राजस्थान / टिड्डियों के नाम पर 77 अधिकारियों का जैसलमेर ट्रांसफर, कहीं ये काले पानी की सजा तो नहीं



प्रतीकात्मक फोटो प्रतीकात्मक फोटो
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  • स्थानान्तरण चर्चा का विषय बना, जयपुर में पहली बार बनी ऐसी तबादला सूची 
  • आयुक्त ने कहा- टिड्डयों का प्रकोप अभी नहीं, एहतियात के तौर पर उठाया कदम

Dainik Bhaskar

Jun 14, 2019, 08:18 AM IST

जैसलमेर. कृषि महकमे ने दो दिन पूर्व एक आदेश निकाला, जिसमें प्रदेश भर के 77 अधिकारियों के तबादले किए गए। इन सभी को जैसलमेर में लगाया गया है। चर्चा है कि इन सभी कर्मचारियों को काले पानी की सजा के लिए जैसलमेर लगाया गया है। उधर, कृषि आयुक्त का कहना है कि जैसलमेर में टिड्डी का प्रकोप है। अभी स्थिति कंट्रोल में है, लेकिन एहतियात के तौर पर इन सभी को जैसलमेर में लगाया गया है।

 

जैसलमेर में नियुक्ति यानी काले पानी की सजा
माना जाता है कि पिछड़े जिले जैसलमेर में नियुक्ति काले पानी की सजा के बराबर है। पिछली सरकार के कार्यकाल में दो मंत्री सार्वजनिक रूप से एक अधिकारी को जैसलमेर लगाने की धमकी तक दे चुके हैं। जयपुर में बैठे उच्चाधिकारी कई बार अपने अधीनस्थ कर्मचारियों पर नाराजगी जताते हुए उन्हें जैसलमेर लगाने की धमकियां तक दे चुके हैं।  

 

संघ व भाजपा से जुड़े हो सकते हैं ये कर्मचारी 
कांग्रेस ने सत्ता संभालते ही ऐसे अधिकारियों और कर्मचारियों के तबादले किए थे, जो राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ से जुड़े रहे। इस बार कांग्रेस सरकार का पहला वार भाजपा व संघ से जुड़े अधिकारियों व कर्मचारियों पर था। संभावना यह भी है कि ये सभी 77 तबादले भी इसी बदले की भावना से किए गए हो।
 
पहली बार भरे गए हैं सारे पद 
कृषि अधिकारियों के अनुसार जैसलमेर में कृषि पर्यवेक्षक के 75 पद सृजित है। जिसमें से केवल 11 ही कार्यरत थे और 64 पद खाली थे। इस बार सभी 75 पद भर दिए गए हैं। वहीं 13 सहायक कृषि अधिकारियों के पद भी भर दिए गए हैं। ऐसे में पहली बार ऐसा हुआ है कि कृषि विभाग में कृषि पर्यवेक्षक व सहायक कृषि अधिकारियों के सभी पद भरे गए हैं। जबकि पूर्व में 70 से 80 प्रतिशत पद खाली ही रहे हैं।

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