अवैध बजरी वाहन पकड़ा गया ताे जुर्माने के बाद नदी में खाली करनी हाेगी बजरी, नीलामी नहीं की जाएगी

3 वर्ष पहले
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  • हाईकोर्ट और एनजीटी ने पुलिस और खान विभाग को दिए आदेश

जयपुर (अाेमप्रकाश शर्मा). बजरी के अवैध खनन काे राेकने में विफल खान विभाग ने अब जब्त बजरी की नीलामी नहीं करने का फैसला किया है। पुलिस कार्रवाई में जाे भी अवैध बजरी पकड़ी जाएगी उसे जुर्माने के बाद नदी में उसी जगह खाली करना होगा, जहां से माफिया उसे लेकर आए। यह कार्रवाई पुलिस की निगरानी में हाेगी। इससे पहले जब्तशुदा वाहनाें में भरी बजरी काे खान विभाग के अधिकारी एक हजार रुपए प्रति टन के हिसाब से नीलाम करते थे।


हाईकोर्ट ने खान विभाग और पुलिस को इस संबंध में आदेश दिए हैं। नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (एनजीटी) भी दोनों विभागों को इन आदेशों की पालना के लिए पत्र लिख चुका है। अब खान विभाग व पुलिस अगर किसी ट्रक व ट्रैक्टर-ट्राेली काे बजरी का अवैध परिवहन करने पर पकड़ती है ताे खान विभाग के अधिकारी संबंधित पुलिस थाने में मुकदमा दर्ज कराएगी। पुलिस बजरी से भरे वाहन काे जब्त कर उसे तभी रिलीज करेेगी, जब वाहन मालिक जुर्माना राशि अाैर एनजीटी शुल्क जमा कराएगा।


खान विभाग के अधिकारियाें की माैजूदगी में वाहन मालिक काे बजरी फिर से नदी में ही खाली करनी पड़ेगी। पहले जुर्माना व एनजीटी शुल्क जमा करवाने के बाद बजरी काे निलामी में छुड़वाकर वाहन काे रिलीज करवा लेते थे।

जयपुर में 500 से ज्यादा वाहनों से रोज बजरी का अवैध परिवहन
जयपुर शहर अाैर उसके अासपास के क्षेत्र में बनास अाैर मासी नदी से माफिया करीब 500 से ज्यादा वाहनों से बजरी का परिवहन करते हैं। परिवहन के दाैरान प्रति वाहन के हिसाब से माफिया द्वारा पुलिस अाैर खान विभाग के अधिकारियाें काे 3 से 5 हजार रुपए की वसूली देने की अकसर बात सामने अाई है। एेसे में अवैध बजरी के परिवहन पर अंकुश नहीं लग पा रहा था।

एनजीटी शुल्क भी देना होगा 
बजरी से भरे वाहनाें काे जब्त करने के बाद वाहन मालिक काे जुर्माना व एनजीटी शुल्क जमा करवाने के बाद ही रिलीज किया जाएगा। काेर्ट ने कहा है- बजरी काे नीलाम न कर नदी में खाली कराया जाए। - बजरंग सिंह, एडिशनल डीसीपी, वेस्ट

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