जयपुर एयरपोर्ट / 88 दिनों में 73 फ्लाइट्स ऐनवक्त पर रद्द, 500 यात्री रोजाना हो रहे परेशान, देना पड़ रहा अधिक किराया

जयपुर एयरपोर्ट पर रोजाना औसतन एक फ्लाइट रद्द रहती है। जयपुर एयरपोर्ट पर रोजाना औसतन एक फ्लाइट रद्द रहती है।
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जयपुर एयरपोर्ट पर रोजाना औसतन एक फ्लाइट रद्द रहती है।जयपुर एयरपोर्ट पर रोजाना औसतन एक फ्लाइट रद्द रहती है।

  • फ्लाइट रद्द पर दूसरी फ्लाइट का डिफरेंस किराया एयरलाइंस को देना होता है, मगर देती नहीं
  • नियामक एजेंसी डीजीसीए ने भी एयरलाइंस की इस मनमर्जी पर साध रखी है चुप्पी

दैनिक भास्कर

Jan 23, 2020, 11:43 PM IST

जयपुर (शिवांग चतुर्वेदी). अगर आप हवाई सफर करने जा रहे हैं तो टिकट बुक करने से पहले एक बार सोच लें... जयपुर एयरपोर्ट पर फ्लाइट कभी भी रद्द हो जाती है। एयरलाइंस कंपनियों द्वारा फ्लाइट्स को अचानक रद्द करना आम बात हो गई है। एयरलाइंस द्वारा तकनीकी और संचालन कारणों का हवाला देते हुए एनवक्त पर फ्लाइट को रद्द कर दिया जाता है। इसके चलते यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ता है। साथ ही अधिक किराया देकर दूसरी फ्लाइट्स से जाने के लिए मजबूर होना पड़ता है।


एयरपोर्ट से वर्तमान में रोजाना 62 फ्लाइट्स का संचालन हो रहा है और पिछले 88 दिन में जब से विंटर शेड्यूल लागू हुआ है, रोजाना औसतन एक फ्लाइट रद्द रहती है। फ्लाइट रद्द और डायवर्ट होने से जयपुर एयरपोर्ट पर रोजाना करीब 500 यात्री परेशान होते हैं। विंटर शेड्यूल लागू होने के बाद 88 दिनों में 73 फ्लाइट रद्द हो चुकी हैं। हालांकि रद्द रही फ्लाइट्स से भी ज्यादा संख्या डायवर्ट होने वाली फ्लाइट्स की है।

मौसम खराब नहीं, विमानों की कमी ज्यादा

एयरलाइंस से जुड़े वरिष्ठ अधिकारी ने बताया- फ्लाइट रद्द के 90% मामलों में विमानों की कमी वजह होती है। कुछ सालों से एविएशन सेक्टर में भारी मंदी है। नियो इंजन वाले एयरबस-320 विमानों के संचालन पर प्रतिबंध ने इस समस्या को बढ़ा दिया है। एयरलाइंस एक एयरक्राफ्ट से कई रूट्स को ऑपरेट करती हैं। ऐसे में विमानों की उपयुक्त मेंटेनेंस नहीं हो पाती। विमान खराब हो रहे हैं। खराब मौसम या अन्य वजह से 10 प्रतिशत फ्लाइट ही प्रभावित होती है।


डीजीसीए को पता है, यात्री परेशान हैं
ऐनवक्त पर फ्लाइट रद्द करने पर एयरलाइंस कंपनी को नियामक एजेंसी डीजीसीए को रिपोर्ट देनी होती है, रद्द करने का कारण बताना पड़ता है। डीजीसीए एयरलाइंस की दलील से संतुष्ट न हो और फ्लाइट रद्द को आदतन मानता है तो कंपनी पर जुर्माना लगाया जाता है। इस संबंध में डीजीसीए के वरिष्ठ अधिकारी से बात की, उन्होंने बताया- विमानों की कमी के चलते एयरक्राफ्ट का मेंटेनेंस नहीं हो पा रहा। फ्लाइट अनसेफ ऑपरेशन नहीं कराया जा सकता है।

फ्लाइट रद्द मतलब, 3000 की उड़ान तत्काल 6000 में मिलेगी
एयरलाइंस द्वारा फ्लाइट को यात्रा से ठीक पहले रद्द कर दिया जाता है तो एयरलाइंस को यात्रियों को पूरा किराया रिफंड करना होता है या दूसरी फ्लाइट की व्यवस्था करनी होती है। अगर एयरलाइंस द्वारा वैकल्पिक फ्लाइट की व्यवस्था नहीं की जाती है तो उस स्थिति में यात्रियों को दूसरी फ्लाइट के किराए का अंतर देना होता है। यानी अगर रद्द की गई फ्लाइट का जयपुर-दिल्ली के बीच किराया तीन हजार लिया गया था और दूसरी फ्लाइट की तत्काल बुकिंग पर किराया छह हजार आ रहा है तो किराए का अंतर एयरलाइंस द्वारा दिए जाने का प्रावधान है। सामान्यतः एयरलाइंस ऐसा नहीं करती हैं। यात्री इस संबंध में एयरलाइंस के खिलाफ उपभोक्ता अदालत में शिकायत दर्ज कर सकते हैं।

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