ग्वालू सहित कई गांव हैं जहां बेनीवाल के पक्ष में एकतरफा माहौल है। इसी विधानसभा का कस्बा है कुचेरा, जो मिर्धाओं का  गढ़ है। ज्योति भी यहीं से हैं। यहां माहौल एकतरफा ज्योति के पक्ष में दिखा। बस स्टैंड पर बुजुर्ग हरिराम चौधरी ने बताया कि यहां दबदबा कांग्रेस का ही रहता है। 

 

डीडवाना : चाय की थड़ी पर चौपाल लगी थी। राकेश वर्मा ने कहा- कांग्रेस में भितरघात का खतरा है। तभी गोविंद शर्मा बोले- ये खतरा तो बीजेपी को भी है। यहां के लोगों में पूर्व मंत्री युनूस खान के ओएसडी रहे बीएल भाटी के बसपा में शामिल होने पर भी खूब चर्चा थी। 

 

नागाैर : मूंडवा कस्बे में मैं एक जूस वाले के पास पहुंचा तो वहां पहले से 7 लोग चुनाव की बातें कर रहे थे। राधेश्याम ने कहा- मैं कांग्रेसी विचारधारा का हूं,  मगर हनुमान की कार्यशैली का कायल हूं। दुर्गाराम बोले- ज्योति को कम मत आंको, बराबर की टक्कर है। 

 

जायल : जोधियासी में सड़क किनारे कई लोग हथाई में मशगूल थे। राजेंद्र बोले- माहौल कांग्रेस के पक्ष में है। राकेश ने कहा-  इस बार बेनीवाल और भाजपा दोनों साथ हैं, ताकत बढ़ेगी। बड़ी खाटू में चाय की दुकान पर बैठे 60 वर्षीय जमीर अहमद, उमरदीन, मोहम्मद हुसैन बोले- 16 हजार वोटों वाली पंचायत में कांग्रेस भारी है।

 

नावां : एक मंदिर के बाहर महिलाओं से पूछा- चुनाव क्या माहौल है? रामी देवी ने जवाब दिया-देश के लिए मोदी ही ठीक हैं, जिन्होंने दुश्मन को घर में घुसकर मारा। किसान हरजीराम ने कहा- राहुल ने किसान हित में सोचा है, वोट उन्हीं को दूंगा। 

 

लाडनूं : रामलाल जाट ने कहा- देशहित के सामने स्थानीय मुद्दे गौण हैं। सिर पर पानी ला रही रज्जो ने कहा- कांग्रेस गरीब के लिए फायदेमंद है।

 

परबतसर : पूर्व विधायक मानसिंह किनसरिया के गांव पहुंचे। कुछ मनरेगा श्रमिक खड़ी थीं। बोलीं- श्रमिकों के लिए स्कीमें कांग्रेस लाई इसलिए वोट कांग्रेस को ही देंगी। मांडवा और बसेड़ी गांव की महिलाओं मांगी, सरजू, मांडवी आदि का कहना था कि घर में चूल्हा मोदी ने दिया है। उन्हें ही वाेट देंगी।

 

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यह सीट अहम क्यों?
नागाैर आसपास की आठ सीटों से सटी है। यहां से जीतने वाले 5 नेता प्रदेश और केंद्र में अहम मंत्रालयों के मंत्री पद संभाल चुके हैं। हनुमान बेनीवाल और ज्योति मिर्धा दूसरी बार मैदान में आमने-सामने हैं। अब तक हुए 16 लाेकसभा चुनावाें अाैर 2 उपचुनावाें में कांग्रेस 11 बार जीत चुकी है। भाजपा केवल 3 बार ही जीती है। 

 

भिड़ंत इसलिए राेचक

ज्योति मिर्धा 2009 में 155137 वोट से जीत चुकी हैं। 2014 में ज्योति 75218 वोट से हारी थीं। इस हार का एकमात्र बड़ा कारण हनुमान बेनीवाल रहे। बेनीवाल काे 159980 वोट मिले थे। बेनीवाल इस बार एनडीए प्रत्याशी के तौर पर मैदान में हैं। वे खींवसर से लगातार तीसरी बार विधायक हैं। इस बार रालोपा बनाकर विधानसभा की 3 सीटें जीत चुके हैं। 
 

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