इनसाइड स्टोरी / प्रदेश में एक साल में चार विभागों में तीसरी बार हुआ आईएएस अफसरों का तबादला

विवाद के कारण आईएएस अफसर एक विभाग में नहीं टिक पा रहे। विवाद के कारण आईएएस अफसर एक विभाग में नहीं टिक पा रहे।
X
विवाद के कारण आईएएस अफसर एक विभाग में नहीं टिक पा रहे।विवाद के कारण आईएएस अफसर एक विभाग में नहीं टिक पा रहे।

  • मंत्रियाें का विवाद सुर्खियां बनी, किरकिरी हुई तो सरकार ने अफसरों को हटाया
  • शासन ने 36 भारतीय पुलिस सेवा के अफसरों के भी तबादले किए

दैनिक भास्कर

Feb 10, 2020, 03:41 AM IST

जयपुर. मंत्रियों और आईएएस अफसरों के बीच विवाद का सिलसिला जारी है। मंत्रियों से विवादों के कारण एक बार फिर बड़े पैमाने पर आईएएस अफसरों के तबादले करने पड़े हैं। विवाद के कारण आईएएस अफसर एक विभाग में नहीं टिक पा रहे। कार्मिक विभाग की ओर से रविवार को जो सूची जारी की गई। उसकी पड़ताल करने के बाद यह तथ्य सामने आए हैं। किन-किन विभागों में एक साल में तीन बार आईएएस अफसरों को बदल दिया गया। दूसरी ओर देर रात शासन ने 36 भारतीय पुलिस सेवा के अफसरों के भी तबादले किए। 


वन एवं पर्यावरण

सबसे पहले अतिरिक्त मुख्यसचिव सुदर्शन सेठी को लगाया गया, लेकिन कुछ माह बाद उन्हें हटा दिया गया। उनके स्थान पर श्रेया गुहा को सरकार ने प्रमुख सचिव वन एवं पर्यावरण की जिम्मेदारी दी। मंत्री से विवाद के कारण अब श्रेया गुहा से वन एवं पर्यावरण की कमान लेकर एपीओ चल रहे प्रमुख सचिव सुधांश पंत को जिम्मेदारी दे दी गई है। 

खान एवं पेट्रोलियम

कांग्रेस सरकार ने आते ही तत्कालीन अतिरिक्त मुख्य सचिव सुदर्शन सेठी को लगाया था। उनके रिटायरमेंट के बाद कुछ समय के लिए संजय मल्होत्रा को जिम्मेदारी दी गई। बाद में उनके स्थान पर 1996 बैच के आईएएस दिनेश कुमार को लगाया गया, लेकिन अब उनकी भी खान मंत्री प्रमोद जैन भाया से नहीं बनी। उनके स्थान पर कुंजी लाल मीणा को खान एवं पेट्रोलियम में लगाया गया है।

ऊर्जा

सत्ता में आते ही सरकार ने नरेशपाल गंगवार को ऊर्जा की कमान दी गई। 9 महीने बाद सितंबर 2019 में गंगवार को ऊर्जा विभाग से हटा दिया। उनके स्थान पर कुंजीलाल मीना को लगाया गया। चार माह बाद ही उन्हें हटाकर 1996 बैच के आईएएस अजिताभ शर्मा को प्रदेश की ऊर्जा व्यवस्था को पटरी पर लाने की जिम्मेदारी दी गई है। प्रदेश के लिहाज से यह बेहद महत्वपूर्ण विभाग है। 

आरटीडीसी

सरकार ने आरटीडीसी में सबसे पहले एच गुइटे को एमडी लगाया था, लेकिन पर्यटन मंत्री विश्वेंद्र सिंह से विवाद के कारण उन्हें हटाना पड़ा था। लाइट एंड साउंड टेंडर को लेकर विश्वेंद्र सिंह का फिर से आरटीडीसी के एमडी केबी पांड्या से विवाद हुआ, जिसके कारण उन्हें रवाना होना पड़ा है। इस विवाद की वजह से विश्वेंद्र सिंह ने पर्यटन भवन जाना छोड़ दिया था। 

आज का राशिफल

पाएं अपना तीनों तरह का राशिफल, रोजाना