राजस्थान / विधानसभा में पास हुए आरक्षण बिल से संतुष्ट नहीं है बैंसला, बोले- गुर्जर आंदोलन जारी रहेगा

Dainik Bhaskar

Feb 14, 2019, 06:35 PM IST


Gurjar leader kirodi lal bainsla on rajasthan assembly reservation bill
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Gurjar leader kirodi lal bainsla on rajasthan assembly reservation bill
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  • गुर्जर नेता शैलेन्द्र सिंह ने भी कहा कि ये बिल 100 प्रतिशत कोर्ट में अटकेगा

सत्यनाराण नावरिया/ चंद्रशेखर शर्मा. जयपुर. गुर्जर समेत पांच जातियों को राजस्थान में पांच फीसदी आरक्षण देने संबंधी विधेयक पास होने के बाद गुरुवार को किरोड़ी लाल बैंसला के पास अध्यन के लिए पहुंचा। जिसके बाद उन्होंने कहा कि वे इस बिल से संतुष्ट नहीं है। उनका कहना है कि पहले की तरह ही ये बिल भी कोर्ट में अटक सकता है। इसके साथ उन्होंने कहा कि फिलहाल गुर्जर आंदोलन जारी रहेगा। इससे पहले आईएएस नीरज के पवन बिल की कॉपी लेकर मालारना पहुंचे थे। 

 

सरकार लिखित में दे बिल कोर्ट में अटका तो उनकी जिम्मेदारी होगी: बैंसला

 

बिल का अध्यन करने के बाद किरोड़ी लाल बैंसला ने कहा कि समाज इस बिल से संतुष्ट नहीं है। पहले की तरह ही ये बिल भी कोर्ट में अटक सकता है। सरकार को लिखित में देना होगा की अगर ये कोर्ट में अटका तो उनकी जिम्मेदारी होगी। तब तक आंदोलन इसी तरह जारी रहेगा। नीरज के पवन ने धऱना स्थल पर समझाने की कोशिश की, लेकिन बैंसला ने यह मैसेज सरकार तक पहुंचाने की बात कही। इसके साथ गुर्जर नेता शैलेन्द्र सिंह ने भी कहा कि ये बिल 100 प्रतिशत कोर्ट में अटकेगा। सरकार ये आश्वासन दे कि अगर ऐसी स्थिति होती है तो वो कैसे निपटेगी। गुर्जरों का आंदोलन जारी रहेगा। 

 

आज यहां लगाया जाम

 

गुरुवार सुबह गुर्जरों ने किशनगढ़ बास में जाम लगा दिया है। इसके साथ बारां से गुना जाने वाले मार्ग पर भी जाम लगा दिया गया। दिल्ली-मुंबई हाइवे पर अजमेर के पास मसुदा में गुर्जर समाज को लोगों ने लगाया जाम।

 

बिल में इन पांच जातियों को दिया गया आरक्षण

 

बुधवार को बिल विधानसभा में पास हो गया था। इसमें सरकारी नौकरियों के साथ ही शैक्षणिक संस्थाओं में अलग से आरक्षण देने का प्रावधान किया गया  है। विधानसभा में कैबिनेट मंत्री बीडी कल्ला ने विधेयक पेश किया। इसमें बंजारा, गाडिया लौहार, गुर्जर, रेबारी, गड़रिया जातियों को आरक्षण देने का जिक्र है।

 

आंदोलन के चलते कई जगहों पर यातायात बाधित

 

कोटपूतली से नीमकाथाना, हिंडौन से करौली, सवाईमाधोपुर से धौलपुर और दौसा से आगरा का मार्ग पूरी तरह से बंद है। इन मार्गों पर बसों के साथ अन्य वाहनों का संचालन बंद है। दौसा-आगरा की वजह से रोडवेज को सबसे अधिक राजस्व का नुकसान हुआ है। इस मार्ग के बंद होने से यूपी के 50 प्रतिशत शहरों का संपर्क टूट गया है।

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