लेबर रूम में ऐसी अभद्र भाषा...ऐसा तिरस्कार झेलती हैं महिलाएं जिसकी कल्पना कोई नहीं कर सकता..., दर्द से जितना चीखती हैं प्रसूताएं-उतनी ज्यादा मिलती हैं गालियां / लेबर रूम में ऐसी अभद्र भाषा...ऐसा तिरस्कार झेलती हैं महिलाएं जिसकी कल्पना कोई नहीं कर सकता..., दर्द से जितना चीखती हैं प्रसूताएं-उतनी ज्यादा मिलती हैं गालियां

नहीं देखी होगी ऐसी डिलीवरी! चांटे और बाल खींचने के साथ प्रसूता के पेट पर चढ़ जाती हैं नर्सें

Dainikbhaskar.com

Feb 13, 2019, 05:27 PM IST
Rajasthan Jaipur News in hindi: Horrifying truth of labor room women delivery by nurses in Rajasthan

जयपुर. 7 जनवरी को जैसलमेर में डिलीवरी करा रहे एक कम्पाउंडर ने नवजात को इतनी जोर से खींचा कि उसके दो टुकड़े हो गए। इस घटना के बाद दैनिक भास्कर की टीम ने 28 दिन तक 13 जिलों के 98 अस्पतालों के लेबर रूम्स के अंदर का सच जाना। पड़ताल में प्रसूताओं पर होने वाली यातनाओं की खौफनाक कहानी सामने आई। महिलाएं ऐसा तिरस्कार झेलती हैं, जिसकी कोई कल्पना भी नहीं कर सकता। दर्द से वे जितना चीखती हैं, उन्हें उतनी ही ज्यादा गालियां मिलती हैं। यही नहीं, चीख को दबाने के लिए नर्स और डॉक्टर बाल खींचने से लेकर उन्हें मारने से भी नहीं चूकतीं। आइए जानते हैं लेबर रूम के खौफनाक सच के बारे में।

प्रसूता के पेट पर चढ़ गई नर्स
दिन- 23 जनवरी
समय- रात साढ़े 8 बजे
जगह- महात्मा गांधी अस्पताल, भीलवाड़ा

यहां नर्स प्रसूता के पेट पर दोनों हाथों से जोर से धक्का लगा रही थी। जब भास्कर टीम की तारा ने नर्स को कुछ बताना चाहा, तो बोली- डिलीवरी कैसे करानी है, मुझे मत सिखा। प्रसूता चीखी, तो नर्स ने उससे कहा- जितना चीखने में जोर लगा रही है उतना बच्चे को धकेलने में लगा। नहीं हो रहा तो पति को बुला ले, वह आकर जोर लगा देगा।

शाम 7.00 बजते ही प्रसव केंद्र पर लट गए ताले
दिन-
27 जनवरी
जगह- सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र, दूदू
समय- शाम 7 बजे
यहां महिला वार्ड में एक प्रसूता दर्द से और पुरुष वार्ड में एक बुजुर्ग सर्दी से कांप रहा था। यहां अंतिम डिलीवरी 24 घंटे पहले हुई थी। शाम सात बजे इस अस्पताल में सिर्फ एक नर्सिंगकर्मी मौजूद था, वह भी मोबाइल पर व्यस्त मिला। स्थानीय लोगों ने बताया कि रात में न डॉक्टर मिलते हैं न नर्स। शाम सात बजे ताला लटक जाता है।

प्रसूता से बोली नर्स- गुस्सा आया तो मार डालूंगी
दिन- 24 जनवरी
समय- रात 11.05 मिनट
जगह- महाराणा भूपाल अस्पताल, उदयपुर
प्रसूता का चीखना-चिल्लाना अचानक बढ़ जाता है। नर्स झल्लाते हुए कहती है, गुस्सा आ गया तो मार डालूंगी सा$% को। डर से प्रसूता दोनों हाथों से अपना मुंह बंद कर लेती है। लेकिन आंसू बहते रहते हैं। नर्स साथ आई परिजन को डपटते हुए करती है, यहीं पड़े रहने दो इसको। रात 1 बजे अपने आप फट जाएगी सा$%।

प्रसूताएं बिलखती रहती हैं, परिजन हाथ जोड़े खड़े रहते हैं

खमेरा, बांसवाड़ा: सफाई कर्मचारी लेबर रूम से एक महिला का प्रसव कराकर बाहर लाया। उसके कपड़े इतने गंदे थे कि मैल की पपड़ी जमी हुई थी। वार्ड का जिम्मा भी वही संभालता है। मेल नर्स धीरज मल अपने कमरे में बैठा था।

सागवाड़ा, डूंगरपुर: यहां वार्ड ब्वॉय हरीश व विनोद से मिले, दोनों प्रसूताओं की ड्रिप बदल रहे थे। हरीश बोला-18 साल हो गए...रोज मैं ही ड्रिप चेंज करता हूं। प्रसूता बोली-नर्स और डॉक्टर तो डिलिवरी के बाद से ही नहीं आए।

खेरवाड़ा, उदयपुर: वार्ड ब्वॉय रमेश चंद्र एक महिला का प्रसव करा रहा रहा था। महिला कराह रही थी तो नर्स ने बाहर से डांटा। भास्कर टीम पहुंची तो रमेश एक तरफ खड़ा हो गया। लेबर रूम के बाहर नर्स मधु व नंद मीणा मोबाइल देख रही थी।

घाटोल, बांसवाड़ा: यहां शराब के नशे में धुत सफाई कर्मचारी रामा मिला। बोला- मुझे मत सिखाओ, हजारों डिलीवरी करा चुका हूं। अंदर जो डिलीवरी करा रहा है वो हीरालाल क्या जानता है...। वो तो पैसों के लालच में डिलीवरी कराता है।

हमारी सरकार प्रसव केन्द्रों और लेबर रूम को लेकर संवेदनशील है। हमने स्वास्थ्य विभाग के आला अफसरों को निजी अस्तपालों के लेबर रूम का अध्ययन करने भेजा है। ताकि उनकी तर्ज पर सरकारी लेबर रूम के हालात सुधारे जा सकें। - रघु शर्मा, स्वास्थ्य मंत्री

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