गंभीर लापरवाही / मच्छर चुन-चुन के काट रहे, विभाग ने 500 डेंगू मरीजों का पता ही खो दिया

Mosquito bites, the department lost 500 dengue patients
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Mosquito bites, the department lost 500 dengue patients

  • जांच में पॉजिटिव मिले मरीजों के घरों में कैसे पहुंचेगा विभाग?
  • मरीज के आसपास के 50 घरों में कराना होता है सर्वे, नगर निगम को करवानी होती है फोगिंग
     

दैनिक भास्कर

Dec 04, 2019, 05:51 AM IST

जयपुर (सुरेन्द्र स्वामी). प्रदेश में डेंगू मच्छर का कहर थमने का नाम नहीं ले रहा है। हालात ये है कि अभी भी जयपुर समेत जोधपुर, कोटा, भरतपुर, सीकर, झुन्झुनू जैसे जिलों में डेंगू के न केवल पॉजिटिव बल्कि मौतें भी हो रही है।  चिकित्सा विभाग ने अस्पतालों में अाने वाले मरीजों की जांच कर बीमारी की पहचान तो कर ली है लेकिन नाम पता अौर मोबाइल नंबर नहीं होने से पकड़ से बाहर हंै। एेसे में चिकित्सा विभाग डेंगू को नियंत्रण नहीं कर पा रहे हैं। एक पॉजिटिव मामला मिलने पर आसपास के 50 घरों में सर्वे कराना अनिवार्य है।

इसके अलावा नगर निगम की अोर से फोगिंग भी होनी चाहिए। लापरवाही से से रिकॉर्ड में नाम-पता ही सही नहीं लिखा होने से अनट्रेसेबल में डाला जा रहा है।  प्रदेश भर में 500 से ज्यादा अनट्रेसेबल मरीज हैं। निदेशक जनस्वास्थ्य डॉ. केके शर्मा का कहना है कि अनट्रेसेबल डेंगू मरीजों के कारण खासी दिक्कत हो रही है। ऐसे में सर्वे, फोगिंग में भी परेशानी होती है।

भयावह स्थिति : प्रदेश में इस साल अब तक डेंगू पॉजिटिव मरीजों का आंकड़ा 14 हजार पहुंच चुका है। हालांकि सरकार बार-बार मौसमी बीमारियों के नियंत्रण के लिए निर्देश दे रही है। मौतों का आंकड़ा भी कार्ड अौर एलाइजा में फंसा हुअा है। केन्द्र सरकार की गाइडलाइन के अनुसार एलाइजा टेस्ट को ही डेंगू के लिए कन्फर्म माना जाता है।

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