राजस्थान / हिट एंड रन केस: पूर्व राजमाता गायत्री देवी के पाेते विजित सिंह दोषमुक्त, 11 साल बाद आया फैसला



विजित सिंह। विजित सिंह।
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विजित सिंह।विजित सिंह।

  • लड़के-लड़कियों के ग्रुप को कार से कुचलने का था आरोप, एक लड़की की हो गई थी मौत, चार हुए थे जख्मी
  • अभियोजन का आरोप था कि विजित सिंह गाड़ी चला रहे थे और शराब के नशे में धुत थे
  • कोर्ट में यह साबित नहीं हो पाया कि जिस गाड़ी से एक्सीडेंट हुआ, वो विजित चला रहे थे

Dainik Bhaskar

Nov 08, 2019, 12:29 AM IST

जयपुर. पूर्व राजमाता गायत्री देवी के पोते विजित सिंह को हिट एंड रन केस में दोषमुक्त करार दे दिया गया है। महानगर की एसीएमएम कोर्ट-16 ने यह फैसला सुनाया।

 

विजित सिंह पर आरोप था कि 15 दिसंबर, 2008 की रात 11 बजे टोंक रोड पर लापरवाही से कार चलाते हुए उन्होंने सड़क पार कर रहे लड़के-लड़कियों के ग्रुप को कुचला था। इसमें कोटा की एक छात्रा की मौत हो गई थी, जबकि चार अन्य घायल हुए थे। कोर्ट ने अपने फैसले में कहा कि अभियोजन पक्ष यह साबित नहीं कर पाया कि जिस वाहन से दुर्घटना हुई, उसे विजित सिंह चला रहे थे।

 

रिपोर्ट लिखाई गई, लड़के-लड़कियों के ग्रुप को कार से कुचला

परिवादी अभिमन्यु स्वामी ने थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि विजित सिंह रात 11 बजे कार से टोंक रोड से गुजर रहा था। तभी रामबाग की तरफ से उसने सड़क पार कर रहे लड़के व लड़कियों के ग्रुप को उड़ा दिया और तेजी से गाड़ी सांगानेर की तरफ भगाकर ले गया। उसका पीछा किया तो ग्लास फैक्ट्री के पास उसने उसकी कार को भी टक्कर मारी। उसने पीछा जारी रखा। गाड़ी महारानी फार्म जाकर रुकने पर गांधीनगर सीआई ने गाड़ी व चालक दोनों को पकड़ा। वाहन चालक शराब पिए हुए था।

 

पुलिस बोली- आरोपी ने कबूला था, वही कार चला रहा था

हिट एंड रन के मामले के ट्रायल के दौरान अभियोजन पक्ष के गवाह यह साबित नहीं कर पाए कि विजित सिंह ने लापरवाही से वाहन चलाकर एक्सीडेंट किया है। हालांकि, अनुसंधान अधिकारी ने अपने बयानों में कहा था कि आरोपी ने पुलिस को दिए गए बयानों में खुद वाहन चलाना बताया है। लेकिन कोर्ट ने कहा कि भारतीय साक्ष्य अधिनियम की धारा 25 के तहत पुलिस को दिए गए उस बयान को आरोपी के खिलाफ किसी भी तरह साक्ष्य में स्वीकार नहीं कर सकते।

 

आठ बजे के बाद शराब दुकानें बंद करने की पॉलिसी लाई थी सरकार

टोंक राेड पर शराब पीकर गाड़ी चलाने से हुए हादसे के बाद 2008 में ही तत्कालीन कांग्रेस सरकार रात आठ बजे बाद शराब की दुकानों को बंद करने की पॉलिसी लाई थी। तत्कालीन राज्य सरकार ने प्रदेश में रात आठ बजे बाद शराब की दुकानों को बंद करने का निर्देश जारी किया और अफसरों को सख्ती से इस आदेश का पालन करने के लिए कहा। मौजूदा राज्य सरकार ने पुन: सत्ता में आने पर जनवरी 2019 से पुन: रात आठ बजे बाद शराब की दुकानाें को बंद करने का निर्देश दिया है।

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