अलर्ट / टोल फ्री नंबर पर भी मोबाइल में ओटीपी टाइप करना सुरक्षित नहीं, 4 लोगों के खाते से 2.55 लाख निकले



It is not safe to type OTP in mobile even on toll free number
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It is not safe to type OTP in mobile even on toll free number

  • मोबाइल को आईवीआर सिस्टम से जोड़कर बना रहे शिकार
  • ये खबर पढ़ना जरूरी, ताकि आप साइबर ठगी से बच सकें

Dainik Bhaskar

Jun 14, 2019, 12:27 AM IST

जयपुर. अमूमन आप टोल फ्री नंबर पर कॉल करके निर्देशों के मुताबिक नंबर दबाते हुए बेफिक्र होकर ओटीपी व पासवर्ड भी टाइप कर देते हैं। मगर सावधान हो जाएं, एसबीआई बैंक के टोल फ्री नंबर पर मोबाइल से ओटीपी टाइप कराकर एक महिला के खाते से 99 हजार रु. निकाल लिए गए। ऐसे 4 मामलों में कुल 2.55 लाख की ठगी की गई। इनमें ठग ओटीपी नहीं पूछते हैं बल्कि फोन को इंटरेक्टिव वॉयस रिस्पांस (आईवीआर) सिस्टम से जोड़कर ओटीपी नंबर डलवाकर खाते से पैसे उड़ा देते हैं।

 

केस-1 : क्रेडिट कार्ड एक्टिवेट कराने के नाम पर 99 हजार उड़ाए

 

जगह : चित्रकूट का नेमी नगर, पीड़िता : इंदरा तापडिया, झांसा : क्रेडिट कार्ड एक्टिवेटेशन...

इंदिरा ने जनवरी में एसबीआई क्रेडिट कार्ड लिया था। कार्ड एक्टिवेट करने के लिए उसे फोन आने लगे। 19 जनवरी काे प्रिया शर्मा नाम की युवती का फाेन आया। बुधवार को एफआईआर हुई है। 
जानिए, साइबर ठग ने पीड़िता को कैसे फंसाया: ‘मैं एसबीआई से बोल रही हूं, आपका क्रेडिट कार्ड एक्टिवेट कराना है। आपके मोबाइल पर एक ओटीपी आएगा, आप बता देना।  
पीड़िता बोली: ओटीपी नहीं बताऊंगी। अगले दिन फिर कॉल आया। कहा गया-ओटीपी न बताओ, आईवीआर पर खुद फीड कर दो। चालू कॉल में ही पीड़िता को बैंक के टोल फ्री नंबर पर कॉल करने को कहा गया। उसने कॉल किया तो आईवीआर के 1..2..नंबर दबाने के बाद ओटीपी डाल दिया। 2 मिनट में खाते से 99 हजार रु. मोबिकविक पर ट्रांसफर हो गए। उसने तुरंत बैंक को सूचना दी।

 

केस-2 : खाते से 63 हजार रुपए निकाले

 

पीड़ित : पवन अग्रवाल, मालवीय नगर 
क्रेडिट कार्ड के रेफरेंस से दूसरा क्रेडिट कार्ड बनवाने का प्रोसेस कर रहे थे। 11 जून को एक फोन आया। कहा गया- क्रेडिट कार्ड संबंधी जानकारी को फोन आएगा। उसे ब्योरा दे दीजिएगा। ऐसा करते ही 63 हजार रु. निकल गए।

 

केस-3 : क्रेडिट कार्ड हैक करके शॉपिंग की

 

पीड़ित : अनिल कुमार, सुभाष नगर  
क्रेडिट कार्ड हैक कर बदमाशों ने 40 हजार की ऑनलाइन शॉपिंग कर ली। 27 मई को पीड़ित के फोन पर खाते से रुपए निकलने का मैसेज आया तब उसे ठगी का पता चला। उसके क्रेडिट कार्ड से विदेश में खरीदारी हुई है।

 

केस-4 : ओटीपी लेे 30 हजार रु. ट्रांसफर

 

पीड़ित : जयसिंह, गोविंदपुरा सांगानेर  
पीड़ित के पास बुधवार सुबह एक फोन आया। कार्ड लिमिट बढ़ाने का झांसा देकर खाते संबंधी जानकारी ले ली। जयसिंह ने ओटीपी नंबर तक बता दिए। जिसके बाद खाते से 30 हजार ट्रांसफर "कर लिए गए।

 

^फोन पर न तो ओटीपी किसी को बताएं और न ही किसी टोल फ्री नंबर पर ओटीपी टाइप करें। आईवीआर में हर नंबर की अलग टोन आती है, जो अलग-अलग सिग्नल से कनेक्ट होती है। इसे हैक करके साइबर ठग खातों से पैसे निकाल सकते हैं। - आयुष भारद्वाज, साइबर एक्सपर्ट

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