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गुजरात में कांग्रेस को क्रॉस वोटिंग का डर, 14 विधायकों को जयपुर भेजा, 36 को उदयपुर शिफ्ट करने की तैयारी

एक वर्ष पहले
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नामांकन भरने के दौरान (दाएं से पहले) कांग्रेस के उम्मीदवार शक्ति सिंह गोहिल। - Dainik Bhaskar
नामांकन भरने के दौरान (दाएं से पहले) कांग्रेस के उम्मीदवार शक्ति सिंह गोहिल।
  • गुजरात में राज्यसभा की 4 सीटों पर 26 मार्च को चुनाव होना है
  • भाजपा ने 3 और कांग्रेस के 2 प्रत्याशियों ने नामांकन किया है

जयपुर. मध्यप्रदेश के सियासी उठापटक के बीच अब गुजरात के कांग्रेस ने 14 विधायकों को राजस्थान के जयपुर शिफ्ट किया है। पार्टी सूत्रों का कहना है कि अभी 36 विधायक और भेजे जाएंगे। ये सभी विधायक जयपुर और उदयपुर में रखे जाएंगे। कहा जा रहा है कि 5 विधायक भाजपा के संपर्क में हैं। उन्हें गुजरात में ही कहीं अलग से रखा जाएगा। जबकि 15-18 विधायक गुजरात में ही रहेंगे और विधानसभा की कार्यवाही में हिस्सा लेंगे। गुजरात में राज्यसभा की 4 सीटों के लिए शुक्रवार को भाजपा के 3 और कांग्रेस के 2 प्रत्याशियों ने नामांकन किया था। कांग्रेस को इस चुनाव में क्रॉस वोटिंग का डर सता रहा है।


गुजरात के विधायक देर शाम अहमदाबाद से जयपुर पहुंचे। विधायकों एक जत्थे के साथ राज्यसभा उम्मीदवार शक्ति सिंह गोहिल तो दूसरे जत्थे के साथ दूसरे राज्यसभा उम्मीदवार भरत सिंह सोलंकी जाएंगे।

भाजपा एक सीट खो सकती है
गुजरात विधानसभा में भाजपा के मौजूदा विधायकों की संख्या को देखते हुए राज्यसभा में उसके एक सीट खोने का डर है। ऐसे में कांग्रेस को क्रॉस वोटिंग का डर है। गुजरात के उपमुख्यमंत्री नितिन पटेल ने शुक्रवार को कहा था कि कांग्रेस ने पाटीदार उम्मीदवार को टिकट नहीं दिया और पार्टी में आपसी असंतोष भी है, इसका लाभ भाजपा को मिलेगा। उन्होंने उम्मीद जताई कि भाजपा तीनों सीटें जीतेगी। उधर, कांग्रेस नेता भरत सिंह सोलंकी ने कहा है कि राज्यसभा चुनाव में भाजपा को मुंह की खानी पड़ेगी। 

गुजरात में राज्यसभा सीट जीतने का गणित
180 सीटों वाली गुजरात विधानसभा में भाजपा के 103 विधायक हैं। उसे एनसीपी के एक और बीटीपी के दो विधायकों का समर्थन है। ऐसे में उसके पास कुल 106 विधायकों का समर्थन है। कांग्रेस के पास 73 विधायक हैं। निर्दलीय जिग्नेश मेवाणी के समर्थन से उसका संख्या बल 74 का है। राज्य की एक विधानसभा सीट जीतने के लिए 37 वोट की जरूरत होगी। ऐसे में भाजपा को दो और कांग्रेस को एक सीट आसानी से मिल जाएगी। चौथी सीट पर का फैसला दूसरी वरीयता के वोट से होगा। भाजपा तीन सीट जीतने का दावा कर रही है। यही कारण है जिसके चलते कांग्रेस को विधायकों के टूटने का डर सता रहा है।

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