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प्रसन्नता हमारा स्वभाव है: ऋषि नित्य

जयपुर | प्रतापनगर स्थित श्री श्री रविशंकर आश्रम में सुमेरु संध्या का आयोजन किया गया। मधुर भजनों के साथ ज्ञान को...

Danik Bhaskar | Sep 12, 2018, 04:06 AM IST
जयपुर | प्रतापनगर स्थित श्री श्री रविशंकर आश्रम में सुमेरु संध्या का आयोजन किया गया। मधुर भजनों के साथ ज्ञान को सरल रूप में समझाया गया। सत्संग के तीन अंग होते हैं ज्ञान ध्यान और गान। प्रसन्नता हमारा स्वभाव है। अप्रसन्नता के कारणों से ज्यादा महत्त्वपूर्ण है प्रसन्नता। श्री श्री रविशंकर के 22 व 23 सितंबर को जयपुर आगमन और विज्ञान भैरव कार्यक्रम की तैयारियों का जायजा लेने आए बंगलौर आश्रम आर्ट ऑफ लिविंग इंटरनेशनलल्टी ऋषि नित्य प्रज्ञ ने कहा कि आध्यात्मिकता का अर्थ है सही दिशा में सोचना।