बैग में पर्ची मिली थी- लूजर हो, खुद को साबित करने को महिला प्रोफेसर्स को गंदे मैसेज व कॉल किए

4 वर्ष पहले
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  • आरोपी ने कॉल और मैसेज के लिए यूनिवर्सिटी के रिसर्च स्कॉलर की आईडी इस्तेमाल की
  • 8वीं कक्षा में भी क्लासमेट काे पार्सल से भेज दी थीं आपत्तिजनक वस्तुएं

जयपुर. राजस्थान यूनिवर्सिटी की 40 से ज्यादा महिला प्रोफसर्स को अश्लील कॉल व मैसेज करने वाला साइको कॉलर पकड़ लिया गया है। गांधीनगर थाना पुलिस ने उसे हिसार स्थित गुुरु जम्बेश्वर यूनिवर्सिटी से पकड़ा और शुक्रवार सुबह जयपुर लाई। 16 वर्षीय आराेपी के पिता यूनिवर्सिटी में एमबीए के प्राेफेसर हैं। आराेपी जेईईई के छात्र काे मजिस्ट्रेट के सामने पेश किया गया। जहां से उसे बाल सुधार गृह भेज दिया गया। जेईईई की ऑल इंडिया रैंकिंग में वह टाॅप-30 में था।

 

ऐसे किए इंटरनेट कॉल

कुछ दिन पहले मेरे बैग में एक पर्ची मिली थी। इसमें लिखा था- तुम लूजर हो। ये देखकर अंदर ही अंदर घुटने लगा कि मैं लूजर नहीं हो सकता। उन दिनों मैं नेट पर यूनिवर्सिटी सर्च कर रहा था। राजस्थान यूनिवर्सिटी सर्च करने के दाैरान वेबसाइट पर महिला प्राेफेसर्स के नंबर, फाेटाे व एड्रेस मिले ताे खुद काे साबित करने के लिए इन महिला प्रोफसर्स को अश्लील कॉल और मैसेज भेजने लगा। इसके लिए मैंने यूनिवर्सिटी से पास आउट हो चुके एक रिसर्च स्कॉलर की आईडी और पासवर्ड इस्तेमाल किया। ताकि पकड़ में न आ सकूं। मैं इंटरनेट के जरिए उसकी आईडी से आसानी से कॉल स्कूफिंग कर लेता था। इसके बाद मोबाइल से डाटा डिलीट कर दिया।’


(जैसा डीजीपी राहुल जैन ने प्रारंभिक जांच के बाद बताया।)

 

पुराना फितूर: 8वीं कक्षा में क्लासमेट काे पार्सल से भेज दी थीं आपत्तिजनक वस्तुएं
पुलिस की पूछताछ में सामने आया कि वह सांतवीं कक्षा तक टाॅपर था। आठवीं कक्षा में एक छात्रा ने एडमिशन लिया। वह बहुत इंटेलीजेंट थी। ऐसे में आराेपी काे डर था कि कहीं वह टाॅप न कर जाए। ऐसे में उसने उसके घर पर पार्सल भेज दिए थे। पार्सल में आपत्तिजनक वस्तुएं थीं। खास बात यह है कि छात्रा आराेपी की पड़ाेसी ही थी। तब आराेपी के पिता और उसने माफी मांगी थी। इसके बाद मामला शांत हुआ था।

 

पिता बोले- मेरा बेटा ये नहीं कर सकता, सबूत दिखाए तो माने

पुलिस टीम ने आराेपी काे पकड़ने के लिए यूनिवर्सिटी परिसर में बने क्वार्टर में दबिश दी ताे वहां उसके पिता थे। बेटे की करतूताें के बारे में बताया ताे पिता कहने लगे कि उनका बेटा ऐसा नहीं कर सकता है। वह ताे बहुत इंटेलीजेंट है। तब पुलिस ने आराेपी के पिता काे उसके खिलाफ सबूत दिखाए ताे उनके हाेश उड़ गए। आराेपी छात्र तब ट्यूशन पढ़ने गया था। ऐसे में पुलिस ट्यूशन क्लास से उसे पकड़कर जयपुर लाई।

 

साइबर एक्सपर्ट की मदद ली थी

पुलिस ने साइबर एक्सपर्ट मुकेश चाैधरी की मदद ली। मुकेश ने कांस्टेबल राकेश कुमार झाझड़िया के साथ मिलकर कंपनी द्वारा उपलब्ध कराए आईपी एड्रेस लाॅग से आईपी एड्रेस चिन्हित किया। इसमें सामने आया कि आईपी एड्रेस गुरु जम्बेश्वर ऑफ साइंस एवं टेक्नाेलाेजी यूनिवर्सिटी हिसार का है।

 

^पुलिस ने महिला प्राेफेसर्स की सूचना पर पार्सल जब्त किया। आईपी एड्रेस पता किया। पार्सल हैल्थ केयर प्राेडक्ट वेबसाइट से बुकिंग हुई थी। आराेपी ने पहचान छुपाने के लिए फर्जी ई-मेल आईडी बनाई थी। सर्विस एक अमेरिकी कंपनी दे रही थी। - राहुल जैन, डीजीपी